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शिक्षक भर्ती आंदोलन में दिग्विजय की एंट्रीः सरकार को चेतावनी, बोले-मांगें नहीं मानीं तो खुद करेंगे भूख हड़ताल
Wed, 26 Aug 2026 03:32 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Wed, 26 Aug 2026 03:32 PM IST
सार
शिक्षक भर्ती-2025 में पद बढ़ाने की मांग को लेकर नीलम पार्क में चल रहे आंदोलन के बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अभ्यर्थियों के समर्थन में पहुंचे। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि शिक्षक दिवस तक मांगें नहीं मानी गईं तो वे खुद 24 घंटे की भूख हड़ताल करेंगे।
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अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे अभ्यर्थियों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शिक्षक भर्ती-2025 में पद बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन ने बुधवार को नया राजनीतिक मोड़ ले लिया। नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे अभ्यर्थियों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहुंचे। उन्होंने आंदोलन को समर्थन देते हुए सरकार को सीधी चेतावनी दी कि यदि शिक्षक दिवस तक अभ्यर्थियों की मांगों पर फैसला नहीं हुआ तो वे खुद 24 घंटे की भूख हड़ताल करेंगे। सिंह ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से उनकी समस्याएं सुनीं और कहा कि रिक्त पद होने के बावजूद भर्ती में पद नहीं बढ़ाना युवाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने सरकार से शिक्षक भर्ती-2025 में पदवृद्धि करने और खाली पदों को भरने की दिशा में तत्काल निर्णय लेने की मांग की।
शिक्षा और स्वास्थ्य को हमेशा प्राथमिकता
अभ्यर्थियों के बीच सिंह ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य उनके लिए हमेशा प्राथमिकता रहे हैं। उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय गांवों तक शिक्षा पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में स्कूल खोले गए और स्थानीय स्तर पर शिक्षकों की भर्ती की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का असर उन शिक्षकों पर भी पड़ रहा है, जिन्होंने लंबे समय तक पुराने पाठ्यक्रम के आधार पर सेवाएं दी हैं और अब नए पाठ्यक्रम के अनुसार परीक्षा देने की स्थिति में हैं।
रिक्त पदों पर सरकार को घेरा
सिंह ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में शिक्षकों के हजारों पद खाली हैं तो सरकार भर्ती प्रक्रिया में पद क्यों नहीं बढ़ा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार देने की बजाय उन्हें दूसरे मुद्दों में उलझाया जा रहा है। इस दौरान पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी मौजूद रहे। महिला अभ्यर्थियों ने सिंह को राखी बांधकर आंदोलन के समर्थन की अपील की।
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अभ्यर्थियों का छठवें दिन भी धरना
वर्ग-2 माध्यमिक और वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती-2025 में पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरना जारी है। एक दिन पहले आंदोलनकारी नरेंद्र राजपूत की तबीयत बिगड़ने के बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी और बढ़ गई। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे नवंबर 2025 से जुलाई 2026 तक अलग-अलग चरणों में आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक उनकी मांग पर ठोस फैसला नहीं लिया गया।
यह भी पढ़ें-MP में मानसून की नई चाल: पूर्व से अब उत्तर-मध्य और पश्चिमी हिस्से में बढ़ेगी बारिश, 3 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
21 अगस्त को भोपाल में जुटे थे हजारों अभ्यर्थी
पद बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेशभर के अभ्यर्थी 21 अगस्त को भोपाल पहुंचे थे। लोक शिक्षण संचालनालय के सामने प्रदर्शन और ज्ञापन देने के बाद अभ्यर्थियों ने रैली निकाली और नीलम पार्क पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। बुधवार को आंदोलन का छठवां दिन है। अब दिग्विजय सिंह के समर्थन और 24 घंटे की भूख हड़ताल के ऐलान के बाद शिक्षक भर्ती का यह आंदोलन राजनीतिक रूप से भी गरमाता नजर आ रहा है।
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शिक्षा और स्वास्थ्य को हमेशा प्राथमिकता
अभ्यर्थियों के बीच सिंह ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य उनके लिए हमेशा प्राथमिकता रहे हैं। उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय गांवों तक शिक्षा पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में स्कूल खोले गए और स्थानीय स्तर पर शिक्षकों की भर्ती की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का असर उन शिक्षकों पर भी पड़ रहा है, जिन्होंने लंबे समय तक पुराने पाठ्यक्रम के आधार पर सेवाएं दी हैं और अब नए पाठ्यक्रम के अनुसार परीक्षा देने की स्थिति में हैं।
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रिक्त पदों पर सरकार को घेरा
सिंह ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में शिक्षकों के हजारों पद खाली हैं तो सरकार भर्ती प्रक्रिया में पद क्यों नहीं बढ़ा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार देने की बजाय उन्हें दूसरे मुद्दों में उलझाया जा रहा है। इस दौरान पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी मौजूद रहे। महिला अभ्यर्थियों ने सिंह को राखी बांधकर आंदोलन के समर्थन की अपील की।
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अभ्यर्थियों का छठवें दिन भी धरना
वर्ग-2 माध्यमिक और वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती-2025 में पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरना जारी है। एक दिन पहले आंदोलनकारी नरेंद्र राजपूत की तबीयत बिगड़ने के बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी और बढ़ गई। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे नवंबर 2025 से जुलाई 2026 तक अलग-अलग चरणों में आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक उनकी मांग पर ठोस फैसला नहीं लिया गया।
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21 अगस्त को भोपाल में जुटे थे हजारों अभ्यर्थी
पद बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेशभर के अभ्यर्थी 21 अगस्त को भोपाल पहुंचे थे। लोक शिक्षण संचालनालय के सामने प्रदर्शन और ज्ञापन देने के बाद अभ्यर्थियों ने रैली निकाली और नीलम पार्क पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। बुधवार को आंदोलन का छठवां दिन है। अब दिग्विजय सिंह के समर्थन और 24 घंटे की भूख हड़ताल के ऐलान के बाद शिक्षक भर्ती का यह आंदोलन राजनीतिक रूप से भी गरमाता नजर आ रहा है।
