मप्र में लॉकडाउन: इंदौर में फालतू घूमने वालों की पिटाई, भोपाल व जबलपुर में सन्नाटा, 23 मार्च को सायरन बजाकर लेंगे संकल्प
देश में कोरोना महामारी का प्रकोप एक बार फिर बढ़ गया है। कई राज्यों में स्थिति गंभीर हो गई है। मध्यप्रदेश के तीनों शहरों भोपाल, इंदौर और जबलपुर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते शनिवार रात 10 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक के लिए लॉकडाउन लगा दिया गया है। इस दौरान आपात सेवाओं को छोड़कर अन्य के बाहर निकले पर गिरफ्तारी का प्रावधान किया गया है। इसी का असर है कि रविवार सुबह भोपाल समेत तीनों शहरों की सड़कें एकदम सूनसान नजर आईं।
इंदौर में लॉकडाउन के दौरान सड़कों पर फालतू घूमने वालों की पुलिस ने पिटाई की। इंदौर में पुलिस वाहनों से लगातार अनाउंसमेंट के बाद भी लोगों ने सड़कों पर बेवजह घूमना बंद नहीं किया। इसलिए सुबह 10 बजे बाद सख्ती शुरू कर दी। रीगल चौराहे पर फालतू घूम रहे लोगों पर पुलिस ने लाठियां फटकारीं।
शिवराज बोले-23 तारीख को यह संकल्प लिया जाएगा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि 23 मार्च को सुबह 11 बजे मध्यप्रदेश के सभी शहरों में सायरन बजेगा। जो जहां होगा, वहीं दो मिनट खड़े रहकर मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग के पालन का संकल्प लेगा। दुकानदारों से भी अपील करता हूं कि वे अपनी दुकानों के सामने दूरी रखने के लिए गोले बनाएं। गोले बनाने मैं भी निकलूंगा।
जानें क्या खुला है और क्या बंद ... मध्यप्रदेश के तीनों शहर- भोपाल, इंदौर और जबलपुर में शनिवार रात 10 बजे से सोमवार सुबह छह बजे तक कुल 32 घंटे के लिए लॉकडाउन लगाया गया है। इस दौरान केवल आपात सेवाओं को ही मंजूरी दी गई है। इस दौरान अस्पताल और मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे। लॉकडाउन के चलते भोपाल शहर में शनिवार रात दस बजे के बाद से ही सन्नाटा पसर गया। रविवार सुबह भी सड़कें सूनी नजर आईं। शहर के बाहरी सीमा समेत अंदर भी पुलिस ने करीब 128 स्थानों पर बैरिकेडिंग की है। वहीं इंदौर और जबलपुर में भी सिर्फ दूध और दवाई की दुकानें ही खुलीं नजर आईं।
Madhya Pradesh: One-day lockdown imposed in Bhopal, amid rising COVID19 cases
— ANI (@ANI) March 21, 2021
The State government has announced that lockdown will be imposed every Sunday in Indore, Bhopal & Jabalpur until further orders. Schools & colleges in these 3 cities to remain closed till 31st March pic.twitter.com/fpgMgnYft9
शराब की दुकानों समेत ये बंद
- 31 मार्च तक सभी स्कूल-कॉलेज बंद।
- अत्यावश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी दफ्तर बंद
- व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद
- किराना की दुकानें बंद
- पार्क बंद रहेंगे
- शराब की दुकानें बंद
लॉकडाउन में इन्हें रहेगी छूट
- मेडिकल स्टोर, अस्पताल
- आवश्यक वस्तुओं के परिवहन
- औद्योगिक इकाई खुली रहेगी, वहीं मजदूरों के आने-जाने में भी कोई रोक नहीं रहेगी
- नगर निगम सीमा में सार्वजनिक परिवहन हो सकेगा
नियमों के उल्लंघन पर सील होगी दुकान
मध्यप्रदेश प्रशासन लॉकडाउन के दौरान ज्यादा सख्ती बरत रहा है। दुकानदारों पर जुर्माने का आदेश जारी कर दिया है। आदेश में कहा गया है कि यदि किसी दुकानदार ने नियमों का उल्लघंन किया, तो उस पर पांच हजार रुपये का जुर्मान लगेगा। इसके बाद भी नहीं माने, तो दूसरी और तीसरी बार में दोगुना यानी 10 हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। अगर फिर भी दुकानदार नहीं माने, तो दुकानों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
बिना कारण बाहर निकले, तो सीधे जेल पहुंच जाएंगे
बता दें कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने अगले आदेश तक हर रविवार को भोपाल, इंदौर और जबलपुर में लॉकडाउन का आदेश दिया है। इसके साथ ही अब हर शनिवार को रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू भी लगा रहेगा। इसके अलावा इन तीनों शहरों के सभी स्कूल और कॉलेज 31 मार्च तक बंद रखे जाएंगे। प्रशासन ने तीनों शहरों में लॉकडाउन के दौरान धारा 188 लागू की है। इसके मुताबिक, अगर आप बिना कारण घर से निकले तो सीधे गिरफ्तार होंगे।
बंदिशों के बीच मनेगा आदिवासियों का पर्व 'भगोरिया'
मध्यप्रदेश के आदिवासी अंचलों में होली के मौके पर मनाया जाने वाला भगोरिया पर्व कोरोना के चलते बंदिशों के बीच मनाया जाएगा। इस मशहूर पर्व से जुड़े साप्ताहिक हाटों पर कई बंदिशें लगाई गई हैं।
22 से 28 मार्च तक मनेगा पर्व
फागुनी मस्ती में डूबे हजारों आदिवासियों की मौजूदगी वाले इन हाटों में भीड़ के बीच महामारी की रोकथाम करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। अधिकारियों ने बताया कि खरगोन, झाबुआ,आलीराजपुर, धार और बड़वानी जैसे आदिवासी बहुल जिलों के 100 से ज्यादा ग्रामीण स्थानों पर 22 से 28 मार्च के बीच अलग-अलग दिनों में भगोरिया हाट लगने वाले हैं। खरगोन जिले के करीब 10,000 आदिवासी रोजगार के लिए पड़ोसी महाराष्ट्र में रहते हैं और इनमें से कई लोग भगोरिया मनाने के लिए पहले ही अपने घर लौट चुके हैं। चूंकि महाराष्ट्र कोरोना वायरस संक्रमण से बुरी तरह जूझ रहा है। इसलिए हमने महाराष्ट्र से लौटे लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों के आस-पास ही भगोरिया त्योहार मनाएं और हाटों में शामिल न हों। अधिकारियों ने बताया कि झाबुआ, आलीराजपुर, धार और बड़वानी जिलों में भी भगोरिया हाटों के दौरान कोविड-19 से बचाव की हिदायतों के पालन की कोशिश की जाएगी।
मप्र हाईकोर्ट ने दिया इंतजाम का निर्देश
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने एक जनहित याचिका का निपटारा करते हुए 19 मार्च को राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि वह भगोरिया हाटों में कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएं।
क्या होता है भगोरिया पर्व?
होली के त्योहार से ठीक पहले लगने वाले भगोरिया मेलों में स्थानीय आदिवासियों के साथ ही जनजातीय समुदाय के वे हजारों लोग भी उमड़ते हैं जो आजीविका के लिए महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान जैसे पड़ोसी सूबों व अन्य राज्यों में रहते हैं। इससे पश्चिमी मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल जिलों में उत्सव का माहौल बन जाता है। आदिवासी टोलियां ढोल और मांदल (पारंपरिक बाजा) की थाप तथा बांसुरी की स्वर लहरियों पर थिरकते हुए भगोरिया हाटों में पहुंचती हैं और होली के त्योहार की जरूरी खरीदारी करने के साथ फागुनी उल्लास में डूब जाती हैं।
