एमपी: ग्वालियर में सवर्ण समाज का संभागीय आंदोलन, यूजीसी नियमों से लेकर सवर्ण आयोग तक उठीं मांगें
ग्वालियर में सवर्ण समाज ने यूजीसी नियमों की समीक्षा, जातिगत नीतियों में बदलाव, एससी-एसटी एक्ट में संशोधन और सवर्ण आयोग के गठन की मांग को लेकर आंदोलन किया। आयोजकों ने एक लाख लोगों का दावा किया, लेकिन भीड़ दो हजार के करीब रही।
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यूजीसी के हालिया दिशा-निर्देशों, जातिगत नीतियों की समीक्षा, एससी-एसटी एक्ट में संशोधन और सवर्ण आयोग के गठन समेत विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को ग्वालियर में संभागीय स्तर का आंदोलन किया गया। सर्व संगठन और परशुराम सेवा संगठन के आह्वान पर सवर्ण समाज के लोग फूलबाग स्थित रानी लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के सामने मैदान में जुटे। आयोजकों ने आंदोलन में एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा किया था, हालांकि मौके पर जुटी भीड़ दो हजार के आसपास भी नहीं पहुंच सकी।
आंदोलन को देखते हुए ग्वालियर पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। 2 अप्रैल 2018 के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा को देखते हुए शहर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई मार्गों पर रूट डायवर्जन किया गया।
प्रदर्शनकारी संगठनों ने यूजीसी के हालिया नियमों और नीतियों की समीक्षा की मांग की। उनका आरोप है कि शिक्षा के क्षेत्र में जातिगत आधार पर विभाजन को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने इन दिशा-निर्देशों को वापस लेने की मांग की।
इसके अलावा सरकारी योजनाओं और आरक्षण व्यवस्था में सामाजिक संतुलन के लिए जातिगत नीतियों की समीक्षा की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आरक्षण का लाभ वास्तविक जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
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एससी-एसटी एक्ट में संशोधन की मांग
आंदोलन स्थल पर मौजूद राजपूत करणी सेना के मध्यप्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राजा चौहान ने एससी-एसटी एक्ट में संशोधन की मांग उठाई। उनका आरोप है कि कई मामलों में कानून का दुरुपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने के बाद सीधे कार्रवाई करने के बजाय पहले जांच का प्रावधान होना चाहिए। साथ ही गलत शिकायत साबित होने पर शिकायतकर्ता के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
सवर्ण आयोग के गठन की मांग
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में सवर्ण आयोग का गठन भी शामिल रहा। उनका कहना है कि आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति होना चाहिए, ताकि वास्तव में जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके। प्रदर्शनकारियों ने सामाजिक और आर्थिक आधार पर नीतियों की समीक्षा करने की मांग की।
700 पुलिसकर्मियों की तैनाती
ग्वालियर एसडीएम अतुल सिंह के मुताबिक, संगठन को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक शांतिपूर्ण आंदोलन की अनुमति दी गई है। प्रशासन की ओर से प्रदर्शन के दौरान आम लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
एएसपी सुजावल जग्गा ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 700 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। शहर के संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखी जा रही है। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन किया गया है।
फिलहाल फूलबाग मैदान में प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
