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MP Weather: मौसम का मूड बदला भोपाल में बादल छाए, उज्जैन-सागर में हुई तेज बारिश, अगले तीन दिन तक रहेगा असर
Sat, 25 Oct 2025 07:53 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sat, 25 Oct 2025 07:53 PM IST
सार
शनिवार सुबह से राजधानी भोपाल में बादलों ने डेरा जमा लिया। हल्की धुंध के कारण दृश्यता कम रही और कई हिस्सों में रुक-रुककर फुहारें पड़ीं। हवा में नमी और ठंडक बढ़ने से सुबह का मौसम सुहाना बना रहा। सागर, उज्जैन और शाजापुर समेत कई जिलों में दोपहर के बाद बारिश का दौर शुरू हुआ।
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मौसम विभाग ने एमपी के आधे हिस्से में आंधी, गरज-चमक और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार मध्य अरब सागर के ऊपर बना डिप्रेशन (अवदाब) अब सक्रिय हो गया है। इसका असर आने वाले तीन दिनो तक प्रदेश के कई इलाकों में देखने को मिलेगा। शनिवार सुबह से राजधानी भोपाल में बादलों ने डेरा जमा लिया। हल्की धुंध के कारण दृश्यता कम रही और कई हिस्सों में रुक-रुककर फुहारें पड़ीं। हवा में नमी और ठंडक बढ़ने से सुबह का मौसम सुहाना बना रहा। सागर, उज्जैन और शाजापुर समेत कई जिलों में दोपहर के बाद बारिश का दौर शुरू हुआ। सागर में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जबकि शाजापुर के अकोदिया क्षेत्र में गरज-चमक के साथ बादल बरसे। पांढुर्णा में करीब एक घंटे तक लगातार बारिश होती रही। उज्जैन में भी शाम होते-होते तेज बारिश से सड़कों पर पानी भर गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। 26, 27 और 28 अक्टूबर को भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे और दिन का तापमान सामान्य से कम रह सकता है।
रात के तापमान में बढ़ोतरी
पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन अब पारा फिर चढ़ने लगा है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सागर, सीधी, दमोह, खजुराहो, पचमढ़ी, रतलाम, उज्जैन सहित कई जिलों में रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। वहीं, दिन में अधिकतम तापमान 34 डिग्री तक पहुंच गया है।
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यह भी पढ़ें-एम्स में नई तकनीकी से प्रोस्टेट का इलाज,बिना चीरे,बिना भर्ती के मरीज होंगे ठीक,यौन क्षमता भी सुरक्षित
नवंबर से बढ़ेगी ठंड, फरवरी तक रह सकता असर
मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर से प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो जाएगा, जो जनवरी तक चलेगा। इस बार फरवरी तक भी ठंड बनी रह सकती है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस साल सर्दी 2010 के बाद सबसे तीव्र हो सकती है। साथ ही, सर्दियों में सामान्य से अधिक बारिश की संभावना भी जताई गई है। ला-नीना परिस्थितियां भी विकसित हो रही हैं, जो ठंड को और बढ़ा सकती हैं।
यह भी पढ़ें-नेता प्रतिपक्ष बोले-स्वास्थ्य मंत्री को कोरेक्स का नशा, हमीदिया अस्पताल पहुंच कर घायलों से की मुलाकात
पूरे प्रदेश से विदा हुआ मानसून
मौसम विभाग ने पुष्टि की है कि 13 अक्टूबर को पूरे मध्यप्रदेश से मानसून की वापसी हो चुकी है। इस साल मानसून 3 महीने 28 दिन तक सक्रिय रहा। 16 जून को एंट्री के बाद इस बार प्रदेश में बारिश का सीजन हैप्पी एंडिंग वाला रहा। भोपाल और ग्वालियर समेत 30 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश गुना जिले में हुई, जहां 65.7 इंच पानी गिरा। वहीं, श्योपुर में सामान्य से 216% ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
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रात के तापमान में बढ़ोतरी
पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन अब पारा फिर चढ़ने लगा है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सागर, सीधी, दमोह, खजुराहो, पचमढ़ी, रतलाम, उज्जैन सहित कई जिलों में रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। वहीं, दिन में अधिकतम तापमान 34 डिग्री तक पहुंच गया है।
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नवंबर से बढ़ेगी ठंड, फरवरी तक रह सकता असर
मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर से प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो जाएगा, जो जनवरी तक चलेगा। इस बार फरवरी तक भी ठंड बनी रह सकती है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस साल सर्दी 2010 के बाद सबसे तीव्र हो सकती है। साथ ही, सर्दियों में सामान्य से अधिक बारिश की संभावना भी जताई गई है। ला-नीना परिस्थितियां भी विकसित हो रही हैं, जो ठंड को और बढ़ा सकती हैं।
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पूरे प्रदेश से विदा हुआ मानसून
मौसम विभाग ने पुष्टि की है कि 13 अक्टूबर को पूरे मध्यप्रदेश से मानसून की वापसी हो चुकी है। इस साल मानसून 3 महीने 28 दिन तक सक्रिय रहा। 16 जून को एंट्री के बाद इस बार प्रदेश में बारिश का सीजन हैप्पी एंडिंग वाला रहा। भोपाल और ग्वालियर समेत 30 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश गुना जिले में हुई, जहां 65.7 इंच पानी गिरा। वहीं, श्योपुर में सामान्य से 216% ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
