{"_id":"66953cdb0841667493083a64","slug":"mp-news-three-tiger-cubs-hit-by-train-one-dead-two-injured-27-tigers-died-this-year-2024-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: ट्रेन की चपेट में आए बाघ के तीन शावक, एक की मौत, दो घायल, इस साल 27 टाइगर की हो गई मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: ट्रेन की चपेट में आए बाघ के तीन शावक, एक की मौत, दो घायल, इस साल 27 टाइगर की हो गई मौत
Mon, 15 Jul 2024 08:44 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 15 Jul 2024 08:44 PM IST
सार
सीसीएफ ने बताया कि सुबह से शाम तक स्टाफ मॉनीटिंग करेगा। बाघिन के दूर जाने के बाद शावकों को रेस्क्यू कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि हादसा किस ट्रेन से हुआ इसकी जानकारी नहीं है। यह घटना सुबह 3 बजे से 4 बजे के आसपास की है।
विज्ञापन
बुधनी मिडघाट पर ट्रेन की चपेट में आने से शावक की मौत
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्य प्रदेश में बाघ की मौत के मामले नहीं रुक नहीं रहे हैं। सोमवार रात को सीहोर के बुधनी मिडघाट खंड में ट्रेन की चपेट में तीन शावक आ गए। इसमें एक शावक की मौत हो गई और दो घायल हो गए। बाघिन के पास में होने के चलते वन विभाग का अमला दो घायल शावक को रेस्क्यू भी नहीं कर पाया है। वहीं, एनटीसीए के आंकड़े के अनुसार इस वर्ष छह माह में 25 बाघों की मौत हो चुकी है। इसमें रायसेन और सीहोर के बाघ और शावक को शामिल करें तो संख्या 27 हो जाती है। यह देश में अब तक सबसे ज्यादा है।
भोपाल सीसीएफ राजेश खरे ने बताया कि घटना की सूचना सुबह रेलवे के कर्मचारियों की तरफ से दी गई। घटना बुधनी चौका मिटघाट की पहाड़ी के नाले के सोमवार रात को बाघिन अपने तीन शावकों के साथ रेलवे पटरी पार कर रही थी। बाघिन तो आगे निकल गई, लेकिन तीनों शावक ट्रेन की चपेट में आ गए। वन विभाग की टीम शावकों को रेस्क्यू करने पहुंची, तभी बाघिन आ गई। उन्होंने बताया कि दोनों शावकों को कमर के नीचे चोट आई है। इसकी वजह से वे उठ नहीं पा रहे हैं।
लगातार रखी जाएगी शावकों पर नजर
सीसीएफ ने बताया कि सुबह से शाम तक स्टाफ मॉनीटिंग करेगा। बाघिन के दूर जाने के बाद शावकों को रेस्क्यू कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि हादसा किस ट्रेन से हुआ इसकी जानकारी नहीं है। यह घटना सुबह 3 बजे से 4 बजे के आसपास की है। एनटीसीए के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 9 जनवरी 2024 से लेकर 13 जुलाई 2024 तक 25 बाघों की मौत रिपोर्ट हो चुकी है। इसमें रायसेन और सीहोर में बाघ और शावक की मौत को जोड़ने पर यह आंकड़ा 27 हो गया। एनटीसीए की रिपोर्ट के अनुसार 6 जुलाई से 13 जुलाई तक देश में 75 से ज्यादा बाघों की मौत हो चुकी है। इसमें सबसे ज्यादा मौत मध्य प्रदेश में हुई हैं। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र और कर्नाटक में बाघों की मौत हुई है। यहां पर क्रमश: 14 और 11 मौतें हुईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
भोपाल सीसीएफ राजेश खरे ने बताया कि घटना की सूचना सुबह रेलवे के कर्मचारियों की तरफ से दी गई। घटना बुधनी चौका मिटघाट की पहाड़ी के नाले के सोमवार रात को बाघिन अपने तीन शावकों के साथ रेलवे पटरी पार कर रही थी। बाघिन तो आगे निकल गई, लेकिन तीनों शावक ट्रेन की चपेट में आ गए। वन विभाग की टीम शावकों को रेस्क्यू करने पहुंची, तभी बाघिन आ गई। उन्होंने बताया कि दोनों शावकों को कमर के नीचे चोट आई है। इसकी वजह से वे उठ नहीं पा रहे हैं।
विज्ञापन
लगातार रखी जाएगी शावकों पर नजर
सीसीएफ ने बताया कि सुबह से शाम तक स्टाफ मॉनीटिंग करेगा। बाघिन के दूर जाने के बाद शावकों को रेस्क्यू कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि हादसा किस ट्रेन से हुआ इसकी जानकारी नहीं है। यह घटना सुबह 3 बजे से 4 बजे के आसपास की है। एनटीसीए के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 9 जनवरी 2024 से लेकर 13 जुलाई 2024 तक 25 बाघों की मौत रिपोर्ट हो चुकी है। इसमें रायसेन और सीहोर में बाघ और शावक की मौत को जोड़ने पर यह आंकड़ा 27 हो गया। एनटीसीए की रिपोर्ट के अनुसार 6 जुलाई से 13 जुलाई तक देश में 75 से ज्यादा बाघों की मौत हो चुकी है। इसमें सबसे ज्यादा मौत मध्य प्रदेश में हुई हैं। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र और कर्नाटक में बाघों की मौत हुई है। यहां पर क्रमश: 14 और 11 मौतें हुईं।
विज्ञापन
