कांग्रेस ने मानी मायावती की मांग, 15 साल तक के केस वापस लेगी मध्यप्रदेश सरकार
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उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती की नाराजगी के बाद कांग्रेस ने उनकी बात मान ली है। मध्यप्रदेश में कमलनाथ के कानून मंत्री पीसी शर्मा ने मंगलवार को कहा कि 2 अप्रेल 2018 में भारत बंद के दौरान जितने भी केस (एससी / एसटी एक्ट 1989) हैं और इसी तरह के भाजपा द्वारा दायर पिछले 15 वर्षों में इसी तरह के सभी मामलों को सरकार द्वारा वापस ले लिया जाएगा।
बता दें कि सोमवार को मायावती ने मध्य प्रदेश और राजस्थान की कांग्रेस सरकारों से भारत बंद के दौरान दोनों राज्यों में दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग करते हुए कहा है कि अगर ऐसा नहीं होता है तो पार्टी दोनों राज्यों की सरकारों को दे रही समर्थन पर दोबारा विचार करेगी।
उन्होंने कांग्रेस सरकारों को धमकी देते हुए कहा, ‘‘अगर कांग्रेस की नई सरकारों ने अविलम्ब उचित कार्रवाई नहीं की तो फिर बसपा को वहां की कांग्रेस सरकारों (मध्य प्रदेश व राजस्थान) को बाहर से समर्थन देने के मामले में पुनर्विचार करना पड़ सकता है।'
मायावती ने सोमवार को जारी एक बयान में आरोप लगाया, ‘‘एस.सी.-एस.टी. कानून 1989 व सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण की पूर्ण बहाली की मांग को लेकर दो अप्रैल को किए गए ‘‘भारत बंद’’ के दौरान उत्तर प्रदेश सहित भाजपा शासित राज्यों में से मध्य प्रदेश व राजस्थान में जातिगत और राजनीतिक द्वेष की भावना के तहत कार्रवाई की गई थी और निर्दोष लोगों को फंसाया गया था।’’
उन्होंने कहा कि अब मध्य प्रदेश और राजस्थान की नई कांग्रेस सरकारों को निर्दोष लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को तुरंत वापस लेना चाहिए और मुकदमों को खत्म करना चाहिए।
PC Sharma, Madhya Pradesh Law Minister: Cases filed on 2nd April 2018 ('Bharat Band' over SC/ST Act 1989) or similar cases in the last 15 years filed by the BJP will be withdrawn. pic.twitter.com/QGI6tUQhjk
— ANI (@ANI) January 1, 2019
