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Bhopal News: व्यापमं घोटाला; फर्जी दस्तावेज के दम पर सरकारी डॉक्टर बने सीताराम शर्मा को तीन साल की सजा

Fri, 30 Jan 2026 09:06 PM IST
भोपाल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: भोपाल ब्यूरो Updated Fri, 30 Jan 2026 09:06 PM IST
सार

फर्जी मूल निवासी प्रमाण पत्र के आधार पर मेडिकल सीट लेकर सरकारी डॉक्टर बने डॉ. सीताराम शर्मा को भोपाल अदालत ने दोषी ठहराया। व्यापमं घोटाले से जुड़े इस मामले में अदालत ने तीन वर्ष का सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। 

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Sitaram Sharma became a doctor on basis of fake documents, court sentenced to 3 years in jail in Vyapam case
भोपाल जिला अदालत

विस्तार

 फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मेडिकल सीट हासिल कर सरकारी डॉक्टर बने शख्स को भोपाल की अदालत ने दोषी करार दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल सक्सेना की अदालत ने आरोपी डॉ. सीताराम शर्मा को तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यह मामला बहुचर्चित व्यापमं घोटाले से जुड़ी एक महत्वपूर्ण कड़ी है। 
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दोषी डॉ. सीताराम शर्मा वर्तमान में जिला भिंड के शासकीय चिकित्सालय में चिकित्सा अधिकारी के पद पर पदस्थ है। अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने वर्ष 2009 में पीएमटी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मध्य प्रदेश के राज्य कोटे का अवैध लाभ लेने के उद्देश्य से मुरैना जिले की अंबाह तहसील का कूटरचित (फर्जी) मूल निवासी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। 
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मूल रूप से यूपी का रहने वाला
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश का निवासी है। उसने अपनी हाईस्कूल (1984) और इंटरमीडिएट (2001) की शिक्षा उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद से प्राप्त की थी। अंबाह तहसील के अभिलेखों की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी के नाम से कोई भी मूल निवासी प्रमाण पत्र कभी जारी नहीं किया गया था। 

दिग्विजय सिंह ने की थी शिकायत
इस फर्जीवाड़े का खुलासा राज्यसभा सांसद एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री दिग्विजय सिंह की शिकायत के बाद हुआ, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थी फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से मध्य प्रदेश की मेडिकल सीटों पर कब्जा कर रहे हैं। प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक आकिल खान एवं सुधा विजय सिंह भदौरिया ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा, जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया।
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