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Chhindwara News: चौरई में 35 परिवारों को चार-चार हजार रुपये में बांट दिया फर्जी पट्टा, दो लोगों पर मामला दर्ज
Mon, 14 Apr 2025 11:47 AM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
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Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो
Updated Mon, 14 Apr 2025 11:47 AM IST
सार
दोनों आरोपियों ने तहसील परिसर के एक होटल को अपना अड्डा बनाया था, जहां से ठगी का यह खेल चलता रहा। मामला तब उजागर हुआ जब कुछ ग्रामीण होम लोन के लिए बैंक पहुंचे और दस्तावेज असली न होने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
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चौरई थाना।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छिंदवाड़ा जिले के कपूर्दा गांव में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें 35 परिवारों को उनके ‘अपने घर’ का सपना दिखाकर फर्जी भू-अधिकार पट्टे थमा दिए गए। गांव के भोले-भाले लोगों को क्या पता था कि जो दस्तावेज उन्हें सरकारी लग रहे हैं उन पर सरकारी साइन भी नकली हैं और मुहर भी। चंदनवाड़ा के सुशील तिवारी और डुंगरिया के शैलेन्द्र उईके ने पट्टे बनवाने के नाम पर लोगों से 4-4 हजार रुपये लेकर फर्जी कागज थमा दिए।
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तहसील परिसर के होटल में बनाया ठिकाना
इन दोनों युवकों ने तहसील परिसर की एक होटल को अपना ठिकाना बना लिया था। वहीं बैठकर ग्रामीणों से पैसे लिए जाते थे और पट्टे तैयार होते थे। झांसा ये दिया जाता था कि सब काम सरकारी तरीके से हो रहा है। पटवारी से लेकर तहसीलदार तक के नकली साइन दस्तावेजों पर किए जाते थे।
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सपना टूटा जब घर के लिए लोन लेने पहुंचे ग्रामीण
जब कुछ ग्रामीण होम लोन लेने बैंक पहुंचे, तो असली खेल सामने आया। बैंक ने कागज़ को जांचा तो पता चला कि ये पट्टा असली नहीं है। इसके बाद तहसील में हड़कंप मच गया। एसडीएम प्रभात मिश्रा के निर्देश पर तहसीलदार प्रीति पटेल ने जांच की और पटवारी नीरज वर्मा की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। सूत्रों के मुताबिक ये कोई पहली बार नहीं है। केंद्रीय विद्यालय के पास जिन लोगों के मकान अतिक्रमण के नाम पर तोड़े गए थे वे भी इन्हीं आरोपियों से पट्टा लेकर बसे थे।
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तहसील परिसर के होटल में बनाया ठिकाना
इन दोनों युवकों ने तहसील परिसर की एक होटल को अपना ठिकाना बना लिया था। वहीं बैठकर ग्रामीणों से पैसे लिए जाते थे और पट्टे तैयार होते थे। झांसा ये दिया जाता था कि सब काम सरकारी तरीके से हो रहा है। पटवारी से लेकर तहसीलदार तक के नकली साइन दस्तावेजों पर किए जाते थे।
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सपना टूटा जब घर के लिए लोन लेने पहुंचे ग्रामीण
जब कुछ ग्रामीण होम लोन लेने बैंक पहुंचे, तो असली खेल सामने आया। बैंक ने कागज़ को जांचा तो पता चला कि ये पट्टा असली नहीं है। इसके बाद तहसील में हड़कंप मच गया। एसडीएम प्रभात मिश्रा के निर्देश पर तहसीलदार प्रीति पटेल ने जांच की और पटवारी नीरज वर्मा की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। सूत्रों के मुताबिक ये कोई पहली बार नहीं है। केंद्रीय विद्यालय के पास जिन लोगों के मकान अतिक्रमण के नाम पर तोड़े गए थे वे भी इन्हीं आरोपियों से पट्टा लेकर बसे थे।
