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MP: प्रदेश के दुग्ध संग्रहण केंद्रों पर लगेंगी स्मार्ट मशीनें, अब दूध की गुणवत्ता और वजन की होगी डिजिटल जांच
Fri, 24 Apr 2026 06:53 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 24 Apr 2026 06:53 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में दुग्ध संग्रहण व्यवस्था को पारदर्शी और हाईटेक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश के करीब 7 हजार दूध संग्रहण केंद्रों पर जल्द ऑटोमेटिक मिल्क कलेक्शन मशीनें लगाई जाएंगी, जिससे किसानों को सही भुगतान और उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता वाला दूध मिल सकेगा।
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एमपी में दुग्ध की गुणवत्ता की मशीन से होगी जांच
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश में दुग्ध उत्पादकों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए राहत भरी पहल होने जा रही है। प्रदेश के करीब 7 हजार दुग्ध संग्रहण केंद्रों पर जल्द ही अत्याधुनिक ऑटोमेटिक मिल्क कलेक्शन मशीनें स्थापित की जाएंगी। इन मशीनों के जरिए दूध के वजन और गुणवत्ता की तुरंत जांच हो सकेगी, जिससे मिलावट और गड़बड़ी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसानों को उनके दूध का सही मूल्य मिलेगा, वहीं उपभोक्ताओं तक बेहतर गुणवत्ता वाला दूध पहुंचाने का दावा किया जा रहा है। अभी कई स्थानों पर दूध की जांच और वजन की प्रक्रिया मैन्युअल होने के कारण विवाद और शिकायतें सामने आती रही हैं।
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ऐसे करेगी मशीन काम
नई मशीनों में दूध का वजन करने और उसकी गुणवत्ता जांचने की सुविधा एक साथ होगी। दूध संग्रहण केंद्र पर किसान जैसे ही दूध लेकर पहुंचेगा, मशीन तुरंत वजन दर्ज करेगी। हालांकि फैट समेत अन्य जांच पहले की तरह होगी। इस पूरी प्रक्रिया का डेटा ऑनलाइन दर्ज होगा और किसान मोबाइल एप के जरिए अपने दूध की जानकारी देख सकेगा। संग्रहण केंद्रों के संचालक और दुग्ध संघ के अधिकारी भी रियल टाइम डेटा मॉनिटर कर सकेंगे।
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अभी क्या दिक्कतें आती हैं
वर्तमान व्यवस्था में कई केंद्रों पर दूध की गुणवत्ता जांच मैन्युअल तरीके से होती है। ऐसे में वजन और फैट की गणना को लेकर कई बार किसानों की शिकायतें सामने आती हैं। कुछ स्थानों पर गलत एंट्री और रिकॉर्ड में गड़बड़ी की शिकायतें भी मिलती रही हैं। नई मशीनों के आने से पारदर्शिता बढ़ेगी और भुगतान प्रक्रिया भी अधिक भरोसेमंद होगी। वहीं, दुग्ध उत्पादकों का कहना है कि कई बार भैंस के दूध को गाय का दूध बताकर कम कीमत देने जैसी शिकायतें सामने आती हैं। नई तकनीक लागू होने से इस तरह की समस्याओं पर अंकुश लगेगा और किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सकेगा।
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तीन से चार माह में स्थापित हो जाएगी मशीनें
मध्य प्रदेश सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने बताया कि दो से तीन महीने में यह मशीनें केंद्रों पर लग जाएगी। इससे दुग्ध की गुणवत्ता सुधरने के साथ ही किसानों और पशुपालकों को लाभ होगा।
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ऐसे करेगी मशीन काम
नई मशीनों में दूध का वजन करने और उसकी गुणवत्ता जांचने की सुविधा एक साथ होगी। दूध संग्रहण केंद्र पर किसान जैसे ही दूध लेकर पहुंचेगा, मशीन तुरंत वजन दर्ज करेगी। हालांकि फैट समेत अन्य जांच पहले की तरह होगी। इस पूरी प्रक्रिया का डेटा ऑनलाइन दर्ज होगा और किसान मोबाइल एप के जरिए अपने दूध की जानकारी देख सकेगा। संग्रहण केंद्रों के संचालक और दुग्ध संघ के अधिकारी भी रियल टाइम डेटा मॉनिटर कर सकेंगे।
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अभी क्या दिक्कतें आती हैं
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तीन से चार माह में स्थापित हो जाएगी मशीनें
मध्य प्रदेश सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने बताया कि दो से तीन महीने में यह मशीनें केंद्रों पर लग जाएगी। इससे दुग्ध की गुणवत्ता सुधरने के साथ ही किसानों और पशुपालकों को लाभ होगा।
