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लाड़ली बहना योजना महिला आर्थिक सशक्तिकरण की मजबूत रीढ़ बनकर उभरी,मंत्री भूरिया बोली-दूसरे राज्यों ने भी अपनाया

Fri, 26 Dec 2025 10:32 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Fri, 26 Dec 2025 10:32 PM IST
सार

मध्यप्रदेश ने बीते दो वर्षों में महिलाओं, बच्चों की सुरक्षा और पोषण के क्षेत्र में अहम प्रगति की है। सरकार की योजनाओं से महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिली है और बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाया गया है।

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The Ladli Behna Yojana has emerged as a strong backbone of women's economic empowerment, Minister Bhuria said,
महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश ने बीते दो वर्षों में महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण और पोषण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री  निर्मला भूरिया ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में विभागीय कार्यों का विवरण साझा करते हुए कहा कि प्रदेश में Women Led Development की अवधारणा को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया गया है, जिसका सकारात्मक असर समाज के अंतिम व्यक्ति तक दिखाई दे रहा है। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना महिला आर्थिक सशक्तिकरण की मजबूत रीढ़ बनकर उभरी है। जून 2023 से दिसंबर 2025 तक योजना की 31 किस्तों का नियमित भुगतान किया गया। वर्तमान में 1 करोड़ 26 लाख से अधिक महिलाएं इससे लाभान्वित हो रही हैं और अब तक 48,632 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है। इस मॉडल को अन्य राज्यों ने भी अपनाया है।
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लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत प्रदेश में अब तक 52 लाख से अधिक बालिकाओं का पंजीयन हो चुका है। बीते दो वर्षों में 6.40 लाख बालिकाओं को 350 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन राशि दी गई है, जिससे बेटियों के भविष्य को सुरक्षित आधार मिला है। बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसी क्रम में पिंक ड्राइविंग लाइसेंस अभियान के जरिए 6,134 महिलाओं और बालिकाओं को लर्निंग लाइसेंस दिए गए। साथ ही 1,794 सफल महिलाओं और बालिकाओं को जेंडर चैंपियन के रूप में चिन्हित किया गया है, जो समाज में जागरूकता फैला रही हैं।
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सशक्त वाहिनी कार्यक्रम के माध्यम से 7 हजार से अधिक बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई गई है। वहीं, शाला त्यागी बालिकाओं को पुनः शिक्षा से जोड़ने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रदेश में संचालित 57 वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन 181 ने बीते दो वर्षों में लाखों महिलाओं को सहायता प्रदान की है। इसके अलावा 284 करोड़ रुपये की लागत से 8 वर्किंग वूमन हॉस्टल निर्माणाधीन हैं। मंत्री ने बताया कि बाल विवाह और कुपोषण के मामलों में भी उल्लेखनीय कमी आई है। डिजिटल नवाचारों के जरिए आंगनवाड़ी सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण, सुरक्षित बचपन और सुपोषण के माध्यम से मध्यप्रदेश विकसित भारत–2047 की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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