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Mp weather: MP आज होगी भारी बारिश, 5 जिलों में रेड, 21 में ऑरेंज और 14 में यलो अलर्ट, 8 इंच गिर सकता है पानी
Sat, 26 Jul 2025 07:37 AM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sat, 26 Jul 2025 07:37 AM IST
सार
शनिवार को कुल 41 जिलों में तेज बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। इनमें से 5 में रेड, 21 में ऑरेंज और 14 में यलो अलर्ट है। रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, सतना और रीवा में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे में 8 इंच से ज्यादा पानी गिर सकता है।
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भोपाल में बारिश
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश में स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने की वजह से झमाझम बारिश का दौर जारी है। राजधानी भोपाल में रात से ही बारिश का दौर चल रहा है। इससे पहले शुक्रवार को उत्तरी हिस्से में जमकर बारिश हुई। शनिवार को 41 जिलों में अति भारी और भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग में अगले चार दिन के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया।
24 घंटे में गिर सकता है 8 इंच से ज्यादा पानी
मौसम विभाग ने शनिवार को कुल 41 जिलों में तेज बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। इनमें से 5 में रेड, 21 में ऑरेंज और 14 में यलो अलर्ट है। रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, सतना और रीवा में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे में 8 इंच से ज्यादा पानी गिर सकता है। अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट वाले जिले गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, मैहर, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली है। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, राजगढ़, शाजापुर, इंदौर, उज्जैन, देवास, खंडवा और हरदा में भारी बारिश का यलो अलर्ट है।
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यह भी पढ़ें-मध्य प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी, राजघाट डैम के 12 गेट खोले, सीधी में 4.8 इंच बारिश दर्ज
30 से अधिक जिलों में हुई बारिश
शुक्रवार को प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में बारिश का दौर रहा। सीधी में 9 घंटे में गिरा 4.8 इंच पानी गिर गया। पचमढ़ी में डेढ़ इंच, उमरिया, मलाजखंड, छिंदवाड़ा और गुना पौन इंच, सागर, ग्वालियर और नर्मदापुरम में आधा इंच बारिश हुई। भोपाल, बैतूल, दतिया, रायसेन, शिवपुरी, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडौरी, सिंगरौली, सतना, अनूपपुर, मऊगंज, मुरैना, अशोकनगर, सीहोर, देवास, राजगढ़, शाजापुर समेत कई जिलों में बारिश का दौर बना रहा। बाारिश के चलते जबलपुर में बरगी डैम के 7 गेट खोले गए। बैतूल के सारणी में सतपुड़ा डैम के भी 7 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। मुरैना जिले में पगारा डैम का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 655.88 फीट तक पहुंच गया। इसके सभी 6 ऑटोमैटिक गेट खुल गए।
यह भी पढ़ें-रीवा में कल से शुरू होगा 'रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव', CM डॉ. यादव करेंगे उद्घाटन
इस वजह से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव
मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि तीन ट्रफ, दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन और एक डिप्रेशन की वजह से प्रदेश में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। जिससे कहीं अति भारी तो कहीं भारी बारिश का दौर है। यह दौर अगले चार दिन तक बना रहेगा।
इस बार 7.4 इंच बारिश ज्यादा
बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 22.5 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 15.1 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.4 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 49% अधिक है। निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 25% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है।
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24 घंटे में गिर सकता है 8 इंच से ज्यादा पानी
मौसम विभाग ने शनिवार को कुल 41 जिलों में तेज बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। इनमें से 5 में रेड, 21 में ऑरेंज और 14 में यलो अलर्ट है। रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, सतना और रीवा में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे में 8 इंच से ज्यादा पानी गिर सकता है। अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट वाले जिले गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, मैहर, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली है। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, राजगढ़, शाजापुर, इंदौर, उज्जैन, देवास, खंडवा और हरदा में भारी बारिश का यलो अलर्ट है।
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30 से अधिक जिलों में हुई बारिश
शुक्रवार को प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में बारिश का दौर रहा। सीधी में 9 घंटे में गिरा 4.8 इंच पानी गिर गया। पचमढ़ी में डेढ़ इंच, उमरिया, मलाजखंड, छिंदवाड़ा और गुना पौन इंच, सागर, ग्वालियर और नर्मदापुरम में आधा इंच बारिश हुई। भोपाल, बैतूल, दतिया, रायसेन, शिवपुरी, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडौरी, सिंगरौली, सतना, अनूपपुर, मऊगंज, मुरैना, अशोकनगर, सीहोर, देवास, राजगढ़, शाजापुर समेत कई जिलों में बारिश का दौर बना रहा। बाारिश के चलते जबलपुर में बरगी डैम के 7 गेट खोले गए। बैतूल के सारणी में सतपुड़ा डैम के भी 7 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। मुरैना जिले में पगारा डैम का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 655.88 फीट तक पहुंच गया। इसके सभी 6 ऑटोमैटिक गेट खुल गए।
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इस वजह से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव
मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि तीन ट्रफ, दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन और एक डिप्रेशन की वजह से प्रदेश में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। जिससे कहीं अति भारी तो कहीं भारी बारिश का दौर है। यह दौर अगले चार दिन तक बना रहेगा।
इस बार 7.4 इंच बारिश ज्यादा
बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 22.5 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 15.1 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.4 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 49% अधिक है। निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 25% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है।
