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Damoh News: लोगों के लिए परेशानी बने लाल मुंह के बंदर, युवक का मोबाइल छीना, फिर एक घंटे तक वीडियो देखता रहा
Thu, 14 Nov 2024 09:57 AM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Thu, 14 Nov 2024 09:57 AM IST
सार
बंदर फोन छीनने के बाद दुकानों के ऊपर इधर-उधर घूमता रहा। वहां मौजूद लोग लगातार मोबाइल पर घंटी बजाते रहे, उन्हें उम्मीद थी कि रिंगटोन सुनकर बंदर फोन छोड़ देगा। लेकिन, रिंगटोन बजने पर बंदर मोबाइल को कान से लगाकर सुनने लगा। इस तरह युवक करीब एक घंटे तक मोबाइल के लिए परेशान हुआ।
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मोबाइल देखता बंदर, लोगों की लगी भीड़
विस्तार
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा नगरीय इलाके में लाल मुंह वाले बंदरों का झुंड तेजी से बढ़ता जा रहा है। ये बंदर पूरे दिन दुकानों और घरों की छतों पर घूमते रहते हैं। अब तो ये बंदर लोगों के हाथ में दिखने वाली चीजें भी छीनने लगे हैं। बुधवार शाम को एक बंदर ने वीडियो देख रहे एक युवक का मोबाइल छीन लिया और खुद ही वीडियो देखने लगा। लगभग एक घंटे बाद, जब उसे काफी मात्रा में खाने की सामग्री दिखाई दी, तब उसने मोबाइल छोड़ा।
एक बंदर एक राहगीर के कंधे पर बैठ गया। पहले तो राहगीर डरकर भागा, लेकिन जब बंदर उसके सिर से नहीं उतरा, तो वह उसे सिर पर बैठाकर ही घूमता रहा। यह नजारा देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। गौरतलब है कि लाल मुंह वाले बंदर अब जंगली जीव की श्रेणी से बाहर हो गए हैं, इसलिए उनकी देखभाल का जिम्मा वन विभाग पर नहीं है।
बुधवार शाम को तारादेही मार्ग पर रमेश यादव की चाय की दुकान पर धनी लोधी अन्य लोगों के साथ बैठा हुआ मोबाइल पर वीडियो देख रहा था। लाल मुंह का एक बंदर दुकान की छत पर बैठा यह सब देख रहा था। अचानक वह नीचे आया और मोबाइल छीनकर ऊपर चढ़ गया और वीडियो देखने लगा।
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मोबाइल छिन जाने के बाद युवक और उसके साथियों ने बंदर से मोबाइल वापस लेने की काफी कोशिश की, लेकिन बंदर ने फोन नहीं छोड़ा। काफी समय बाद, जब बंदर ने मोबाइल छोड़ा, तब युवक ने राहत की सांस ली।
बंदर फोन छीनने के बाद दुकानों के ऊपर इधर-उधर घूमता रहा। वहां मौजूद लोग लगातार मोबाइल पर घंटी बजाते रहे, उन्हें उम्मीद थी कि रिंगटोन सुनकर बंदर फोन छोड़ देगा। लेकिन रिंगटोन बजने पर बंदर मोबाइल को कान से लगाकर सुनने लगा। यह दृश्य देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई।
इससे पहले भी बंदरों ने कई लोगों पर हमला कर उन्हें घायल किया है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ा जाए। चूंकि लाल मुंह वाले बंदर अब जंगली जीव की श्रेणी से बाहर हो गए हैं, इसलिए उनकी देखभाल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। केवल काले मुंह वाले बंदरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी वन विभाग के पास है।
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एक बंदर एक राहगीर के कंधे पर बैठ गया। पहले तो राहगीर डरकर भागा, लेकिन जब बंदर उसके सिर से नहीं उतरा, तो वह उसे सिर पर बैठाकर ही घूमता रहा। यह नजारा देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। गौरतलब है कि लाल मुंह वाले बंदर अब जंगली जीव की श्रेणी से बाहर हो गए हैं, इसलिए उनकी देखभाल का जिम्मा वन विभाग पर नहीं है।
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बुधवार शाम को तारादेही मार्ग पर रमेश यादव की चाय की दुकान पर धनी लोधी अन्य लोगों के साथ बैठा हुआ मोबाइल पर वीडियो देख रहा था। लाल मुंह का एक बंदर दुकान की छत पर बैठा यह सब देख रहा था। अचानक वह नीचे आया और मोबाइल छीनकर ऊपर चढ़ गया और वीडियो देखने लगा।
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मोबाइल छिन जाने के बाद युवक और उसके साथियों ने बंदर से मोबाइल वापस लेने की काफी कोशिश की, लेकिन बंदर ने फोन नहीं छोड़ा। काफी समय बाद, जब बंदर ने मोबाइल छोड़ा, तब युवक ने राहत की सांस ली।
बंदर फोन छीनने के बाद दुकानों के ऊपर इधर-उधर घूमता रहा। वहां मौजूद लोग लगातार मोबाइल पर घंटी बजाते रहे, उन्हें उम्मीद थी कि रिंगटोन सुनकर बंदर फोन छोड़ देगा। लेकिन रिंगटोन बजने पर बंदर मोबाइल को कान से लगाकर सुनने लगा। यह दृश्य देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई।
इससे पहले भी बंदरों ने कई लोगों पर हमला कर उन्हें घायल किया है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ा जाए। चूंकि लाल मुंह वाले बंदर अब जंगली जीव की श्रेणी से बाहर हो गए हैं, इसलिए उनकी देखभाल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। केवल काले मुंह वाले बंदरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी वन विभाग के पास है।

मोबाइल देखता बंदर, लोगों की लगी भीड़
