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Madhya Pradesh: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बोले- डॉक्टरों से दुर्व्यवहार न करें मरीजों के परिजन, वे भी इंसान हैं, उनसे भी कभी-कभी गलती हो जाती है
Sun, 29 May 2022 03:37 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, भोपाल।
एजेंसी, भोपाल।
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 29 May 2022 03:37 AM IST
सार
राष्ट्रपति ने भोपाल में स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को समर्पित करने और 399.72 करोड़ रुपये की लागत के आगामी परियोजनाओं की आधारशिला कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि डॉक्टर भी इंसान हैं और उनसे भी गलती हो सकती है। इसलिए मरीजों और उनके रिश्तेदारों को धैर्य और संयम दिखाना चाहिए।
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President Ram Nath Kovind
- फोटो : Twitter@rashtrapatibhvn
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विस्तार
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को कहा कि मरीजों और उनके परिजनों को डॉक्टरों से दुर्व्यवहार नहीं करना चाहिए क्योंकि स्वास्थ्यकर्मी भी इंसान हैं और उनसे भी कभी-कभी गलती हो सकती है।
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राष्ट्रपति ने यहां स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को समर्पित करने और 399.72 करोड़ रुपये की लागत के आगामी परियोजनाओं की आधारशिला कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने कहा कि डॉक्टर मरीजों की जान बचाने के लिए बहुत ही सावधानी और जिम्मेदारी से काम करते हैं। उन पर काम का काफी बोझ होता है। इसके बावजूद कुशल डॉक्टर हर परिस्थिति में पूरे समर्पण और एहतियात के साथ काम करते हैं लेकिन कई बार डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आती हैं।
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उन्होंने कहा कि यह समझना चाहिए कि डॉक्टर भी इंसान हैं और उनसे भी गलती हो सकती है। इसलिए मरीजों और उनके रिश्तेदारों को धैर्य और संयम दिखाना चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा कि वे विदेश जाते हैं और भारतीय मूल के डॉक्टरों से मिलते हैं। उनका उन देशों में काफी सम्मान है। उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान जनता को राहत पहुंचाने के लिए अथक परिश्रम और उनके बहुमूल्य योगदान के लिए डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल समेत सभी स्वास्थ्यकर्मियों को बधाई दी।
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बड़ी तेजी से मेडिकल पर्यटन हब के तौर पर उभर रहा भारत
आरएसएस समर्थित आरोग्य भारती के ‘एक देश, एक स्वास्थ्य प्रणाली’ विषय पर आयोजित सम्मेलन में आरोग्य मंथन का उद्घाटन करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में दुनिया की सबसे सस्ती, किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं हैं। देश में खासकर दिल्ली के अस्पतालों में स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं का लाभ लेने के लिए दुनियाभर खासकर पड़ोसी देशों के लोग आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत मेडिकल पर्यटन हब के तौर पर तेजी से उभर रहा है। यदि स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं का विस्तार किया जाए और उन्नत केंद्र खुले तो देश के लोगों को भी लाभ होगा। मेडिकल पर्यटन के विस्तार से और अधिक विदेशी मुद्रा आएगी।
कोरोना से एक या दो फीसदी लोग ही अप्रभावित रहे
कोरोना महामारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ढाई साल पहले एक बीमारी ने मानवता को परेशान करना शुरू किया। इससे केवल एक या दो फीसदी लोग ही अप्रभावित रहे। उन्होंने कोविड-19 के खिलाफ वैक्सीन तैयार करने के लिए देश के वैज्ञानिकों और डॉक्टरों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे लोगों की जिंदगी बचाई जा सकी। उन्होंने कहा कि सैकड़ों साल पहले महामारी आई थी, इसमें करोड़ों लोग मारे गए थे लेकिन अब वैक्सीन के तैयार होने से परिस्थितियां बदल गई हैं।
विदेशी नेता भी कोरोना वैक्सीन के लिए भारत की करते हैं सराहना
राष्ट्रपति ने जमैका और सेंट विंसेंट के अपने हालिया दौरा का जिक्र करते हुए कहा कि वह वहां आठ कार्यक्रमों में शामिल हुए और वहां के नेताओं ने जरूरत के समय कोरोना वैक्सीन मुहैया कराने के लिए भारत की सराहना की। पीएम मोदी ने जमैका और सेंट विंसेंट को मुफ्त में 50,000-50,000 कोविशील्ड वैक्सीन मुहैया कराई थी। दोनों ही देशों के नेताओं ने इस मानवीय मदद के लिए भारत की प्रशंसा की। कार्यक्रम को मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संबोधित किया।
