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भोपाल में सीलिंग का विरोध: गांधी प्रतिमा के सामने बैठे व्यापारी,बोले- मास्टर प्लान अपडेट कर निकालें रास्ता

Wed, 26 Aug 2026 03:49 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Wed, 26 Aug 2026 03:49 PM IST
सार

आवासीय क्षेत्रों में सीलिंग और नोटिस कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने बुधवार को मिंटो हॉल में गांधी प्रतिमा के सामने प्रार्थना सभा कर रामधुन गाई। व्यापारियों ने कहा कि व्यापारी और रहवासी विरोधी नहीं हैं, सरकार मास्टर प्लान अपडेट कर मिश्रित भू-उपयोग की व्यवस्था बनाए और देर रात तक चलने वाली गतिविधियों पर रोक लगाए। 

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Protest against sealing in Bhopal: Traders sit before Gandhi statue; demand a solution by updating the master
व्यपारियों का विरोध - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर भोपाल नगर निगम की नोटिस और सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने बुधवार को गांधीवादी तरीके से विरोध जताया। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष गोविंद गोयल के नेतृत्व में व्यापारी कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) पहुंचे। यहां महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने प्रार्थना सभा की गई और रामधुन गाई गई। व्यापारियों ने सरकार से कार्रवाई के बजाय स्थायी समाधान निकालने की मांग की।
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रहवासी एक-दूसरे के विरोधी नहीं
व्यापारी जयस ठाकुर ने कहा कि वे 1988 से अरेरा कॉलोनी में कारोबार कर रहे हैं। उनके मुताबिक व्यापारी और रहवासी एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। रहवासियों की परेशानी भी समझी जानी चाहिए, लेकिन दुकानों को पूरी तरह बंद कर देना समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि दुकानें बंद होने से दूध, दही, घी, शक्कर और तेल जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं के कारोबार पर भी असर पड़ेगा। उन्होंने 1995 के मास्टर प्लान का हवाला देते हुए कहा कि उसमें तय कई काम पूरी तरह लागू नहीं हुए। सरकार को मास्टर प्लान अपडेट कर मिश्रित भू-उपयोग पर स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। ठाकुर ने देर रात तक चलने वाली व्यावसायिक गतिविधियों पर भी रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सामान्य दुकानें समय पर बंद हो सकती हैं, लेकिन बार और पब देर रात तक संचालित होते हैं तो पुलिस और नगर निगम को नियमों के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। इससे रहवासियों की शिकायत भी दूर हो सकती है।
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कारोबारी कोई ठेले वाले नहीं हैं, बल्कि करदाता हैं
वहीं व्यापारी आमिर आजाद ने कहा कि कारोबारी कोई ठेले वाले नहीं हैं, बल्कि व्यवस्थित दुकानें चलाने वाले और करदाता हैं। उन्होंने कहा कि एक दुकान से व्यापारी के साथ कर्मचारी और उनके परिवार जुड़े होते हैं। दुकानें बंद होने पर रोजगार पर असर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से कार्रवाई वापस लेकर व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की और मांगें नहीं माने जाने पर भूख हड़ताल व आमरण अनशन की चेतावनी दी। चैंबर अध्यक्ष गोविंद गोयल ने व्यापारियों की समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग करते हुए कहा कि कार्रवाई के बजाय ऐसा रास्ता निकाला जाए, जिससे नियमों का पालन भी हो और वर्षों से चल रहे कारोबार भी प्रभावित न हों।


रहवासी भी आज निकालेंगे कैंडल मार्च
व्यापारियों के विरोध के बीच रहवासी बुधवार शाम पांच नंबर मार्केट क्षेत्र में कैंडल मार्च निकालेंगे। उनका कहना है कि आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों से शोर, भीड़, यातायात और सुरक्षा संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। वे रहवासी क्षेत्रों में कारोबार बंद करने की मांग कर रहे हैं। इससे पहले गुलमोहर कॉलोनी में टॉर्च लाइट रैली और सात नंबर मार्केट में भी प्रदर्शन हो चुका है।

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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई
आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद निगम ने सर्वे, नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई तेज की है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को है। निगम को कार्रवाई की रिपोर्ट भी पेश करनी है। निगम मुख्य मार्गों के दोनों ओर और उनसे जुड़ी गलियों में सर्वे कर रहा है। नदी-तालाब किनारे, हरित पट्टी, बफर क्षेत्र और जलग्रहण क्षेत्र में बने भवन भी जांच के दायरे में हैं। अवैध मैरिज गार्डनों को भी नोटिस दिए जाने की तैयारी है। इस पूरे विवाद में व्यापारी मास्टर प्लान अपडेट, मिश्रित भू-उपयोग और कारोबार के लिए स्पष्ट नीति की मांग कर रहे हैं, जबकि रहवासी आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक चाहते हैं।
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