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Narendra Singh Tomar: CM की दौड़ में शामिल रहे तोमर होंगे विधानसभा अध्यक्ष, केंद्र व MP सरकार में रहे मंत्री
Mon, 11 Dec 2023 07:49 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Mon, 11 Dec 2023 07:49 PM IST
सार
Narendra Singh Tomar: नरेंद्र सिंह तोमर मध्य प्रदेश के नए विधानसभा अध्यक्ष होंगे। इस चुनाव में उन्होंने बसपा प्रत्याशी को मात देते हुए दिमनी विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की है। बीजेपी विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगी है। जानिए राजनीतिक सफर की कहानी...
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मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष होंगे नरेंद्र सिंह तोमर।
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
सोमवार को हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम के साथ-साथ अन्य लोगों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। सीएम दौड़ में शामिल रहे भाजपा के दिग्गज नेता नरेंद्र सिंह तोमर को भाजपा ने इस बार एमपी विधानसभा स्पीकर की जिम्मेदारी दी है।
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तोमर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ राजनेता हैं। वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्रिमंडल में भारत के केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री भी रहे थे। नरेंद्र सिंह तोमर का जन्म मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में पोरसा विकासखंड के तहत आने वाले ग्राम ओरेठी में 12 जून 1957 को हुआ। वे क्षत्रिय परिवार से संबंध रखते हैं। नरेंद्र सिंह के पिता मुंशी सिंह तोमर हैं।
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शिक्षा के बाद पार्षद निर्वाचित हुए
नरेंद्र सिंह तोमर ने स्नातक तक पढ़ाई की है। वे महाविद्यालय में छात्र संघ के अध्यक्ष भी रहे हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद तोमर ग्वालियर नगर निगम के पार्षद पद पर निर्वाचित हुए। इसके बाद वे राजनीति में सक्रिय हो गए। नरेंद्र सिंह तोमर 1977 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष बनाए गए।
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कुशल रणनीतिकार के रूप में जाने जाते हैं तोमर
तोमर प्रशासन पर मजबूत पकड़ और कुशल रणनीतिकार के रूप में जाने जाते हैं। तोमर पहली बार प्रदेश के मुरैना संसदीय क्षेत्र से वर्ष 2009 में लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। वे इसके पहले प्रदेश से राज्यसभा सदस्य थे।
पहली बार 1998 में ग्वालियर से विधायक चुने गए
नरेंद्र सिंह तोमर भारतीय युवा मोर्चा में विभिन्न पदों पर रहते हुए 1996 में युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष बनाए गए। तोमर पहली बार 1998 में ग्वालियर से विधायक निर्वाचित हुए और इसी क्षेत्र से वर्ष 2003 में दूसरी बार चुनाव जीता। इस दौरान वे उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल में कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री भी रहे। हालिया विधानसभा चुनाव में उनके समेत तीन केंद्रीय मंत्रियों को चुनाव लड़ाया गया था। वे मुरैना जिले की दिमनी सीट से विधायक चुने गए हैं। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्री पद और लोकसभा से इस्तीफा दे दिया।
