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Weather:लो प्रेशर एरिया, साइक्लोनिक सर्कुलेशन से कई जिलों में हुई बारिश, खजुराहो में 36.2 डिग्री पहुंचा तापमान
Wed, 09 Oct 2024 08:21 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Wed, 09 Oct 2024 08:21 PM IST
सार
बुधवार को लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्कुलेशन से धार, बुरहानपुर समेत कई जिलों में बारिश हुई। भोपाल में भी बादल,छाए रहे वहीं खजुराहो और गुना में सबसे ज्यादा 36.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश के आधे से ज्यादा जिलों में मानसून की विदाई हो चुकी है लेकिन लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्कुलेशन से कुछ जिलों में अभी भी बारिश दर्ज की जा रही है। बुधवार को धार जिले के मनावर और मांडू क्षेत्र में दोपहर में मांडू में करीब एक घंटे की बारिश हुई। वही खजुराहो और गुना का सबसे ज्यादा 36.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। ग्वालियर 35.6 डिग्री जबकि राजधानी भोपाल का 34.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया हालांकि राजधानी भोपाल में दोपहर के बाद बादल छाए रहे। इधर बुरहानपुर जिले के नेपानगर क्षेत्र में भी बारिश हुई है। अंबाड़ा गांव में तेज गरज-चमक के साथ एक घंटे तक तेज बारिश हुई।
दक्षिणी और पूर्वी हिस्से में अगले 3 दिन गरज-चमक के आसार
मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि मध्यप्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्से में अगले 3 दिन गरज-चमक के आसार हैं। अगले 24 घंटे में छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर में हल्की बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन में आसमान साफ रहेगा।जानकारी के लिए बतादें कि 21 जिलों से अभी मानसून विदा नहीं हुआ है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि 12 अक्टूबर के बाद स्थिति सामान्य होगी और बाकी जिलों से भी मानसून लौट जाएगा। उन्होंने बताया कि लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से 21 जिलों से अभी मानसून विदा नहीं हुआ है। इनमें जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के जिले शामिल हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, नर्मदापुरम और चंबल संभाग के 34 जिलों से मानसून लौट चुका है।
प्रदेश में 20 अक्टूबर के बाद ठंड के आसार
मध्य प्रदेश में 21 जून से मानसून का आगमन हुआ है उसके बाद से लगातार तेज बारिश होती रही। अब ज्यादातर जिलों में मानसून की विदाई हो गई है। मौसम विभाग की माने तो 20 अक्टूबर तक प्रदेश में ठंडक बढ़ने का अनुमान है। रात में पारा 20 डिग्री के नीचे पहुंच सकता है। हालांकि, दिन में तापमान 33-34 डिग्री के बीच ही रहेगा। अक्टूबर के आखिरी में दिन के तापमान में भी गिरावट होने लगेगी। प्रदेश में इस साल 44.1 इंच बारिश हुई है। बारिश के मामले में जबलपुर संभाग सबसे आगे रहा है। मंडला जिले में सबसे ज्यादा बारिश हुई।
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दक्षिणी और पूर्वी हिस्से में अगले 3 दिन गरज-चमक के आसार
मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि मध्यप्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्से में अगले 3 दिन गरज-चमक के आसार हैं। अगले 24 घंटे में छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर में हल्की बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन में आसमान साफ रहेगा।जानकारी के लिए बतादें कि 21 जिलों से अभी मानसून विदा नहीं हुआ है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि 12 अक्टूबर के बाद स्थिति सामान्य होगी और बाकी जिलों से भी मानसून लौट जाएगा। उन्होंने बताया कि लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से 21 जिलों से अभी मानसून विदा नहीं हुआ है। इनमें जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के जिले शामिल हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, नर्मदापुरम और चंबल संभाग के 34 जिलों से मानसून लौट चुका है।
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प्रदेश में 20 अक्टूबर के बाद ठंड के आसार
मध्य प्रदेश में 21 जून से मानसून का आगमन हुआ है उसके बाद से लगातार तेज बारिश होती रही। अब ज्यादातर जिलों में मानसून की विदाई हो गई है। मौसम विभाग की माने तो 20 अक्टूबर तक प्रदेश में ठंडक बढ़ने का अनुमान है। रात में पारा 20 डिग्री के नीचे पहुंच सकता है। हालांकि, दिन में तापमान 33-34 डिग्री के बीच ही रहेगा। अक्टूबर के आखिरी में दिन के तापमान में भी गिरावट होने लगेगी। प्रदेश में इस साल 44.1 इंच बारिश हुई है। बारिश के मामले में जबलपुर संभाग सबसे आगे रहा है। मंडला जिले में सबसे ज्यादा बारिश हुई।
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