फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Burhanpur superintendent and principal were embezzling ration taken in name of school children

Burhanpur: स्कूली बच्चों के नाम पर लिए जा रहे राशन को डकार रहे थे अधीक्षिका-प्राचार्य, अब होगी कड़ी कार्रवाई

Tue, 11 Jun 2024 10:00 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Tue, 11 Jun 2024 10:00 PM IST
सार

स्कूली बच्चों के नाम पर लिए जा रहे राशन को अधीक्षिका और प्राचार्य डकार रहे थे। नोटिस जारी होने के बाद अब कड़ी कार्रवाई होगी।

विज्ञापन
Burhanpur superintendent and principal were embezzling ration taken in name of school children
सरकारी स्कूल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश में बुरहानपुर जिले के खकनार ब्लॉक के एक आवासीय विद्यालय में सरकारी राशन का बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां पढ़ने वाले करीब 436 छात्रों का राशन लगभग साल भर से राशन दुकान से लिया जा रहा था। जबकि छात्रों को खाना बनाकर देने का जिम्मा पिछले साल ही गुजरात की एक कैटरिंग कंपनी को दिया जा चुका था। बावजूद इसके बच्चों के नाम से सरकारी गेहूं और चावल की कालाबाजारी की जा रही थी, जिसे स्कूल का कार्यभार संभालने वाले नए प्राचार्य ने पकड़ते हुए तुरंत जिला कलेक्टर तक इसकी शिकायत पहुंचाई है। कलेक्टर ने इसको लेकर तीन दिनों में संबंधितों से जवाब मांगा है, तो वहीं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात भी कही है।

विज्ञापन


बुरहानपुर के नेपानगर से करीब आठ किलोमीटर दूर खकनार ब्लॉक में आने वाले सातपायरी गांव सथित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में बच्चों को भोजन दिए जाने के नाम पर लिए जा रहे सरकारी राशन का बड़ा घोटाला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, एकलव्य विद्यालय में जुलाई 2023 से ही शासन के जैम पोर्टल के माध्यम से गुजरात के सतनाम कैटरिंग को छात्रावास में पढ़ने वाले करीब 436 बच्चों के खाने का ठेका आवंटित किया जा चुका था। बावजूद इसके यहां छात्रावास अधीक्षिका और तत्कालीन प्राचार्य ने अब तक लगातार एक साल से मध्यान्ह भोजन के नाम पर शासकीय उचित मुल्य की दुकान से प्रतिमाह 40 क्विंटल गेहूं और चार क्विंटल चावल का नियमित आवंटन बच्चों के लिए बनाए जाने वाले भोजन के नाम पर लिया है।
विज्ञापन


दोषियों को जारी किए गए स्पष्टीकरण के नोटिस
इधर, इस घोटाले की सूचना स्कूल के नवीन प्राचार्य को मिलते ही उनके द्वारा तुरन्त जिला कलेक्टर सहित सहायक आयुक्त आदिम जाती कल्याण विभाग को इसकी शिकायत की गई है, जिसके बाद यह पूरा मामला उजागर हुआ है। वहीं, जिला कलेक्टर ने इस मामले को तत्काल संज्ञान में लेकर तत्कालीन प्राचार्य और अधीक्षिका को नोटिस जारी करते हुए तीन दिनों के भीतर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एजेंसी को किया जा रहा नौ लाख रुपये प्रति माह का भुगतान
बता दें कि जिला प्रशासन द्वारा जुलाई 2023 में जैम पोर्टल के माध्यम से संबंधित एजेंसी को ठेका दिए जाने के बाद से ही उसके द्वारा बच्चों को खाना मुहैया करवाया जा रहा था। इसको लेकर शाला प्रबंधन द्वारा संबंधित एजेंसी को प्रति माह करीब नौ लाख रुपये का भुगतान भी किया जा रहा था। बावजूद इसके तत्कालीन प्राचार्य और छात्रावास अधीक्षिका ने साठगाठ कर शासकीय राशन दुकान से हर महीने राशन का आहरण किया था, जिसकी शिकायत वर्तमान प्राचार्य सुदर्शन सेठी द्वारा जिला कलेक्टर और आदिवासी विकास विभाग को की गई है। जिला कलेक्टर भव्या मित्तल ने आदिमजाति विभाग के सहायक आयुक्त को संबधित विषय में जांच के आदेश दिए हैं।


जिला कलेक्टर बोलीं, की जाएगी कड़ी कार्रवाई
वहीं, सहायक आयुक्त द्वारा शाला के पूर्व प्राचार्य सहित तत्कालीन छात्रावास अधीक्षिका को नोटिस भी जारी किये गए हैं, जिसके अनुसार उन्हें तीन कार्य दिवस में इस सम्बंध में अपना स्पष्टीकरण देना होगा। साथ ही बताया जा रहा है कि राशन दुकान संचालक ने भी हॉस्टल अधीक्षिका और उनके सहायक पर राशन दुकान से लगातार राशन ले जाने की बात स्वीकार की है, जिसके बाद से शासकीय राशन की हो रही इस कालाबाजारी से जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया है। अनाज के आहरण और उसकी कालाबाजारी करने वाले सभी दोषियों पर जांच के बाद कड़ी कार्रवाई करने की बात जिला कलेक्टर के द्वारा कही गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed