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ग्वालियर: कब्र खोदकर निकाला तीन माह की मासूम का शव, घर के सामने फेंकने का आरोप, गुस्साए परिजनों ने लगाया जाम
Mon, 31 Aug 2026 01:06 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: ग्वालियर ब्यूरो
Updated Mon, 31 Aug 2026 01:06 PM IST
सार
तीन माह की मासूम बच्ची की मौत के बाद उसके शव को दफनाने के बाद कुछ लोगों ने कब्र खोदकर बच्ची का शव बाहर निकालकर घर के सामने फेंक दिया। इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।
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कब्र खोदकर निकाला तीन माह की मासूम का शव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भितरवार क्षेत्र के चैतगांव में तीन माह की मासूम बच्ची की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि बच्ची को दफनाने के बाद कुछ लोगों ने कब्र खोदकर उसका शव बाहर निकाल लिया और परिजनों के घर के सामने फेंक दिया। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने बच्ची का शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया।
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मामला भितरवार के चैतगांव स्थित मुंशी का पुरा का है। जानकारी के अनुसार कृष्णा बाई और बीरबल सिंह बंजारे की तीन माह की बच्ची की सुबह बीमारी के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार के लोग अंतिम संस्कार के लिए बच्ची के शव को भीमवाड़ा नदी किनारे श्मशान क्षेत्र के पास ले गए। परिजनों के मुताबिक बच्ची के दादा चिमन सिंह बंजारा का परिवार भी नदी किनारे डेरा बनाकर रहता है। परिवार ने नदी किनारे एक खेत के पास बच्ची को दफना दिया।
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परिजनों का कहना है कि बच्ची को दफनाने के दौरान वहां खेती करने वाले कुछ गुर्जर समुदाय के लोगों ने जमीन को अपनी बताते हुए इसका विरोध किया। आरोप है कि विरोध के बावजूद परिवार बच्ची को दफनाकर वहां से घर लौट आया। इसके बाद कुछ लोगों ने कब्र खोदकर बच्ची का शव बाहर निकाला और उसे बंजारा परिवार के घर के सामने लाकर फेंक दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।
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घटना से नाराज परिजनों ने बच्ची के शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और झड़प की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर करहिया थाना पुलिस और एसडीओपी गगन हनवत मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया और सड़क से जाम हटवाया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में बच्ची के शव को दूसरी जगह दफन कराया गया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से विवादित जमीन का स्थायी सीमांकन कराने और उसे आधिकारिक रूप से मुक्तिधाम घोषित करने की मांग की है। साथ ही बच्ची के शव के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी उठाई गई है। एडिशनल एसपी देहात जयराज कुबेर के अनुसार मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि जमीन की स्थिति की जांच के लिए तहसीलदार को भेजा जाएगा। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है और जमीन के स्वामित्व तथा बच्ची के शव को कब्र से निकालने के आरोपों की जांच की जा रही है।
