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समाधान ऑनलाइन में लापरवाही पर तीन निलंबित: 19 पर कार्यवाही, सीएम बोले- कार्य पद्धति बेहतर बनाने का करें नवाचार
Thu, 23 Oct 2025 10:46 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 23 Oct 2025 10:46 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समाधान ऑनलाइन समीक्षा में लापरवाही बरतने वाले तीन कर्मियों को निलंबित कर 19 अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। उत्कृष्ट कार्य करने वाले चार अधिकारियों की सराहना करते हुए उन्होंने नागरिकों के प्रकरणों में तत्परता से कार्य करने पर जोर दिया।
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सीएम डॉ. यादव ने समाधान ऑनलाइन की बैठक ली
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
समाधान ऑनलाइन के समीक्षा में प्रकरणों में कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले तीन कर्मियों को निलंबित करने के साथ ही सीएम डॉ. मोहन यादव ने 19 अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पांच शासकीय सेवकों की वेतन वृद्धि रोकने, छह को कारण बताओ नोटिस देने, सात प्रकरण में अनुशासनात्मक कार्यवाही और एक प्रकरण में दोषी कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय जांच की कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
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अच्छे कार्य करने वालों की सराहना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास से वीसी द्वारा समाधान ऑनलाइन के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में नागरिकों के लंबित प्रकरणों के समाधान की कार्यवाही करवाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि आम लोगों के हित में प्रशासनिक अमला दक्षता से कार्य करे। बीते महीनों में हुए श्रेष्ठ कार्यों के लिए जिला स्तर पर रायसेन एवं दतिया जिले और विभाग स्तर पर ऊर्जा विभाग प्रथम स्थान पर रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चार अधिकारियों के.के. दुबे उपनिरीक्षक थाना रावतपुरा जिला भिंड, वेंकटेश नेरकर कनिष्ठ अभियंता ऊर्जा मंडला, डॉ नंदिता निगम, विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी धार और कमलेश शुक्ला, सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग सतना को सितंबर माह में सीएम हेल्पलाइन में मिली शिकायतों के शत-प्रतिशत निराकरण के लिए उच्च प्रदर्शन के लिए बधाई दी। समाधान ऑनलाइन बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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समीक्षा में लिए गए प्रकरण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष समाधान ऑनलाइन समीक्षा बैठक में छात्रवृत्ति, आहार अनुदान, भू-अर्जन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और शिक्षकों की उपस्थिति से संबंधित प्रकरणों पर कार्रवाई हुई। अनूपपुर जिले के आवेदक सीता बैगा ने आहार अनुदान की राशि प्राप्त न होने की शिकायत की थी। आवेदक को राशि का भुगतान करवाते हुए विलंब के लिए दोषी ग्राम पंचायत सचिव के निलंबन और सहायक आयुक्त कार्यालय के दोषी शासकीय सेवक की वेतन वृद्धि रोकी गई। रीवा जिले के श्री आशीष बहेलिया की लैपटॉप की राशि का भुगतान करवाया गया। इस तरह के लंबित अन्य प्रकरणों में भी तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए गए। दोषी शासकीय सेवक के निलंबन और विभागीय जांच के निर्देश दिए गए। डिण्डोरी जिले के आवेदक श्री उज्जवल साहू की पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति का भुगतान करवाया गया। पोर्टल की समस्या के कारण इस कार्य में विलंब होना पाया गया इसके फलस्वरूप दोषियों को दंडित करने के निर्देश दिए गए हैं। मंदसौर जिले के आवेदक योगेश द्वारा प्रतिभा प्रोत्साहन योजना की राशि में विलंब के लिए भी अधिकारियों-कर्मचारियों का दायित्व निर्धारित कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए गए। डिंडोरी जिले के आवेदक अरुण यादव से सब्सिडी राशि प्राप्त नहीं होने के प्रकरण में बैंक के स्टॉफ की त्रुटि पाई गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आवेदक के हक की राशि 97 हजार 500 दिलवाते हुए विलंब के जिम्मेदार बैंक कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस प्रकरण में कुटीर एवं ग्रामोद्योग के एक अधिकारी और एक कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश
- नागरिकों के कार्यों में विलंब नहीं होना चाहिए। तत्परता से कार्य पूर्ण करें।
- शैक्षणिक परिसर में विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं मिलें, समय- समय पर कलेक्टर्स कैंपस में भ्रमण कर सुविधाओं का जायजा लें।
- प्रकरण में विलंब के लिए दोषी कर्मियों का दायित्व निर्धारित कर कार्रवाई करें।
- शासकीय विभागों के साथ बैंक के अधिकारी- कर्मचारी भी जनता के प्रति जवाबदेह हैं। इनकी लापरवाही पर भी दण्डित करने की कार्यवाही की जाए।
- कार्यालयों में शिकायतें लंबित नहीं होना चाहिए।
- जनकल्याण के सभी प्रकल्पों को सही तरीके से क्रियान्वित किया जाए।
- राशन की दुकान स्थानांतरित करने के मामले में ग्रामीण क्षेत्र में सरपंच और नगरीय क्षेत्र में पार्षद का सुझाव और सहमति ली जाना चाहिए।
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अच्छे कार्य करने वालों की सराहना
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समीक्षा में लिए गए प्रकरण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष समाधान ऑनलाइन समीक्षा बैठक में छात्रवृत्ति, आहार अनुदान, भू-अर्जन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और शिक्षकों की उपस्थिति से संबंधित प्रकरणों पर कार्रवाई हुई। अनूपपुर जिले के आवेदक सीता बैगा ने आहार अनुदान की राशि प्राप्त न होने की शिकायत की थी। आवेदक को राशि का भुगतान करवाते हुए विलंब के लिए दोषी ग्राम पंचायत सचिव के निलंबन और सहायक आयुक्त कार्यालय के दोषी शासकीय सेवक की वेतन वृद्धि रोकी गई। रीवा जिले के श्री आशीष बहेलिया की लैपटॉप की राशि का भुगतान करवाया गया। इस तरह के लंबित अन्य प्रकरणों में भी तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए गए। दोषी शासकीय सेवक के निलंबन और विभागीय जांच के निर्देश दिए गए। डिण्डोरी जिले के आवेदक श्री उज्जवल साहू की पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति का भुगतान करवाया गया। पोर्टल की समस्या के कारण इस कार्य में विलंब होना पाया गया इसके फलस्वरूप दोषियों को दंडित करने के निर्देश दिए गए हैं। मंदसौर जिले के आवेदक योगेश द्वारा प्रतिभा प्रोत्साहन योजना की राशि में विलंब के लिए भी अधिकारियों-कर्मचारियों का दायित्व निर्धारित कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए गए। डिंडोरी जिले के आवेदक अरुण यादव से सब्सिडी राशि प्राप्त नहीं होने के प्रकरण में बैंक के स्टॉफ की त्रुटि पाई गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आवेदक के हक की राशि 97 हजार 500 दिलवाते हुए विलंब के जिम्मेदार बैंक कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस प्रकरण में कुटीर एवं ग्रामोद्योग के एक अधिकारी और एक कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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- नागरिकों के कार्यों में विलंब नहीं होना चाहिए। तत्परता से कार्य पूर्ण करें।
- शैक्षणिक परिसर में विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं मिलें, समय- समय पर कलेक्टर्स कैंपस में भ्रमण कर सुविधाओं का जायजा लें।
- प्रकरण में विलंब के लिए दोषी कर्मियों का दायित्व निर्धारित कर कार्रवाई करें।
- शासकीय विभागों के साथ बैंक के अधिकारी- कर्मचारी भी जनता के प्रति जवाबदेह हैं। इनकी लापरवाही पर भी दण्डित करने की कार्यवाही की जाए।
- कार्यालयों में शिकायतें लंबित नहीं होना चाहिए।
- जनकल्याण के सभी प्रकल्पों को सही तरीके से क्रियान्वित किया जाए।
- राशन की दुकान स्थानांतरित करने के मामले में ग्रामीण क्षेत्र में सरपंच और नगरीय क्षेत्र में पार्षद का सुझाव और सहमति ली जाना चाहिए।
