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एमपी में नो-यूपीआई डे: भोपाल में स्कैनर पर काला कपड़ा, व्यापारी बोले- 15 अक्टूबर का एमडीआर प्रस्ताव वापस लें

Wed, 23 Sep 2026 02:58 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Wed, 23 Sep 2026 02:58 PM IST
सार

 भोपाल में व्यापारियों ने 15 अक्टूबर से प्रस्तावित यूपीआई एमडीआर के विरोध में स्कैनर पर काला कपड़ा डालकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने 2 हजार रुपए से अधिक के भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क को स्थगित करने की मांग की है। चौक बाजार व्यापारी संघ ने भी बुधवार को यूपीआई भुगतान नहीं लेने की बात कही।

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'No-UPI Day' in MP: Scanners covered with black cloth in Bhopal; traders demand withdrawal of the October 15 M
एमडीआर का विरोध - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश में बुधवार को व्यापारियों ने यूपीआई पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) के विरोध में नो-यूपीआई डे मनाया। भोपाल में थोक किराना बाजार, चौक बाजार समेत कई इलाकों में व्यापारियों ने यूपीआई स्कैनर और साउंड बॉक्स पर काला कपड़ा डालकर सांकेतिक विरोध किया। कई व्यापारियों ने 2 हजार रुपए से अधिक का भुगतान यूपीआई से लेने के बजाय नकद लेने की बात कही। व्यापारियों का कहना है कि 15 अक्टूबर से 2 हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू होने की बात है। उनका तर्क है कि कम मुनाफे वाले कारोबार में यह शुल्क सीधे उनकी कमाई को प्रभावित करेगा। व्यापारियों ने केंद्र सरकार से प्रस्ताव को स्थगित करने की मांग की है।
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2500 के सामान में 10-15 मुनाफा, शुल्क बढ़ा तो क्या बचेगा?
अखिल भारतीय उद्योग मंडल के महासचिव अनुपम अग्रवाल ने कहा कि 2 हजार रुपए से अधिक की खरीद पर एमडीआर लगने से व्यापारी के खाते में कम राशि आएगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई कारोबार में 2500 रुपए के सामान पर व्यापारी का मुनाफा केवल 10 से 15 रुपये होता है। ऐसे में 20-30 रुपये की कटौती होने पर व्यापार चलाना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि व्यापारी आज सांकेतिक विरोध के जरिए सरकार तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं। सभी व्यापारियों से अपने यूपीआई स्कैनर पर विरोध की पट्टी लगाने की अपील की गई है।
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व्यापारी संगठनों को एकजुट कर रहे
अग्रवाल ने कहा कि पिछले चार-पांच दिन से अलग-अलग व्यापारी संगठनों से बातचीत चल रही है। फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, सराफा समेत विभिन्न कारोबार से जुड़े व्यापारियों से एक दिन सांकेतिक विरोध करने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल विरोध शांतिपूर्ण और सांकेतिक है। यदि मांग पर विचार नहीं हुआ तो आगे व्यापारी संगठन एकजुट होकर अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाएंगे।


चौक बाजार में यूपीआई से भुगतान नहीं लेने का दावा
चौक बाजार व्यापारी संघ के अध्यक्ष अभिषेक जैन अब्बू ने कहा कि बुधवार को उनके संघ से जुड़े व्यापारी यूपीआई से भुगतान नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कैनर पर काला कपड़ा डालकर विरोध दर्ज कराया जा रहा है। उन्होंने एमडीआर को लेकर महंगाई बढ़ने की आशंका जताई और सरकार से इस प्रस्ताव पर दोबारा विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने व्यापारियों की बात नहीं मानी तो भोपाल के विभिन्न व्यापारी संगठनों को साथ लेकर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।

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डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बाद अब शुल्क का बोझ
व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान को लंबे समय से बढ़ावा दिया गया है। अब बड़े यूपीआई लेन-देन पर एमडीआर लगाने से कारोबार की लागत बढ़ सकती है। खासकर कम मार्जिन वाले कारोबार में इसका असर ज्यादा पड़ने की बात व्यापारी कह रहे हैं। हालांकि, एमडीआर व्यापारी पक्ष से जुड़ा शुल्क है, इसे सीधे ग्राहक पर लगाया जाने वाला यूपीआई शुल्क नहीं माना जा रहा है। व्यापारियों का विरोध इस बात को लेकर है कि शुल्क की लागत अंततः उनके कारोबार और मुनाफे को प्रभावित कर सकती है।


 
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