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Cabinet Meeting: किसानों को राहत, मोहन सरकार का किसानों को 0% ब्याज पर फसल ऋण योजना जारी रखने का निर्णय

Thu, 23 Oct 2025 04:36 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Thu, 23 Oct 2025 04:36 PM IST
सार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में किसानों के लिए ब्याजमुक्त फसल ऋण, अस्पतालों में बिस्तर व पद बढ़ाने, मालथौन में नया न्यायालय और भूखंडों के मूल्य निर्धारण में बदलाव जैसे अहम फैसले लिए गए। सतत् विकास लक्ष्य मूल्यांकन योजना को भी मंजूरी दी गई।
 

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Cabinet Meeting: Decision to continue the scheme of providing crop loans to farmers at zero percent interest r
सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक आयोजित हुई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें किसानों के लिए ब्याजमुक्त फसल ऋण योजना जारी रखने, अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने, नए पद सृजित करने और सतत् विकास लक्ष्य (SDG) मूल्यांकन योजना को मंजूरी देने जैसे फैसले शामिल हैं। सरकार ने तय किया है कि किसानों को सहकारी बैंकों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण मिलते रहेंगे। खरीफ 2025 सीजन की अंतिम अदायगी तिथि (ड्यू डेट) 28 मार्च 2026 और रबी 2025-26 की 15 जून 2026 तय की गई है। जो किसान तय तारीख तक ऋण चुका देंगे, उन्हें 3 लाख रुपये तक के फसल ऋण पर कोई ब्याज नहीं देना होगा। सरकार किसानों को 1.5% ब्याज अनुदान और समय पर भुगतान करने वालों को अतिरिक्त 4% प्रोत्साहन ब्याज देगी। इस साल लगभग 23 हजार करोड़ रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है।
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सतत् विकास लक्ष्य (SDG) मूल्यांकन योजना को मंजूरी
प्रदेश में सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए "एसडीजी मूल्यांकन योजना" को अगले पांच वर्षों (2025-2030) के लिए मंजूरी दी गई है। योजना के तहत राज्य, जिला और विकासखंड स्तर पर प्रगति की निगरानी और मूल्यांकन किया जाएगा। हर जिले की रैंकिंग बनाई जाएगी और सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिलों को पुरस्कार राशि दी जाएगी। इसमें प्रथम जिले को 1 करोड़ रुपये, द्वितीय जिले को 75 लाख रुपये। कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा ताकि उनका विकास हो सके। योजना पर कुल 19 करोड़ 10 लाख रुपये खर्च होंगे।
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5 जिला चिकित्सालयों में बिस्तरों और पदों की बढ़ोतरी
कैबिनेट ने टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर और डिंडौरी जिला अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने और 810 नए पद सृजित करने की मंजूरी दी है। टीकमगढ़ में  300 से बढ़ाकर 500 बिस्तर, नीमच में 200 से बढ़ाकर 400 बिस्तर, सिंगरौली में 200 से बढ़ाकर 400 बिस्तर, श्योपुर में 200 से बढ़ाकर 300 बिस्तर और डिंडौरी में 100 से बढ़ाकर 200 बिस्तर बढ़ेंगे। नए पदों में 543 नियमित, 4 संविदा और 263 आउटसोर्सिंग पद शामिल हैं। इस पर हर साल करीब 39 करोड़ 50 लाख रुपये का खर्च आएगा।

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मालथौन में नया न्यायालय और पद सृजन
कैबिनेट द्वारा रजिस्ट्रार उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश जबलपुर के न्यायिक जिला सागर की तहसील मालथौन में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड स्तर के एक नवीन पद और उनके अमले अंतर्गत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 6 पद इस प्रकार कुल 7 नवीन पदों का सृजन किये जाने का निर्णय लिया गया हैं।

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भूखंडों के आरक्षित मूल्य निर्धारण में बदलाव
कैबिनेट द्वारा निवर्तन के लिए भूखण्ड का आरक्षित मूल्य कलेक्टर गाईडलाईन अनुसार शत-प्रतिशत क्षेत्रफल पर तय किये जाने का निर्णय लिया गया है। इससे राज्य शासन को अधिक राजस्व प्राप्त होगा। निर्णय अनुसार पुनर्घनत्वीकरण नीति 2022 की कंडिका 10.11 में संशोधन कर ऑफसेट मूल्य के निर्धारण में बदलाव की स्वीकृति दी गई। पहले 60% क्षेत्रफल और 100% कलेक्टर गाइडलाइन रेट पर ऑफसेट मूल्य का निर्धारण होता था, अब 100% क्षेत्रफल और 100% कलेक्टर गाइडलाइन रेट पर ऑफसेट मूल्य का निर्धारण होगा। इससे विकास कार्यों के लिये अधिक राशि उपलब्ध होगी।

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