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MP: उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारी जारी, 5882 करोड़ में होंगे यह काम, सीएम यादव बोले- पूरे विश्व में होगी गूंज
Fri, 18 Oct 2024 05:46 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: उदित दीक्षित
Updated Fri, 18 Oct 2024 05:46 PM IST
सार
सीएम मोहन यादव ने कहा- प्रदेश की पहचान धार्मिक नगरी उज्जयिनी में हर 12 वर्ष में होने वाले सिंहस्थ के रूप में होती है। ऐसे में सिंहस्थ प्रदेश ही नहीं देश के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन है। पूरे विश्व में इसकी गूंज होती है।
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सिंहस्थ-2028 के लिए 5 882 करोड़ मंजूर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश की धार्मिक और बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में साल 2028 में सिंहस्थ मेला होना है। इसे लेकर अभी से ही तैयारियां शुरू हो गईं हैं। प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव सिंहस्थ की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ लगातार बैठक कर रहे हैं। अब सरकार की ओर से सिंहस्थ-2028 के लिए होने वाले 19 कार्यों के लिए 5 हजार 882 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा- सिंहस्थ को लेकर सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। वैश्विक आयोजन सिंहस्थ के माध्यम से भारत दुनिया का नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की सभी संन्यासी परंपराओं के वैष्णव और शैव संत 12 साल में सिंहस्थ में आते हैं और भविष्य में सनातन धर्म की दिशा, आचरण और स्वरूप तय करते हैं। मानवता की स्थापना के लिए सिंहस्थ मेला 2028 में फिर से आयोजित होने वाला है। इसकी तैयारियां अभी से प्रारंभ हो चुकी हैं।
पूरे विश्व में होती है गूंज
सीएम यादव ने कहा कि देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकाल ज्योतिर्लिंग उज्जैन के महाकाल लोक और दूसरे ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। प्रदेश की पहचान धार्मिक नगरी उज्जयिनी में हर 12 वर्ष में होने वाले सिंहस्थ के रूप में होती है। ऐसे में सिंहस्थ प्रदेश ही नहीं देश के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन है। पूरे विश्व में इसकी गूंज होती है। सीएम ने कहा- सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने के लिए नए निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं।
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15 करोड़ लोगों के शामिल होने की संभावना
सीएम यादव ने कहा- सिंहस्थ को सफल बनाने के लिए अभी से तैयारियां शुरू करनी होंगी। इन सभी कार्यों को शासकीय विभागों और अन्य उपक्रमों के तालमेल के साथ पूरा करने के लिए जुटना होगा। ऐसी योजना तैयार की जाए कि क्षिप्रा नदी हर हाल में पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त हो और क्षिप्रा नदी में निरंतर शुद्ध जल का अविरल प्रवाह हो। सीएम यादव ने कहा कि सिंहस्थ-महाकुंभ में दुनिया भर से करीब 15 करोड़ लोगों के शामिल होने की संभावना है। इस वजह से उज्जैन में ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी।
19 कार्यों के लिए 5,882 करोड़ मंजूर
कैबिनेट बैठक में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर होने वाले 19 कार्यों के लिए 5,882 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। मंत्रिमंडलीय समिति ने जिन कार्यों को स्वीकृति दी है, उनमें 778 करोड़ 91 लाख रुपये के 29.21 किलोमीटर घाट निर्माण, 1,024 करोड़ 95 लाख रुपये का 30.15 किलोमीटर कान्ह नदी का डायवर्जन, 614 करोड़ 53 लाख रुपये की सिंहस्थ के लिए क्षिप्रा नदी में जल निरंतर प्रवाह योजना (सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बांध) का निर्माण, 74 करोड़ 67 लाख रुपये के क्षिप्रा नदी पर प्रस्तावित 14 बैराजों का निर्माण, 43 करोड़ 51 लाख रुपये के कान्ह नदी पर प्रस्तावित 11 बैराजों का निर्माण, 198 करोड़ रुपये से उज्जैन शहर की सीवरेज परियोजना, 250 करोड़ रुपये से अति. उच्च दाब से संबंधित कार्य के लिए नवीन ईएचवी उपकेंद्र का निर्माण, 16 करोड़ 80 लाख रुपये से अति. उच्च दाब केंद्र क्षमता वृद्धि का निर्माण, 29 करोड़ 83 लाख रुपये का नवीन 33/11 केवी का निर्माण, 4 करोड़ 50 लाख रुपये से 33 केवी लाइन एवं इंटर कनेक्शन और नवीन उपकेंद्र से संबंधित कार्य (10 किलोमीटर), 18 करोड़ 36 लाख रुपये से केवी लाइन एवं इंटर कनेक्शन और नवीन उपकेंद्र से संबंधित (80 किलोमीटर) का निर्माण और 10 करोड़ 8 लाख रुपये का भूमिगत केबल कार्य (ओंकारेश्वर बजट) का निर्माण शामिल है।
ये कार्य भी किए जाएंगे
इसी तरह 18 करोड़ रुपये का शंकराचार्य चौराहा से दत्त अखाड़ा, भूखी माता, उजड़खेड़ा हनुमान से उज्जैन-बड़नगर मार्ग का निर्माण, 18 करोड़ रुपये का खाक चौक, वीर सावरकर चौराहा, गढ़कालिका, भर्तहरी गुफा से रंजीत हनुमान तक मार्ग और क्षिप्रा नदी पर पुल का निर्माण, 40 करोड़ रुपये से सिद्धवरकूट से कैलाश खोह तक सस्पेंशन ब्रिज पहुंच मार्ग प्रोटेक्शन कार्य सहित (ओंकारेश्वर में कावेरी नदी पर पैदल पुल सहित ओंकारेश्वर घाट से सिद्धवरकूट तक पहुंच मार्ग का निर्माण), 1692 करोड़ रुपये से इंदौर-उज्जैन विद्यमान 4 लेन मार्ग का 6 लेन मय पेव्ड शोल्डर में हाईब्रिड एन्युटी मॉडल अंतर्गत उन्नयन एवं निर्माण, 950 करोड़ रुपये से इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड 4 लेन परियोजना का हाईब्रिड एन्युटी मॉडल पर निर्माण कार्य, 75 करोड़ रुपये से महाकाल लोक कॉरिडोर में स्थित फाइबर की प्रतिमाओं के स्थान पर पाषाण प्रतिमाओं का निर्माण, स्थापना, आवश्यक विकास कार्य और कुंभ संग्रहालय, काल गणना शोध केंद्र उज्जैन का अनुरक्षण और विकास कार्य शामिल है।
18 विभागों के 568 कार्यों के प्रस्ताव मिले हैं
अपर मुख्य सचिव नगरीय प्रशासन एवं आवास नीरज मंडलोई ने बताया कि अभी तक सिंहस्थ-2028 के लिए 18 विभागों के 568 कार्यों के प्रस्ताव मिले हैं, जिनकी अनुमानित लागत 15,567 करोड़ रुपये है। इन कार्यों में विभागीय, सिंहस्थ मद और बीओटी आदि के कार्य शामिल हैं। मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने जानकारी दी कि इंदौर में लव-कुश चौराहे से उज्जैन तक नवीन मेट्रो लाइन बिछाए जाने का सर्वेक्षण कार्य दिल्ली रेल मेट्रो कॉर्पोरेशन को सौंपा गया है।
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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा- सिंहस्थ को लेकर सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। वैश्विक आयोजन सिंहस्थ के माध्यम से भारत दुनिया का नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की सभी संन्यासी परंपराओं के वैष्णव और शैव संत 12 साल में सिंहस्थ में आते हैं और भविष्य में सनातन धर्म की दिशा, आचरण और स्वरूप तय करते हैं। मानवता की स्थापना के लिए सिंहस्थ मेला 2028 में फिर से आयोजित होने वाला है। इसकी तैयारियां अभी से प्रारंभ हो चुकी हैं।
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पूरे विश्व में होती है गूंज
सीएम यादव ने कहा कि देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकाल ज्योतिर्लिंग उज्जैन के महाकाल लोक और दूसरे ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। प्रदेश की पहचान धार्मिक नगरी उज्जयिनी में हर 12 वर्ष में होने वाले सिंहस्थ के रूप में होती है। ऐसे में सिंहस्थ प्रदेश ही नहीं देश के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन है। पूरे विश्व में इसकी गूंज होती है। सीएम ने कहा- सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने के लिए नए निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं।
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15 करोड़ लोगों के शामिल होने की संभावना
सीएम यादव ने कहा- सिंहस्थ को सफल बनाने के लिए अभी से तैयारियां शुरू करनी होंगी। इन सभी कार्यों को शासकीय विभागों और अन्य उपक्रमों के तालमेल के साथ पूरा करने के लिए जुटना होगा। ऐसी योजना तैयार की जाए कि क्षिप्रा नदी हर हाल में पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त हो और क्षिप्रा नदी में निरंतर शुद्ध जल का अविरल प्रवाह हो। सीएम यादव ने कहा कि सिंहस्थ-महाकुंभ में दुनिया भर से करीब 15 करोड़ लोगों के शामिल होने की संभावना है। इस वजह से उज्जैन में ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी।
19 कार्यों के लिए 5,882 करोड़ मंजूर
कैबिनेट बैठक में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर होने वाले 19 कार्यों के लिए 5,882 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। मंत्रिमंडलीय समिति ने जिन कार्यों को स्वीकृति दी है, उनमें 778 करोड़ 91 लाख रुपये के 29.21 किलोमीटर घाट निर्माण, 1,024 करोड़ 95 लाख रुपये का 30.15 किलोमीटर कान्ह नदी का डायवर्जन, 614 करोड़ 53 लाख रुपये की सिंहस्थ के लिए क्षिप्रा नदी में जल निरंतर प्रवाह योजना (सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बांध) का निर्माण, 74 करोड़ 67 लाख रुपये के क्षिप्रा नदी पर प्रस्तावित 14 बैराजों का निर्माण, 43 करोड़ 51 लाख रुपये के कान्ह नदी पर प्रस्तावित 11 बैराजों का निर्माण, 198 करोड़ रुपये से उज्जैन शहर की सीवरेज परियोजना, 250 करोड़ रुपये से अति. उच्च दाब से संबंधित कार्य के लिए नवीन ईएचवी उपकेंद्र का निर्माण, 16 करोड़ 80 लाख रुपये से अति. उच्च दाब केंद्र क्षमता वृद्धि का निर्माण, 29 करोड़ 83 लाख रुपये का नवीन 33/11 केवी का निर्माण, 4 करोड़ 50 लाख रुपये से 33 केवी लाइन एवं इंटर कनेक्शन और नवीन उपकेंद्र से संबंधित कार्य (10 किलोमीटर), 18 करोड़ 36 लाख रुपये से केवी लाइन एवं इंटर कनेक्शन और नवीन उपकेंद्र से संबंधित (80 किलोमीटर) का निर्माण और 10 करोड़ 8 लाख रुपये का भूमिगत केबल कार्य (ओंकारेश्वर बजट) का निर्माण शामिल है।
ये कार्य भी किए जाएंगे
इसी तरह 18 करोड़ रुपये का शंकराचार्य चौराहा से दत्त अखाड़ा, भूखी माता, उजड़खेड़ा हनुमान से उज्जैन-बड़नगर मार्ग का निर्माण, 18 करोड़ रुपये का खाक चौक, वीर सावरकर चौराहा, गढ़कालिका, भर्तहरी गुफा से रंजीत हनुमान तक मार्ग और क्षिप्रा नदी पर पुल का निर्माण, 40 करोड़ रुपये से सिद्धवरकूट से कैलाश खोह तक सस्पेंशन ब्रिज पहुंच मार्ग प्रोटेक्शन कार्य सहित (ओंकारेश्वर में कावेरी नदी पर पैदल पुल सहित ओंकारेश्वर घाट से सिद्धवरकूट तक पहुंच मार्ग का निर्माण), 1692 करोड़ रुपये से इंदौर-उज्जैन विद्यमान 4 लेन मार्ग का 6 लेन मय पेव्ड शोल्डर में हाईब्रिड एन्युटी मॉडल अंतर्गत उन्नयन एवं निर्माण, 950 करोड़ रुपये से इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड 4 लेन परियोजना का हाईब्रिड एन्युटी मॉडल पर निर्माण कार्य, 75 करोड़ रुपये से महाकाल लोक कॉरिडोर में स्थित फाइबर की प्रतिमाओं के स्थान पर पाषाण प्रतिमाओं का निर्माण, स्थापना, आवश्यक विकास कार्य और कुंभ संग्रहालय, काल गणना शोध केंद्र उज्जैन का अनुरक्षण और विकास कार्य शामिल है।
18 विभागों के 568 कार्यों के प्रस्ताव मिले हैं
अपर मुख्य सचिव नगरीय प्रशासन एवं आवास नीरज मंडलोई ने बताया कि अभी तक सिंहस्थ-2028 के लिए 18 विभागों के 568 कार्यों के प्रस्ताव मिले हैं, जिनकी अनुमानित लागत 15,567 करोड़ रुपये है। इन कार्यों में विभागीय, सिंहस्थ मद और बीओटी आदि के कार्य शामिल हैं। मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने जानकारी दी कि इंदौर में लव-कुश चौराहे से उज्जैन तक नवीन मेट्रो लाइन बिछाए जाने का सर्वेक्षण कार्य दिल्ली रेल मेट्रो कॉर्पोरेशन को सौंपा गया है।
