फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   BJP Minister Tulsiram Silawat Resigned, Citing Constitutional Provisions, CM Shivraj Singh Chouhan News In Hindi

मध्यप्रदेशः उपचुनाव लड़ रहे तुलसीराम सिलावट और गोविन्द सिंह राजपूत ने मंत्री पद से दिया इस्तीफा

Wed, 21 Oct 2020 01:09 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: अनवर अंसारी Updated Wed, 21 Oct 2020 01:09 PM IST
विज्ञापन
BJP Minister Tulsiram Silawat Resigned, Citing Constitutional Provisions, CM Shivraj Singh Chouhan News In Hindi
Tulsiram Silawat - फोटो : सोशल मीडिया

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रीमंडल के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने संवैधानिक प्रावधानों के तहत राज्य के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है।

विज्ञापन


सिलावट ने 20 अक्तूबर की तिथि में लिखा अपना त्यागपत्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भेज दिया है। इसमें उन्होंने 'स्वेच्छा' से मंत्री पद छोड़ने की बात का जिक्र किया है। सिलावट ने अनुरोध किया कि त्यागपत्र 20 अक्तूबर की अपराह्न से स्वीकार कर लिया जाए। बुधवार को यह त्यागपत्र मीडिया के सामने आया है।  
विज्ञापन



उपचुनाव से पहले मध्यप्रदेश की राजनीति में काफी कुछ बदलता हुआ नजर आ रहा है। सीएम चौहान के मंत्रिमंडल में तुलसी सिलावट बिना विधायक के मंत्री बने थे। नियम के अनुसार कोई भी व्यक्ति बिना विधायक हुए मंत्री सिर्फ छह महीने तक बन सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मध्यप्रदेश में होने वाले 28 सीटों के उपचुनाव में भाजपा ने सिलावट को इंदौर जिले की सांवेर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है। उनके सामने कांग्रेस के प्रेमचंद गुड्डू हैं। राज्य में तीन नवंबर को उपचुनाव होने हैं और 10 नवंबर को नतीजे सामने आएंगे। वहीं राजपूत को सुरखी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।

बता दें कि सांवेर सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में तुलसी सिलावट ने 2018 विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। इसके बाद वह तत्कालीन कमलनाथ सरकार में मंत्री बने थे। राजनीतिक घटनाक्रमों के चलते सिलावट ने मार्च में विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के नक्शेकदम पर चलते हुए भाजपा का दामन थाम लिया था।

जानिए किन संवैधानिक प्रावधानों के तहत देना पड़ा इस्तीफा
गौरतलब है कि संविधान का अनुच्छेद 164 (4) कहता है कि कोई मंत्री, जो लगातार छह महीने की अवधि तक राज्य के विधान-मंडल का सदस्य नहीं है तो वह उस अवधि की समाप्ति के उपरांत मंत्री पद पर नहीं रहेगा।


सूबे में सात महीने पहले सत्ता परिवर्तन के बाद इन दोनों को विधानसभा की सदस्यता के बगैर 21 अप्रैल को चौहान के पांच सदस्यीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था और कोविड-19 के चलते तब से लेकर अब तक उपचुनाव नहीं हो पाने के कारण ये दोनों अब तक विधायक नहीं बन सके, जिस कारण उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ा है ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed