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ओबीसी आरक्षण: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 8 अक्टूबर से, सामान्य वर्ग ने अतिरिक्त समय मांगा

Wed, 24 Sep 2025 09:07 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Wed, 24 Sep 2025 09:07 PM IST
सार

मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई अब 8 अक्टूबर से रोजाना होगी। सामान्य वर्ग के वकीलों ने अधिक दस्तावेज़ मिलने के कारण समय मांगा था। कोर्ट ने सुनवाई के लिए नई तारीख तय करते हुए कहा कि “हम तैयार हैं, आप लोग नहीं।

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OBC reservation: Supreme Court hearing from October 8, common class seeks additional time
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई अब 8 अक्टूबर से रोजाना होगी। सुनवाई पहले 24 सितंबर से शुरू होनी थी, लेकिन सामान्य वर्ग के वकीलों ने अतिरिक्त समय की मांग की। सुप्रीम कोर्ट में सामान्य वर्ग के वकीलों ने बताया कि उन्हें मध्य प्रदेश सरकार की ओर से हाल ही में 15,000 पेज के दस्तावेज सौंपे गए हैं। इन दस्तावेजों का अध्ययन करने के लिए समय की आवश्यकता बताई गई। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए नई तारीख 8 अक्टूबर तय की और टिप्पणी की कि "हम मामले को लेने के लिए तैयार हैं, आप लोग नहीं हैं। 
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जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार ने ओबीसी वर्ग को अतिरिक्त आरक्षण देने के पक्ष में दस्तावेजों में असाधारण परिस्थितियों, सामाजिक और प्रशासनिक भागीदारी के आंकड़े और अलग-अलग रिपोर्ट शामिल की हैं। सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा से ऊपर आरक्षण के लिए असाधारण परिस्थितियों को प्रमाणित करना आवश्यक है। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से छत्तीसगढ़ राज्य के ओबीसी आरक्षण मामले को मध्य प्रदेश के मामले से अलग सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया।
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ओबीसी महासभा की ओर से वरिष्ठ वकील पी. विल्सन ने कोर्ट से कहा कि यह मामला संवैधानिक अधिकारों और आरक्षण बहाली के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। कोर्ट ने इसे “टॉप ऑफ द बोर्ड” में लिस्टेड कर 8 अक्टूबर को सुनवाई करने का आदेश दिया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि यदि छह साल से ओबीसी आरक्षण लागू नहीं हो रहा है, तो इसके लिए भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री दोषी हैं। मुख्यमंत्री लगातार दिल्ली में वकीलों से मुलाकात कर इस मामले की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट 8 अक्टूबर से रोजाना सुनवाई कर मामले में त्वरित निर्णय की दिशा में कदम उठाएगा। इससे ओबीसी वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण बहाली का रास्ता साफ होगा और लंबित विवाद का समाधान संभव होगा। बता दें अभी मध्य प्रदेश में अनुसूचित जनजाति वर्ग को 20 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 16 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग को 14 प्रतिशत और ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है। ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है तो कुल आरक्षण की सीमा 73 प्रतिशत हो जाएगी।
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