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MP Weather today: अरब सागर के लो प्रेशर का असर, MP के कई जिलों में बूंदाबांदी, अगले चार दिन रहेगा ऐसा ही मौसम
Thu, 23 Oct 2025 07:34 AM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Thu, 23 Oct 2025 07:34 AM IST
सार
मध्यप्रदेश में 24 घंटों में ग्वालियर, जबलपुर सहित करीब दर्जन भर जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक देखने को मिली। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक इसी तरह के मौसम बने रहने की संभावना जताई है।आज बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, पांढुर्णा और बालाघाट में बूंदाबांदी व आंधी की संभावना है
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में बना निम्न दबाव क्षेत्र अब सक्रिय हो गया है, जिसका असर मध्यप्रदेश के दक्षिणी इलाकों तक पहुंच गया है। बीते 24 घंटों में ग्वालियर, जबलपुर सहित करीब दर्जन भर जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक देखने को मिली। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक इसी तरह के मौसम बने रहने की संभावना जताई है। पिछले 24 घंटों में ग्वालियर, सागर, छतरपुर, नर्मदापुरम, हरदा, बुरहानपुर, रायसेन, बैतूल, जबलपुर, सिवनी, रीवा और छिंदवाड़ा में हल्की वर्षा दर्ज की गई। जबलपुर में तो दिवाली की रात करीब तीन-चौथाई इंच बारिश हुई।
अगले चार दिन किन जिलों में दिखेगा असर
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार से रविवार तक दक्षिणी जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। गुरुवार को बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, पांढुर्णा और बालाघाट में बूंदाबांदी व आंधी की संभावना है। जबकि 24 से 26 अक्टूबर तक इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग में प्रभाव दिखेगा।
सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा
मौसम विज्ञान केंद्र की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि यह सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की बारिश व आंधी की स्थिति बन सकती है। साथ ही, उत्तरी भागों में दो चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हैं, जिससे मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
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यह भी पढ़ें-दिवाली के बाद मध्य प्रदेश में जहरीली हुई हवा, ग्वालियर, सागर और मंडीदीप सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल
अक्टूबर में रहेगा यही ट्रेंड
हल्की बारिश और बादलों के बीच प्रदेश में दिन का तापमान बढ़ा है, जबकि रात का पारा गिरा है। भोपाल में 18.2°, इंदौर में 20.8°, उज्जैन में 21.5°, ग्वालियर में 22.2° और जबलपुर में 22.1° रिकॉर्ड किया गया। नरसिंहपुर, नौगांव, टीकमगढ़, धार, खंडवा, पचमढ़ी और राजगढ़ सहित कई शहरों में तापमान 20° से नीचे रहा। वहीं बुधवार को दतिया, गुना, खंडवा, जबलपुर, सागर, सतना और उमरिया में अधिकतम तापमान 32° से ऊपर दर्ज हुआ।मौसम विभाग का कहना है कि अक्टूबर में यही मिश्रित मौसम रहेगा, जबकि नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड तेजी से बढ़ने लगेगी।
यह भी पढ़ें-57 वर्षीय व्यक्ति के फूड पाइप में एक माह तक फंसा रहा दवा का रैपर, BMHRC के चिकित्सकों ने बचाई जान
इस बार फरवरी तक रह सकती है ठंड
वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस साल नवंबर से लेकर जनवरी तक ठिठुरन भरी सर्दी पड़ सकती है और असर फरवरी तक बना रहेगा। अनुमान है कि 2010 के बाद यह सबसे कड़ी सर्दी हो सकती है। इस दौरान सामान्य से अधिक बारिश के भी आसार हैं, क्योंकि उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ अधिक सक्रिय रहेंगे। आईएमडी ने भी पुष्टि की है कि जल्द ही ला-नीना परिस्थितियां विकसित हो सकती हैं, जो ठंड बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
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अगले चार दिन किन जिलों में दिखेगा असर
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार से रविवार तक दक्षिणी जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। गुरुवार को बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, पांढुर्णा और बालाघाट में बूंदाबांदी व आंधी की संभावना है। जबकि 24 से 26 अक्टूबर तक इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग में प्रभाव दिखेगा।
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सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा
मौसम विज्ञान केंद्र की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि यह सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की बारिश व आंधी की स्थिति बन सकती है। साथ ही, उत्तरी भागों में दो चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हैं, जिससे मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
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अक्टूबर में रहेगा यही ट्रेंड
हल्की बारिश और बादलों के बीच प्रदेश में दिन का तापमान बढ़ा है, जबकि रात का पारा गिरा है। भोपाल में 18.2°, इंदौर में 20.8°, उज्जैन में 21.5°, ग्वालियर में 22.2° और जबलपुर में 22.1° रिकॉर्ड किया गया। नरसिंहपुर, नौगांव, टीकमगढ़, धार, खंडवा, पचमढ़ी और राजगढ़ सहित कई शहरों में तापमान 20° से नीचे रहा। वहीं बुधवार को दतिया, गुना, खंडवा, जबलपुर, सागर, सतना और उमरिया में अधिकतम तापमान 32° से ऊपर दर्ज हुआ।मौसम विभाग का कहना है कि अक्टूबर में यही मिश्रित मौसम रहेगा, जबकि नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड तेजी से बढ़ने लगेगी।
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इस बार फरवरी तक रह सकती है ठंड
वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस साल नवंबर से लेकर जनवरी तक ठिठुरन भरी सर्दी पड़ सकती है और असर फरवरी तक बना रहेगा। अनुमान है कि 2010 के बाद यह सबसे कड़ी सर्दी हो सकती है। इस दौरान सामान्य से अधिक बारिश के भी आसार हैं, क्योंकि उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ अधिक सक्रिय रहेंगे। आईएमडी ने भी पुष्टि की है कि जल्द ही ला-नीना परिस्थितियां विकसित हो सकती हैं, जो ठंड बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
