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किसान बोला- पटवारी ने रिश्वत ली, नहीं किया काम, कलेक्टर ने सबके सामने लिया यह बड़ा फैसला

Fri, 25 Dec 2020 10:40 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर Published by: कुमार संभव Updated Fri, 25 Dec 2020 10:40 PM IST
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Chhatarpur Collector Shilendra Singh ordered patwari to return four thousand rupees bribe to farmer
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
मध्यप्रदेश में पटवारियों की घूसखोरी की आदत छिपी नहीं है। इसके खिलाफ अधिकारी कई बार कार्रवाई कर चुके हैं, लेकिन हालात जस के तस हैं। किसानों का कहना है कि पटवारी बिना रिश्वत लिए कोई काम ही नहीं करते। कई बार तो पैसे लेने के बाद भी काम नहीं किया जाता है। ऐसा ही एक मामला छतरपुर में सामने आया। दरअसल, छतरपुर कलेक्टर जनसुनवाई कर रहे थे। उस दौरान एक बुजुर्ग किसान ने बताया कि जमीन मापने के लिए पटवारी ने चार हजार रुपये लिए थे, लेकिन रिश्वत लेने के बाद भी उसने काम नहीं किया। ऐसे में कलेक्टर ने सबके सामने पटवारी को खड़ा कर दिया और तुरंत किसान के रुपये वापस करवाए। 
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कलेक्टर ने किया यह हाल
जानकारी के मुताबिक, छतरपुर कलेक्टर ने बुजुर्ग किसान की शिकायत पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने पटवारी को तुरंत ही सबके सामने खड़ा करवा दिया। कलेक्टर शीलेंद्र सिंह के तेवर देखकर पटवारी के पसीने छूट गए। इसके बाद कलेक्टर ने आदेश दिया कि किसान के रुपये तुरंत लौटाओ। ऐसे में रिश्वतखोर पटवारी ने चार हजार रुपये सबके सामने बुजुर्ग किसान को सौंप दिए।
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ताली बजाने लगे किसान
कलेक्टर के फैसले को सुनकर जनसुनवाई के लिए पहुंचे लोग खुश हो गए। वहीं, जैसे ही पटवारी ने बुजुर्ग किसान को रुपये सौंपे तो सभी लोग ताली बजाने लगे। भीड़ का उत्साह देखकर पटवारी का मुंह लटक गया और वह चुपचाप वहां खड़ा रहा।
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कलेक्टर ने दिया यह आश्वासन
जानकारी के मुताबिक, किसान के काम को लेकर भी छतरपुर कलेक्टर ने आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अगर तुम्हारा काम नहीं होता है तो दोबारा मेरे आ जाना। छतरपुर आने में जो भी खर्च होगा, वह मैं तुम्हें दूंगा। कलेक्टर की यह बात सुनकर पीड़ित किसान बेहद खुश हो गया। दरअसल, बुजुर्ग किसान गौरिहार तहसील के बरहा गांव का रहने वाला है। उसका नाम राजकुमार है।
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