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मध्य प्रदेश: डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ ने बचाई नव विवाहिता की जान, पेट में पल रहे बच्चे की हो गई थी मौत
Sun, 05 Dec 2021 02:35 AM IST
सुभाष कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: सुभाष कुमार
Updated Sun, 05 Dec 2021 02:35 AM IST
सार
जानकारी के मुताबिक मामला छतरपुर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र के टटम गांव का है जहां की 22 वर्षीय नव विवाहिता वर्षा राठौर पति- हृदेश राठौर को 2-3 दिनों से लगातार तेज बुखार आने पर वह उसे जिला अस्पताल लेकर गए।
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छतरपुर में एक नवविवाहिता की जान बचाने का मामला सामने आया है ।
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
छतरपुर में एक नवविवाहिता की जान बचाने का मामला सामने आया है जहां उसकी तबीयत खराब होने पर परिजन जिला अस्पताल लेकर आए थे। डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ ने उसके गर्भ से मृत बच्चे को निकालकर उसकी जान बचाई है।
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जानकारी के मुताबिक मामला छतरपुर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र के टटम गांव का है जहां की 22 वर्षीय नव विवाहिता वर्षा राठौर पति- हृदेश राठौर को 2-3 दिनों से लगातार तेज बुखार आने पर वह उसे जिला अस्पताल लेकर गए। यहां 2 दिन भर्ती रहने के और ईलाज के बाद परिजन उसे वापिस घर ले गये, जहां देर रात उसके पेट में दर्द होने पर फिर से जिला अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरी चेकअप और अल्ट्रासाउंड में पता चला कि पेट में पल रहे साढ़े छ: माह के गर्भ की मौत हो चुकी है जिसे तत्काल निकाला जाना जरूरी है वरना मृत बच्चा पेट में रहने से वह पॉयजन क्रिएट कर सकता है। डॉक्टर, नर्स और लेवर रूम स्टाफ की मदद से उसका अल्प समय में प्रसव कराकर मृत बच्चे को निकाला गया और गर्भवती की जान बचाई।
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एक्सपर्ट्स और लेवर रूम इंचार्ज वर्षा चतुर्वेदी की मानें तो उनके पास 22 साल की साढ़े छ: माह की गर्भवती वर्षा राठौर गंभीर हालत में आई थी और उसके पेट में पल रहा बच्चा मृत हो चुका था। अगर समय रहते महिला के गर्भ से मृत बच्चे को न निकला जाता तो वह पेट में पॉयजन बनकर फैल सकता था जिससे महिला की जान जा सकती थी। वह तो परिजनों के तत्काल जिला अस्पताल लाने और अस्पताल प्रशासन, डॉक्टर्स, लेवर रूम नर्सिंग स्टाफ की सूझ-बूझ और मदद से महिला का तत्काल प्रसव कराया गया और मृत बच्चे को निकाला गया जिससे उसकी जान बच सकी, फिलहाल अब महिला स्वस्थ है।
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