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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Former CSP Neha Pachisia embroiled in a land deal case has absconded from the Bhopal training center

MP: जमीन सौदे के मामले में फंसीं पूर्व CSP नेहा पच्चीसिया, एफआईआर; भोपाल ट्रेनिंग सेंटर से निकलते ही फरार

Sat, 22 Aug 2026 07:28 PM IST
कटनी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी Published by: कटनी ब्यूरो Updated Sat, 22 Aug 2026 07:28 PM IST
सार

कटनी की पूर्व CSP नेहा पच्चीसिया पर जमीन सौदे में दबाव बनाने के आरोप में FIR दर्ज हुई है। भोपाल ट्रेनिंग सेंटर से निकलने के बाद  पुलिस उनकी तलाश कर रही है। वहीं कटनी कोर्ट में नेहा समेत तीन आरोपियों ने अग्रिम जमानत की याचिका लगाई है।

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Former CSP Neha Pachisia embroiled in a land deal case has absconded from the Bhopal training center
नेहा पच्चीसिया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कटनी की पूर्व नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया के खिलाफ जमीन सौदे और पुलिस कार्रवाई के दबाव से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस उनकी तलाश कर रही है। एफआईआर दर्ज होने के समय नेहा पच्चीसिया भोपाल में ट्रेनिंग पर थीं। पुलिस के अनुसार, मामले की जानकारी मिलने के बाद वह ट्रेनिंग सेंटर से चली गईं और अभी तक पुलिस के सामने उपलब्ध नहीं हुई हैं। हालांकि, उन्हें आधिकारिक तौर पर भगोड़ा घोषित नहीं किया गया है। मामले के दो अन्य आरोपी भी पुलिस की पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं।

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क्या है मामला?
पूरा मामला कटनी के बहुचर्चित हत्या प्रकरण से जुड़ा है। आरोप है कि हत्या के मामले में कार्रवाई और गिरफ्तारी का दबाव बनाकर आरोपी के परिवार पर जमीन बेचने के लिए दबाव डाला गया। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि जमीन की रजिस्ट्री बाजार और गाइडलाइन मूल्य से कम कीमत पर कराई गई। इस पूरे मामले में पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं।

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पूर्व CSP नेहा पच्चीसिया के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें विभाग तक पहुंच चुकी थीं। 22 जुलाई को ट्रांसपोर्टर महेंद्र जैन ने एसपी कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दी थी। इसमें CSP पर 30 हजार रुपये की अवैध वसूली का आरोप लगाया गया था। इस शिकायत की जांच चल ही रही थी कि अगस्त में हत्या के आरोपी आकाश लोधी की शिकायत सामने आई। आकाश लोधी ने आरोप लगाया कि कन्हवारा में आदिवासी की हत्या के मामले में पुलिस कार्रवाई का दबाव बनाकर परिवार की जमीन का सौदा कराने के लिए दबाव बनाया गया। इसके बाद जांच का दायरा हत्या की विवेचना से बढ़कर जमीन सौदे तक पहुंच गया।

उस समय क्या हुआ?
मामले में उस समय विभाग की निगरानी और बढ़ गई, जब हत्या के प्रकरण में 90 दिन के भीतर चार्जशीट पेश नहीं की गई। इसके बाद जबलपुर आईजी के निर्देशन में जांच शुरू कराई गई। कटनी में हुई शुरुआती जांच में प्रथम दृष्टया अनियमितता सामने आने के बाद CSP के अधिकार क्षेत्र से माधवनगर, रंगनाथ नगर, एनकेजे और कुठला थानों की जिम्मेदारी वापस लेकर अजाक डीएसपी शिवा पाठक को सौंप दी गई।

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पच्चीसिया के खिलाफ किसे जांच सौंपी गई?
वहीं नेहा पच्चीसिया के खिलाफ जांच कटनी से हटाकर जबलपुर एएसपी अनु बेनीवाल को सौंपी गई। करीब 20 दिन चली जांच में लगभग एक दर्जन लोगों के बयान लिए गए। जमीन की रजिस्ट्री, बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद एएसपी ने अपनी रिपोर्ट आईजी को सौंपी। रिपोर्ट में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।

इसके बाद 19 अगस्त 2026 को जबलपुर आईजी के निर्देशन पर कटनी के कुठला थाना में तत्कालीन CSP नेहा पच्चीसिया समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। मामले में जमीन खरीदार मारूफ अहमद हनफी, नेहा पच्चीसिया और दोनों के बीच कथित कड़ी बताए गए क्षितिज राज बारापत्रे को आरोपी बनाया गया है।

जिस जमीन का गाइडलाइन मूल्य करीब 82.86 लाख रुपये बताया गया है, उसका सौदा कथित तौर पर 1.07 करोड़ रुपये में तय हुआ था। हालांकि, रजिस्ट्री के समय 15 लाख रुपये के चेक से भुगतान किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि जमीन का वास्तविक सौदा कितने रुपये में हुआ, कितनी रकम का भुगतान किया गया और रजिस्ट्री में कम रकम क्यों दिखाई गई।

एफआईआर दर्ज होने के समय कहां थीं पच्चीसिया?
एफआईआर दर्ज होने के समय नेहा पच्चीसिया भोपाल में ट्रेनिंग पर थीं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एफआईआर की जानकारी मिलने के बाद वह ट्रेनिंग सेंटर से चली गईं। इसके बाद से पुलिस उन्हें तलाश रही है। वहीं मामले के दो अन्य आरोपी क्षितिज राज और मारूफ अहमद हनफी भी पुलिस की पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं। मामले में कागजी और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए कटनी स्थित CSP कार्यालय को सील कर दिया गया। जांच टीम ने कार्यालय से जरूरी दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित किए हैं।

अब किसे सौंपी गई जांच?
एफआईआर के बाद मामले की आगे की विवेचना एएसपी अंजना तिवारी को सौंपी गई है। जांच टीम बैंक खातों, रजिस्ट्री दस्तावेज, कॉल डिटेल, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ रही है। वहीं नामजद आरोपियों ने गिरफ्तारी से राहत के लिए न्यायालय में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है। इस पर होने वाली सुनवाई मामले में अहम मानी जा रही है।

इस पूरे घटनाक्रम में केवल पूर्व CSP नेहा पच्चीसिया पर ही कार्रवाई नहीं हुई है। हत्या प्रकरण की जांच से जुड़े एसआई सौरभ सोनी, CSP के ड्राइवर, गनमैन समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि हत्या की विवेचना और जमीन सौदे में किस स्तर तक लापरवाही या भूमिका रही। एफआईआर दर्ज होने के बाद नेहा पच्चीसिया को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार, उन्हें कटनी से हटाकर भोपाल पुलिस मुख्यालय अटैच किया गया है, जहां नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।

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