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छिंदवाड़ा में शर्मनाक तस्वीर: एंबुलेंस नहीं पहुंची, खटिया पर नदी पार कर अस्पताल पहुंचे जच्चा-बच्चा
Tue, 30 Jun 2026 09:13 PM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2026 09:13 PM IST
सार
छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा स्थित हथोड़ा गांव में एंबुलेंस नहीं पहुंचने से गर्भवती की घर पर डिलीवरी हुई। ग्रामीणों ने जच्चा-बच्चा को खटिया पर उफनती नदी पार कर मोटरसाइकिल से अस्पताल पहुंचाया। दोनों स्वस्थ हैं, जबकि ग्रामीण सड़क और पुल की मांग कर रहे हैं।
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चारपाई पर स्वास्थ्य व्यवस्था की फोटो
विस्तार
विकास के दावों के बीच मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से व्यवस्था को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। अमरवाड़ा विकासखंड के ग्राम हथोड़ा के लोहरी मोहल्ला में एक गर्भवती महिला को समय पर एंबुलेंस नहीं मिल सकी। मजबूरी में उसकी घर पर ही डिलीवरी करानी पड़ी। इसके बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों ने उफनती नदी को खटिया (चारपाई) के सहारे पार कराया।
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आधुनिक दौर में भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव
लोहरी मोहल्ले में करीब 20 परिवार निवास करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आज भी गांव तक पहुंचने के लिए न तो पक्की सड़क है और न ही नदी पर पुल। गांव का एकमात्र संपर्क मार्ग नदी से होकर गुजरता है। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया निर्माण की मांग को लेकर कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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एंबुलेंस नहीं पहुंची, खटिया बनी सहारा
बीते दिन गांव की एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तत्काल एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन खराब रास्ते और नदी पर पुल न होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। मजबूरी में महिला की घर पर ही डिलीवरी करानी पड़ी। डिलीवरी के बाद जच्चा-बच्चा की स्थिति को देखते हुए गांव के युवाओं ने महिला को खटिया पर लिटाकर उफनती नदी पार कराई। नदी पार करने के बाद भी सरकारी वाहन नहीं मिलने पर परिजन दोनों को मोटरसाइकिल से अस्पताल लेकर पहुंचे।
ग्रामीणों में नाराजगी
घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी है। उनका कहना है कि चुनाव के समय तो बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन बाद में कोई गांव की सुध लेने नहीं आता। ग्रामीणों ने बताया कि मानसून के दौरान स्कूली बच्चों को भी रोज इसी तरह नदी पार कर स्कूल जाना पड़ता है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही सड़क और पुलिया का निर्माण नहीं कराया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
बीएमओ ने क्या कहा
अमरवाड़ा सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. कुरुष ठाकुर ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। एंबुलेंस मौके तक क्यों नहीं पहुंच सकी, इसकी जानकारी फिलहाल उन्हें नहीं है। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस सेवा की मॉनिटरिंग भोपाल स्तर से होती है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती जच्चा और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।
