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इंदौर की एक और उपलब्धि: देश के सबसे स्वच्छ शहर के बाद अब देश में दिव्यांगता पुनर्वास के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ जिला बना
Tue, 26 Oct 2021 06:43 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Tue, 26 Oct 2021 06:43 PM IST
सार
इंदौर ने दिव्यांगजन को पुनर्वास सेवाएं प्रदान करने के क्षेत्र में देश के सर्वश्रेष्ठ जिले का राष्ट्रीय पुरस्कार जीत लिया है। विश्व दिव्यांग दिवस (3 दिसंबर 2021) को नई दिल्ली में इंदौर जिले को पुरस्कृत किया जाएगा।
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इंदौर का राजवाड़ा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अपनी स्वच्छता के लिए देश-दुनिया में अपनी खास पहचान बनाने वाले इंदौर जिले ने अपने नाम एक और उपलब्धि दर्ज की है। भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को पुनर्वास सेवाएं प्रदान करने के क्षेत्र में इंदौर जिले को सर्वश्रेष्ठ जिले के रूप में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है।
दरअसल, कलेक्टर मनीष सिंह के निर्देशन में इंदौर जिले को डिसेबल्ड फ्रेंडली बनाने के लिए विभिन्न तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों की बदौलत विश्व दिव्यांग दिवस 3 दिसंबर 2021 को इंदौर जिले को दिव्यांगता पुनर्वास के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ जिले के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
दिव्यांगजनों की ऑनलाइन काउंसलिंग
इंदौर जिले में स्थापित जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के माध्यम से साढ़े 4 हजार से अधिक दिव्यांगजनों को उपचार एवं मेडिकल सुविधाएं प्रदान की गई है। पुनर्वास केंद्र में जिले के शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, एएनएम को जिले के दिव्यांगजनों के साथ बेहतर संपर्क बनाने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षित किया जाता है। इसके अतिरिक्त पुनर्वास केंद्र द्वारा जन जागरण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। कलेक्टर मनीष सिंह के निर्देशन में कोविड-19 के दौरान लगे लॉकडाउन में इंदौर जिले में फंसे 275 से अधिक छात्रों एवं मजदूरों को उनके गृह जिले एवं राज्य भेजा गया था। इसी दौरान दिव्यांगजन हेल्पलाइन द्वारा 500 से अधिक दिव्यांगजनों की ऑनलाइन काउंसलिंग की गई थी।
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मप्र का पहला जिला जहां दृष्टिबाधित छात्राओं के लिए स्मार्ट क्लासेस
इतना ही नहीं इंदौर में दिव्यांग छात्र-छात्राओं को प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष कोचिंग क्लासेस भी आयोजित की जाती हैं। इंदौर मध्य प्रदेश का ऐसा पहला जिला है जहां छठी कक्षा के दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं के लिए स्मार्ट क्लासेस भी आयोजित की जा रही हैं। इंदौर में ज्यादा से ज्यादा दिव्यांगजनों को यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड भी वितरित किए जा रहे हैं। जिले में संचालित किए जा रहे 32 विशेष विद्यालयों में 3 हजार 200 से अधिक दिव्यांग छात्र-छात्राओं को शिक्षित किया जा रहा है। इसी दिशा में दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए 2 छात्रावास भी जिले में स्थापित किए गए हैं।
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दरअसल, कलेक्टर मनीष सिंह के निर्देशन में इंदौर जिले को डिसेबल्ड फ्रेंडली बनाने के लिए विभिन्न तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों की बदौलत विश्व दिव्यांग दिवस 3 दिसंबर 2021 को इंदौर जिले को दिव्यांगता पुनर्वास के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ जिले के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
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दिव्यांगजनों की ऑनलाइन काउंसलिंग
इंदौर जिले में स्थापित जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के माध्यम से साढ़े 4 हजार से अधिक दिव्यांगजनों को उपचार एवं मेडिकल सुविधाएं प्रदान की गई है। पुनर्वास केंद्र में जिले के शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, एएनएम को जिले के दिव्यांगजनों के साथ बेहतर संपर्क बनाने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षित किया जाता है। इसके अतिरिक्त पुनर्वास केंद्र द्वारा जन जागरण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। कलेक्टर मनीष सिंह के निर्देशन में कोविड-19 के दौरान लगे लॉकडाउन में इंदौर जिले में फंसे 275 से अधिक छात्रों एवं मजदूरों को उनके गृह जिले एवं राज्य भेजा गया था। इसी दौरान दिव्यांगजन हेल्पलाइन द्वारा 500 से अधिक दिव्यांगजनों की ऑनलाइन काउंसलिंग की गई थी।
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मप्र का पहला जिला जहां दृष्टिबाधित छात्राओं के लिए स्मार्ट क्लासेस
इतना ही नहीं इंदौर में दिव्यांग छात्र-छात्राओं को प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष कोचिंग क्लासेस भी आयोजित की जाती हैं। इंदौर मध्य प्रदेश का ऐसा पहला जिला है जहां छठी कक्षा के दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं के लिए स्मार्ट क्लासेस भी आयोजित की जा रही हैं। इंदौर में ज्यादा से ज्यादा दिव्यांगजनों को यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड भी वितरित किए जा रहे हैं। जिले में संचालित किए जा रहे 32 विशेष विद्यालयों में 3 हजार 200 से अधिक दिव्यांग छात्र-छात्राओं को शिक्षित किया जा रहा है। इसी दिशा में दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए 2 छात्रावास भी जिले में स्थापित किए गए हैं।
