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MP Weather: एमपी में डिप्रेशन से बदला मौसम, 10 में जिलों में हुई बारिश, श्योपुर में 2 इंच से ज्यादा गिरा पानी
Mon, 27 Oct 2025 08:43 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Mon, 27 Oct 2025 08:43 PM IST
सार
सोमवार को 10 से ज्यादा जिलों में बारिश का दौर जारी रहा श्योपुर में 9 घंटे के भीतर सबसे ज्यादा 2 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। जबकि दतिया में 1 इंच के करीब बारिश दर्ज की गई। सीधी और ग्वालियर में आधा इंच से ज्यादा, शिवपुरी और टीकमगढ़ में आधा इंच गिरा पानी।
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश में एक बार फिर बादल छा गए हैं। अरब सागर से उठे डिप्रेशन और टर्फ लाइन की सक्रियता के कारण कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। सोमवार को भी 10 से ज्यादा जिलों में बारिश का दौर जारी रहा श्योपुर में 9 घंटे के भीतर सबसे ज्यादा 2 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। जबकि दतिया में 1 इंच के करीब बारिश दर्ज की गई। सीधी और ग्वालियर में आधा इंच से ज्यादा शिवपुरी और टीकमगढ़ में आधा इंच गिरा पानी। इसके साथ ही कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन-चार दिन ऐसा ही मौसम बना रहेगा।
मौसम विभाग ने बताया कारण
मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, अरब सागर के ऊपर बना डिप्रेशन मध्यप्रदेश के ऊपर सक्रिय है। इसके साथ जुड़ी टर्फ लाइन प्रदेश के मध्य हिस्से से गुजर रही है, जिसके कारण अगले तीन दिन तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। अगले 24 घंटों में इसका असर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में अधिक देखने को मिलेगा। इसके बाद बंगाल की खाड़ी में बना एक और गहरा डिप्रेशन भी प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में असर दिखाएगा। इससे भी वर्षा की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 27 से 30 अक्टूबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक और आंधी के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसका असर मुख्य रूप से भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और जबलपुर संभागों में देखने को मिलेगा।
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यह भी पढ़ें-एमपी में फिर बारिश का सिलसिला शुरू, श्योपुर में 9 घंटे में 2 इंच गिरा पानी, 20 जिलों में हुई बारिश
नवंबर से शुरू होगी ठंड
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि नवंबर से सर्दी का दौर शुरू होगा, जो जनवरी तक जारी रहेगा। इस बार फरवरी तक ठंड का असर रह सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस साल 2010 के बाद सबसे कड़ी सर्दी देखने को मिल सकती है।ला-नीना परिस्थितियां विकसित होने के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य से अधिक वर्षा और ठंड की संभावना है।
यह भी पढ़ें-छठ महापर्व पर भोपाल-दानापुर स्पेशल ट्रेन के अतिरिक्त तीन-तीन फेरे, यात्रियों को मिलेगी राहत
मानसून विदा, लेकिन बारिश जारी
प्रदेश से मानसून आधिकारिक रूप से 13 अक्टूबर को विदा हो चुका है। इस बार मानसून लगभग चार महीने सक्रिय रहा और औसतन 115% बारिश दर्ज की गई। ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में सामान्य से दोगुनी वर्षा हुई। हालांकि, शाजापुर में सबसे कम यानी सिर्फ 81% बारिश दर्ज की गई।
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मौसम विभाग ने बताया कारण
मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, अरब सागर के ऊपर बना डिप्रेशन मध्यप्रदेश के ऊपर सक्रिय है। इसके साथ जुड़ी टर्फ लाइन प्रदेश के मध्य हिस्से से गुजर रही है, जिसके कारण अगले तीन दिन तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। अगले 24 घंटों में इसका असर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में अधिक देखने को मिलेगा। इसके बाद बंगाल की खाड़ी में बना एक और गहरा डिप्रेशन भी प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में असर दिखाएगा। इससे भी वर्षा की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 27 से 30 अक्टूबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक और आंधी के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसका असर मुख्य रूप से भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और जबलपुर संभागों में देखने को मिलेगा।
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नवंबर से शुरू होगी ठंड
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि नवंबर से सर्दी का दौर शुरू होगा, जो जनवरी तक जारी रहेगा। इस बार फरवरी तक ठंड का असर रह सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस साल 2010 के बाद सबसे कड़ी सर्दी देखने को मिल सकती है।ला-नीना परिस्थितियां विकसित होने के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य से अधिक वर्षा और ठंड की संभावना है।
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मानसून विदा, लेकिन बारिश जारी
प्रदेश से मानसून आधिकारिक रूप से 13 अक्टूबर को विदा हो चुका है। इस बार मानसून लगभग चार महीने सक्रिय रहा और औसतन 115% बारिश दर्ज की गई। ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में सामान्य से दोगुनी वर्षा हुई। हालांकि, शाजापुर में सबसे कम यानी सिर्फ 81% बारिश दर्ज की गई।
