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एमपी: शव के साथ कृत्य पर भड़के अघोर अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष, बोले- सनातन-अघोर परंपरा में नहीं इसका विधान

Mon, 31 Aug 2026 02:43 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Mon, 31 Aug 2026 02:43 PM IST
सार

अघोर अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु नाथ खड़ेश्वरी महाराज ने महिला अघोरी के शव से जुड़े कथित कृत्य को अधार्मिक बताया। उन्होंने कहा कि अघोर परंपरा में शव से छेड़छाड़ और मनुष्य का मांस खाने का कोई विधान नहीं है।

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Female Aghori's Act With Dead Body Is Against Aghor Tradition, Demands Action
विष्णु नाथ खड़ेश्वरी महाराज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अघोर परंपरा और सनातन धर्म की मर्यादा को लेकर अघोर अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु नाथ खड़ेश्वरी महाराज ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने हाल ही में एक महिला अघोरी (किन्नर) द्वारा शव के साथ किए गए कृत्य, शव पर तलवार से क्रिया करने और मनुष्य का मांस खाने से जुड़े कथित प्रकरण को पूरी तरह गलत और अधार्मिक बताया है।

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सनातन और अघोर परंपरा में शव से छेड़छाड़ का कोई विधान नहीं
विष्णु नाथ खड़ेश्वरी महाराज ने स्पष्ट कहा कि न तो सनातन धर्म में और न ही अघोर साधना में किसी शव के साथ तोड़फोड़ या छेड़छाड़ करने का कोई विधान है। उन्होंने कहा कि मनुष्य का मांस खाने जैसी बातें भी अघोर साधना का हिस्सा नहीं हैं। महिला अघोरी द्वारा किया गया यह कृत्य पूरी तरह गलत है और इससे समाज में अघोर साधना को लेकर गलत धारणाएं फैल रही हैं।
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काली नंद गिरी पर कार्रवाई की मांग, दी चेतावनी
किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बताने वाली काली नंद गिरी के इस कृत्य पर नाराजगी जताते हुए खड़ेश्वरी महाराज ने उनके खिलाफ कड़ी कानूनी और धार्मिक कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन और संबंधित संस्थाओं ने इस मामले में सख्त कदम नहीं उठाए, तो साधु-संत एकजुट होकर आगे की रणनीति तैयार करेंगे।

सोशल मीडिया पर गुप्त साधना का प्रदर्शन अनुचित
खड़ेश्वरी महाराज ने कहा कि अघोर साधना के तहत तंत्र-मंत्र और सिद्धियां प्राप्त करने के लिए की जाने वाली साधनाएं अत्यंत गुप्त होती हैं। ऐसी गूढ़ क्रियाओं का सार्वजनिक प्रदर्शन करना या उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करना पूरी तरह अनुचित और अघोर परंपरा के नियमों के खिलाफ है।

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