एमपी में बारिश का दौर जारी: कलियासोत समेत कई बांधों के गेट खुले, नदियां उफान पर; प्रदेश में अब तक 30 इंच बारिश
मध्य प्रदेश में लगातार बारिश से बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। भोपाल के कलियासोत समेत कई बांधों के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। प्रदेश में अब तक करीब 30 इंच बारिश हो चुकी है और मौसम विभाग ने 19 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है।
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विस्तार
मध्य प्रदेश में बारिश का दौर अभी थमा नहीं है। लगातार पानी गिरने से नदियों के साथ बांधों में भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। हालात यह हैं कि कई जलाशयों से अतिरिक्त पानी निकालने के लिए गेट खोलने पड़ रहे हैं। भोपाल में कलियासोत डैम के दो गेट खोले गए हैं। शिवपुरी में मड़ीखेड़ा डैम 90.49 प्रतिशत भर चुका है। जलस्तर बढ़ने के बाद इसके चार गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं हरसी डैम के वेस्ट वियर से करीब डेढ़ फीट ऊपर पानी बह रहा है। श्योपुर का आवदा डैम भी 45 फीट की भराव क्षमता पूरी कर ओवरफ्लो हो रहा है।
एक नजर में 24 घंटे की प्रमुख बारिश
शिवपुरी: 130 मिमी - 5.1 इंच
श्योपुर: 82 मिमी - 3.2 इंच
भोपाल: 55 मिमी - 2.1 इंच
गुना: 42.6 मिमी - 1.7 इंच
नर्मदापुरम: 17.2 मिमी
पचमढ़ी: 16 मिमी
उज्जैन: 16 मिमी
सागर: 15.9 मिमी
रायसेन: 14.4 मिमी
जबलपुर: 11.8 मिमी
ग्वालियर: 11.5 मिमी
बान सुजारा के 8 गेट खुले
टीकमगढ़ के बान सुजारा बांध में भी पानी लगातार बढ़ रहा है। बांध के आठ गेट खोलकर धसान नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। चार गेट 0.75 मीटर और चार गेट 0.50 मीटर खुले हैं। यहां से करीब 668 घन मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से पानी छोड़ा जा रहा है। बांध का जलस्तर 315 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि इसकी भराव क्षमता 316.50 मीटर है।
श्योपुर में नदियों का जलस्तर बढ़ा
लगातार बारिश के कारण श्योपुर की अमराल नदी तेज बहाव के साथ उफान पर है। कूनो नदी का पानी रेशम कॉलोनी तक पहुंच चुका है। क्वारी नदी भी खतरे के निशान के करीब है। कदवाल नदी का पानी किला गेट क्षेत्र तक पहुंच गया है। नदी-नालों में पानी बढ़ने के साथ कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
भोपाल में कलियासोत के गेट खुले
भोपाल में लगातार बारिश के बाद कलियासोत डैम का जलस्तर बढ़ा। इसके बाद दो गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू की गई। राजधानी में इससे पहले भदभदा डैम से भी पानी छोड़ा गया था।
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प्रदेश में अब तक 30 इंच बारिश
मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक करीब 762.7 मिलीमीटर यानी 30 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्य बारिश करीब 816 मिलीमीटर यानी 32.1 इंच मानी जाती है। इस लिहाज से प्रदेश में अभी करीब 2.1 इंच बारिश कम है। हालांकि पिछले कुछ दिनों में हुई लगातार बारिश से कमी तेजी से घट रही है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश अब सामान्य से 3 प्रतिशत ज्यादा हो चुकी है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है।
19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 19 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है। 6 सितंबर को भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। इसके बाद 7 और 8 सितंबर को भी कुछ इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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एक महीने में 2,783 से ज्यादा लोगों का बचाव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य आपदा प्रबंधन कक्ष में बारिश और बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने में राहत और बचाव दलों की मदद से 2,783 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत-बचाव दलों को तैयार रखने और बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
