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छतरपुर: रात में आया सपना, सुबह मंदिर के लिए तीन एकड़ जमीन दान करने पहुंच गए बुजुर्ग, जनसुनवाई में जताई इच्छा
Thu, 05 Nov 2026 07:38 PM IST
छतरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
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Published by: छतरपुर ब्यूरो
Updated Thu, 05 Nov 2026 07:38 PM IST
सार
छतरपुर के 65 वर्षीय गणेश पटेल ने मंदिर निर्माण के लिए अपनी 3 एकड़ जमीन दान करने की इच्छा जताई है। उनका कहना है कि रात में सपना आने के बाद उन्होंने यह संकल्प लिया और अगले दिन जनसुनवाई में अधिकारियों को आवेदन सौंप दिया।
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रात में सपना आया, सवेरे मंदिर के लिए दान की जमीन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आज के दौर में जहां लोग संपत्ति और धन-संपदा जुटाने में लगे हैं, वहीं छतरपुर में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग ने अपनी 3 एकड़ जमीन मंदिर निर्माण के लिए दान करने की इच्छा जताकर अनूठी मिसाल पेश की है। मंगलवार को कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देशन में जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में सटई तहसील के ग्राम कोड़न निवासी गणेश पटेल आवेदन लेकर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों के सामने अपनी निजी जमीन मंदिर के नाम करने की इच्छा जताई। उनकी इस पहल को सुनकर जनसुनवाई में मौजूद अधिकारी और लोग भी हैरान रह गए।
रात में आया सपना, सुबह जनसुनवाई में पहुंचे
गणेश पटेल ने बताया कि उन्हें रात में सपना आया था, जिसके बाद उन्होंने अपनी 3 एकड़ जमीन भगवान के नाम करने का संकल्प लिया। इसी इच्छा को लेकर वे सुबह छतरपुर पहुंचे और जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वे अपनी जमीन मंदिर निर्माण के लिए दान करना चाहते हैं। बुजुर्ग के मुताबिक वे अपने बेटों को पांच-पांच एकड़ जमीन पहले ही दे चुके हैं। अब बची हुई जमीन में से 3 एकड़ धार्मिक और सामाजिक उद्देश्य के लिए समर्पित करना चाहते हैं।
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गणेश पटेल ने अपनी भावना व्यक्त करते हुए कहा कि वे चाहते हैं कि उनकी इस पहल से लोगों को पता चले कि कोई ऐसा व्यक्ति भी था, जिसने अपनी निजी जमीन समाज और भगवान के लिए दान की थी। उनका यह निर्णय निजी संपत्ति से ऊपर उठकर धार्मिक और सामाजिक उद्देश्य को प्राथमिकता देने का संदेश देता है।
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जिला पंचायत सीईओ ने बताया प्रेरणादायी पहल
गणेश पटेल के इस निर्णय की जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के समय में जहां अधिकांश लोग धन और संपत्ति अर्जित करने में लगे हैं, वहीं 3 एकड़ जमीन मंदिर निर्माण के लिए दान करने की इच्छा रखना सराहनीय और प्रेरणादायी है। ऐसी पहल समाज के अन्य लोगों को भी जनहित और जनकल्याण के कार्यों के लिए आगे आने की प्रेरणा देती है।
जनसुनवाई में गणेश पटेल का यह आवेदन चर्चा का विषय बना रहा। वहीं जनसुनवाई के दौरान जिलेभर से आए आवेदकों की समस्याएं भी सुनी गईं। इस दौरान कुल 126 आवेदनों पर सुनवाई कर संबंधित अधिकारियों को उनके निराकरण के निर्देश दिए गए।
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रात में आया सपना, सुबह जनसुनवाई में पहुंचे
गणेश पटेल ने बताया कि उन्हें रात में सपना आया था, जिसके बाद उन्होंने अपनी 3 एकड़ जमीन भगवान के नाम करने का संकल्प लिया। इसी इच्छा को लेकर वे सुबह छतरपुर पहुंचे और जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वे अपनी जमीन मंदिर निर्माण के लिए दान करना चाहते हैं। बुजुर्ग के मुताबिक वे अपने बेटों को पांच-पांच एकड़ जमीन पहले ही दे चुके हैं। अब बची हुई जमीन में से 3 एकड़ धार्मिक और सामाजिक उद्देश्य के लिए समर्पित करना चाहते हैं।
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गणेश पटेल ने अपनी भावना व्यक्त करते हुए कहा कि वे चाहते हैं कि उनकी इस पहल से लोगों को पता चले कि कोई ऐसा व्यक्ति भी था, जिसने अपनी निजी जमीन समाज और भगवान के लिए दान की थी। उनका यह निर्णय निजी संपत्ति से ऊपर उठकर धार्मिक और सामाजिक उद्देश्य को प्राथमिकता देने का संदेश देता है।
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जिला पंचायत सीईओ ने बताया प्रेरणादायी पहल
गणेश पटेल के इस निर्णय की जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के समय में जहां अधिकांश लोग धन और संपत्ति अर्जित करने में लगे हैं, वहीं 3 एकड़ जमीन मंदिर निर्माण के लिए दान करने की इच्छा रखना सराहनीय और प्रेरणादायी है। ऐसी पहल समाज के अन्य लोगों को भी जनहित और जनकल्याण के कार्यों के लिए आगे आने की प्रेरणा देती है।
जनसुनवाई में गणेश पटेल का यह आवेदन चर्चा का विषय बना रहा। वहीं जनसुनवाई के दौरान जिलेभर से आए आवेदकों की समस्याएं भी सुनी गईं। इस दौरान कुल 126 आवेदनों पर सुनवाई कर संबंधित अधिकारियों को उनके निराकरण के निर्देश दिए गए।
