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सम्मान : बाल मजदूर सुरजीत लोधी को ब्रिटेन का मिला डायना अवार्ड, कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन के बच्चे को मिला प्रतिष्ठित पुरस्कार

Tue, 29 Jun 2021 04:43 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत कुमार Updated Tue, 29 Jun 2021 04:43 PM IST
सार

कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन द्वारा संचालित बाल मित्र ग्राम के पूर्व बाल मजदूर सुरजीत लोधी को अपने गांव को नशामुक्त करने और बच्चों को अच्छी शिक्षा मुहैया कराने के लिए यह प्रतिष्ठित अवार्ड दिया गया है। सुरजीत से पहले यह अवार्ड झारखंड की चम्पा कुमारी और नीरज मुर्मू को मिल चुका है।

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Child laborer Surjit Lodhi gets Diana Award from UK Kailash Satyarthi children foundation Bal Mitra Gram
कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन के बाल मजदूर सुरजीत को मिला सम्मान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन (केएससीएफ) द्वारा संचालित बाल मित्र ग्राम के पूर्व बाल मजदूर और वर्तमान में राष्ट्रीय बाल पंचायत के उपाध्यक्ष 17 वर्षीय सुरजीत लोधी को नेक काम करने के लिए ब्रिटेन का प्रतिष्ठित डायना अवार्ड से सम्मानित किया गया है। मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के गंजबासौदा प्रखंड के शहवा बाल मित्र ग्राम (बीएमजी) के पूर्व बाल मजदूर और वर्तमान में राष्ट्रीय बाल पंचायत के उपाध्यक्ष 17 वर्षीय सुरजीत लोधी को अपने गांव को नशामुक्त करने और कमजोर तबकों के बच्चों को शिक्षित करने के लिए 2021 के प्रतिष्ठित ब्रिटेन के डायना अवार्ड से नवाजा गया है।

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25 बच्चों में से सिर्फ सुरजीत को मिला यह पुरस्कार
डायना पुरस्कार वेल्स की दिवंगत राजकुमारी डायना की स्मृति में दिया जाता है। सुरजीत दुनिया के उन 25 बच्चों में शामिल हैं जिन्हें इस गौरवशाली अवार्ड से सम्मानित किया गया। सुरजीत के प्रमाणपत्र में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि दुनिया बदलने की दिशा में उसने नई पीढ़ी को प्रेरित और गोलबंद करने का महत्वपूर्ण प्रयास किया है। कोविड संकट की वजह से उन्हें यह अवार्ड वर्चुअल माध्यम द्वारा आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया। गौरतलब है कि सुरजीत केएससीएफ द्वारा संचालित बीएमजी की चुनी हुई बाल पंचायत के ऐसे तीसरे सदस्य हैं जिसे डायना अवार्ड से सम्मानित किया गया है। सुरजीत से पहले यह अवार्ड झारखंड की चम्पा कुमारी और नीरज मुर्मू को मिल चुका है।
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सुरजीत के प्रयासों से बच्चों की मिल रही शिक्षा
सुरजीत लोधी का जन्म पिछड़ी जाति के एक गरीब परिवार में हुआ। सुरजीत के प्रयासों ने बच्चों और महिलाओं के जीवन में स्थाई परिवर्तन लाने का काम किया है। उसके गांव के अधिकांश बच्चे स्कूलों नहीं जाते थे और वे अपने माता-पिता के साथ काम करते थे। दूसरी ओर गांव के अधिकांश पुरुष शराब पर अपनी सारी कमाई खर्च कर डालते और नशे में पत्नी और बच्चों के साथ बुरा सलूक करते थे। सुरजीत के प्रयासों और संघर्ष से 120 बच्चों को स्कूल में दाखिला कराया गया और उन्हें शिक्षा प्राप्त करने में सफलता मिली। सुरजीत के प्रयास से  बच्चों का स्कूलों में नामांकन जारी है। ग्राम पंचायत के सहयोग से सुरजीत ने बाल मित्र ग्राम के अन्य बच्चों के साथ मिलकर गांवों में शराब की अवैध रूप से चल रही 5 दुकानों को बंद करवा दिया। इस तरह से गांवों में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा और महिलाओं और बच्चों को शारीरिक और मानसिक हिंसा से मुक्ति भी मिली। 

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