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Sehore: पं. प्रदीप मिश्रा ने बताया उन्नति का मार्ग, बोले- निंदा से घबराएं नहीं, यही है आपकी सफलता की सीढ़ी

Sun, 24 Sep 2023 10:09 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिहोर Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Sun, 24 Sep 2023 10:09 PM IST
सार

भागवत भूषण पंडित मिश्रा की कथा के दूसरे दिन पूरा कथास्थल तो खचाखच भरा हुआ था ही, सड़क पर बैठकर और गली में भी तीन घंटे पहले ही खड़े होकर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा सुनी।

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Crowd gathered in Sihore on the second day of Pandit Mishra's story
भागवत कथा करते पंडित प्रदीप मिश्रा। - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

चाहने वाले कम होंगे चल जाएगा, प्रेम करने वाले कम होंगे चल जाएगा, लेकिन तुम्हारी निंदा करने वाले कम नहीं होने चाहिए, क्योंकि निंदा उन्नति की सीढ़ी है। मनुष्य दूसरों की निंदा करने से अपनी उन्नति नहीं कर सकता। उन्नति तो उसकी तभी होगी, जब वह अपने चरित्र को निर्मल बनाए तथा अपने गुणों का विकास करे। बिना किसी की चिंता करें अपने लक्ष्य की प्राप्ति करना चाहिए। निंदा उसी की होती है जो प्रगति करता है, जमीन पर बैठने वाले की निंदा नहीं होती है। उक्त बातें शहर के बड़ा बाजार स्थित अग्रवाल धर्मशाला में जारी सात दिवसीय भागवत कथा के दूसरे दिन अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहीं।

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रविवार को भी कथा के दूसरे दिन पूरा कथा स्थल तो खचाखच भरा हुआ था ही, सड़क पर बैठकर और गली में भी तीन घंटे पहले ही खड़े होकर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा सुनी। भक्तों की यह आस्था और भक्ति देख कर पं. मिश्रा भी बेहद प्रसन्न हुए। उन्होंने कथा सुनाते हुए इस पर प्रसन्नता भी व्यक्त की और भक्तों को आशीर्वाद भी प्रदान किया। कथा में श्रद्धालुओं की आस्था का देखते हुए भगवान भोले इतने प्रसन्न है कि कई बार आसमान पर काले बादल मंडराए, लेकिन बारिश नहीं हुई।
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तीन कारण से मरने वाले व्यक्ति को कभी भी मुक्ति नहीं मिलती
पंडित मिश्रा ने कहा कि तीन कारण से मरने वाले व्यक्ति को कभी भी मुक्ति नहीं मिलती है। पहला, अगर कोई व्यक्ति पानी में डूब कर अपना जीवन त्यागता है। दूसरा, स्त्री या किसी नारी के कारण जान देता है और तीसरा सर्प के डंसने से मरने वाले इंसान को कभी मोक्ष नहीं मिलता है। जैसा पेट भरने के लिए भोजन की जरूरत होती है, ठीक उसी प्रकार आत्मा की तृप्ति के लिए हमें कथा का श्रवण करनी चाहिए। राजा परीक्षित को जो मुक्ति मिली थी, भागवत कथा का श्रवण करने से मिली थी।
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एक लोटा जल चढ़ाकर शिव को बताना और कहना हे भोलेनाथ, मेरे को यह समस्या आई है
भागवत भूषण पंडित मिश्रा ने कहा कि समस्या कोई भी आए, किसी को नहीं बताना, सिर्फ शिव के मंदिर जाना, शिव को बेलपत्र, एक लोटा जल चढ़ाकर शिव को बताना और कहना हे भोलेनाथ, मेरे को यह समस्या आई है। समस्या कितनी भी विकट हो, इससे मुक्ति दिलाना। आपकी सारी समस्या का समाधान होगा। भगवान शिव कल्याणकारी हैं, भगवान की भक्ति करने और शिव का जाप करने से जीवन में उन्नति होती है। शिव ही सृष्टि के रचयिता हैं। वे सभी को समभाव से देखते हैं। भगवान शिव कल्याणकारी हैं, भगवान की भक्ति करने और शिव का जाप करने से जीवन में उन्नति होती है। शिव ही सृष्टि के रचयिता हैं। वे सभी को समभाव से देखते हैं।

पति की आज्ञा की अवहेलना पर होगा उपहास
इस कथा का संदेश है कि जो नारी अपने पति की आज्ञा की अवहेलना करती है, उसका संसार में उपहास और अपमान होता है। अपमानित होकर मृत्यु का कष्ट भी वरण करना पड़ता है। व्यक्ति पूजनीय नहीं होता, उसके गुण, उसके अच्छे कार्य, उसका चरित्र, उसकी दया, उसका मनोबल पूजनीय होता है। देश के प्रति, समाज के प्रति, धर्म के प्रति उसका क्या योगदान है या नहीं। अपनी चिंता तो जानवर भी कर लेते है, यहीं काम हमारे जीवन चक्र में हम कर रहे हैं, तो फिर हमारे और जानवर में क्या फर्क रह जाता है। उन्होंने कहा कि खुद भी सम्मान से जियेंगे और औरों को भी सम्मान से जीना सिखाएंगे। भागवत कथा श्रवण मात्र से ही पाप से मुक्ति मिलती है। जैसे कि गोकर्ण ने कथा कही व उसके दुराचारी भाई धुंधकारी ने मनोयोग से सुना व उसे मोक्ष प्राप्त हो गया।


भागवत कथा एक ऐसा अमृत है, इसको कितना भी पान करें आत्मा तृप्त नहीं होती
उन्होंने कहा कि भागवत कथा का केंद्र है आनंद, आनंद में पाप का स्पर्श भी नहीं हो सकता हैं। भागवत कथा एक ऐसा अमृत है, इसको कितने भी पान करें आत्मा तृप्त नहीं होती। भक्ति के दो पुत्र हैं, पहले ज्ञान व दूसरे वैराग्य। भक्ति बड़ी दुखी थी, उसके दोनों पुत्र वृद्धावस्था में आकर भी सोए पड़े हैं। वेद वेदांत का घोल किया गया, लेकिन वे नहीं जागे। भक्ति बड़ी दुखी थी कि यदि वे नहीं जागे तो यह संसार गर्त में चला जाएगा। भागवत गीता में भगवान कृष्ण ने कहा कि भागवत कथा सुनते ही ज्ञान व वैराग्य जागृत हो जाता है। विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि सोमवार को क्विंटल फलाहारी खिचड़ी का वितरण लोक निर्माण विभाग में कार्यरत सुधीर सक्सेना के परिवार के द्वारा बड़ा बाजार के कार्नर पर किया जाएगा। श्रद्धालुओं की भीड़ देखते हुए कई लोग सेवा कार्य में लगे हुए है।

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