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MP News: PS शुक्ला बोले- फिल्म मेकिंग आसान बनाने MP अग्रणी राज्य, विशेषज्ञ कल सिखाएंगे फिल्ममेकिंग के गुर
Wed, 21 Jun 2023 07:42 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 21 Jun 2023 07:42 PM IST
सार
प्रदेश में शूटिंग, अधोसंरचना विकास में निवेश एवं स्थानीय कलाकारों की भागीदारी के अवसरों को तलाशने के लिए प्रसिद्ध प्रोडक्शन हाउस के प्रतिनिधि, प्रोड्यूसर, डायरेक्ट और एक्टर्स का दल भोपाल आया हुआ है।
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पीएस शिव शेखर शुक्ला फिल्म मेकर से बातचीत करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश में फिल्म मेकिंग को फिल्मकारों के लिए आसान बनाने में मध्यप्रदेश एक अग्रणी राज्य है। फिल्म शूटिंग परमिशन को लोक सेवा गारंटी एक्ट के अंतर्गत मात्र 15 दिन में प्रदाय करने के साथ इमरजेंसी में ऑफलाइन परमिशन भी जारी किए जाने की सुविधा है। फॉरेन प्रोडक्शन हाउस भी इतनी ही आसानी के साथ सीधे मध्यप्रदेश आकर फिल्म की शूटिंग कर सकता है। यह बात प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने होटल ताज में फिल्म विशेषज्ञों से कही। प्रदेश में शूटिंग, अधोसंरचना विकास में निवेश एवं स्थानीय कलाकारों की भागीदारी के अवसरों को तलाशने के लिए प्रसिद्ध प्रोडक्शन हाउस के प्रतिनिधि, प्रोड्यूसर, डायरेक्ट और एक्टर्स का दल भोपाल आया हुआ है।
प्रमुख सचिव शुक्ला ने बताया कि मध्यप्रदेश में फिल्म मेंकिंग को सुगम और सफल बनाने के लिए फिल्म फैसिलिटेशन सेल अनेक प्रयास करती है। यह सभी फिल्मकारों को प्रदेश के लोकल लाइन प्रोड्यूसर्स और एक्टर्स से जोड़ती है। बड़ी अवधि में फिल्म निर्माण करने के लिए प्रोडक्शन हाउस से एमओयू भी किए जा सकते है जिससे एक से अधिक फिल्मों के लिए फिल्मांकन की सुविधा और सब्सिडी आसानी से दी जा सके। अंतर्राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के लिए तो 1.3 मिलियन अमेरिकन डॉलर तक की सब्सिडी भी दिए जाने का प्रावधान है। साथ ही फिल्म इंफ्रास्ट्रक्चर को स्थापित करने के लिए भी सब्सिडी दी जाती है। मध्यप्रदेश को अब पोस्ट प्रोडक्शन फैसिलिटी के गढ़ के रूप में स्थापित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रमुख सचिव शुक्ला ने सभी फिल्मकारों को फिल्म मेंकिंग के अलावा सहपरिवार पर्यटन के लिए मध्यप्रदेश में आमंत्रित किया। इस अवसर पर अपर प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड विवेक श्रोत्रिय भी उपस्थित रहे।
प्रसिद्ध प्रोड्युसर एवं एक्टर वाणी त्रिपाठी टीकू, मैजिक अवर फिल्म्स मुंबई के प्रोड्युसर समीर सरकार, जी स्टूडियो मुंबई के हेड ऑफ प्रोडक्शन एडं कमर्शियल्स सुमित खुराना, जियो स्टूडियो मुंबई की कन्टेंट अलाएंस हेड शोभा संत, वन एच मीडिया कंसल्टेंट मुंबई की फाउंडर हेमलता उपाध्याय, सोनी पिक्चर्स इंटरटेन्मेंट मुंबई के प्रोडक्शन हेड धैर्यशील निम्बाल्कर, गुरु फिल्म्स से फिल्म प्रोड्युसर (तेलुगु) सुनिता टाटी, लायंसगेट इंडिया की वाइस प्रेसिडेंट (ओरिजनल्स) मृणालिनी खन्ना, नेटफ्लिक्स के डायरेक्टर (प्रोडक्शन मैनेजमेंट) पार्थ अरोड़ा, जुगाड़ मोशन पिक्चर्स के प्रोड्युसर एवं फाउंडर धीर मोमाया ने प्रदेश में शूटिंग, परमिशन और सब्सिडी सहित अन्य विषयों पर मंथन किया।
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मप्र पर्यटन बोर्ड के उप संचालक (फिल्म) युवराज पडोले ने प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश की फिल्म टूरिज्म पॉलिसी और प्रदेश की उपलब्धियों एवं नवाचार को प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में रॉक आर्ट, टेक्सटाइल, फूड, ग्रामीण पर्यटन अनुभव आदि जैसे कई पर्यटन उत्पाद हैं। इस बात पर प्रकाश डाला कि कुछ फिल्म निर्माताओं ने मप्र की आकर्षक फिल्म पर्यटन नीति का लाभ उठाया है, और यह भी उल्लेख किया कि 4 नई फिल्म परियोजनाएं प्रदेश में निर्माणाधीन है।
फिल्म प्रोजेक्ट्स के लिए सब्सिडी
प्रदेश में फिल्मांकन को बढ़ावा देने के लिए फिल्म मेकर को विभिन्न क्षेत्रों में आकर्षक सब्सिडी दी जाती है। फीचर फिल्म्स के लिए दो करोड़ तक, वेब सीरीज और टीवी शो के लिए एक करोड़ तक, डॉक्यूमेंट्री के लिए 40 लाख तक सब्सिडी दी जाती है। अंतर्राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के लिए तो 10 करोड़ तक की सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान है। इसके अलावा फिल्म आधारित अधोसंरचना विकास के लिए 90 करोड़ तक और सिनेमा हॉल बनवाने के लिए एक करोड़ तक की सब्सिडी दी जाती है। इसके साथ ही स्थानीय आर्टिस्ट को काम देने पर 35 लाख तक, राज्य को प्रमुखता से दिखाने के लिए 50 लाख तक अतिरिक्त सब्सिडी और राज्य स्वामित्व के होटल और रिसॉर्ट का उपयोग करने पर रूम टैरिफ पर 40 प्रतिशत की छूट दी जाती है।
स्थानीय संस्कृति और पुरातात्विक वैभव ने मोहा मन
जनजातीय संग्रहालय में दर्शित स्थानीय संस्कृति की झलक और सांची स्तूप में पुरातात्विक वैभव ने सभी फिल्म विशेषज्ञों का मन मोह लिया। संग्रहालय में मध्यप्रदेश में निवासरत जनजातीय समूहों की कला, संस्कृति, परम्परा और जीवन उपयोगी शिल्प चित्रों, रहन-सहन तथा रीति-रिवाज रिवाजों का चित्रों, मूर्तियों एवं प्रदर्शनों को करीब से जाना। वही सांची स्तूप के पुरातात्विक वैभव और नैसर्गिक सौंदर्य से अभिभूत होके सभी विशेषज्ञों ने अगला फिल्म प्रोजेक्ट सांची के आसपास शूटिंग की इच्छा जाहिर की।
एक्सपर्ट शॉट्स में सिखाएंगे फिल्म मेकिंग के गुर
कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में गुरुवार सुबह 11 बजे एक्सपर्ट शॉट 3.0 में फिल्म एवं थियेटर से जुड़े कलाकार और विद्यार्थी फिल्म इंडस्ट्री के प्रसिद्ध विशेषज्ञों से फिल्ममेकिंग के गुर सीखेंगे। एक्सपर्ट शॉट 3.0 का लाइव एमपी टूरिज्म के यूट्यूब पेज पर किया जायेगा ताकि फिल्म क्षेत्र में रुचि रखने वाले सभी व्यक्ति इसका लाभ ले सकें।
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प्रमुख सचिव शुक्ला ने बताया कि मध्यप्रदेश में फिल्म मेंकिंग को सुगम और सफल बनाने के लिए फिल्म फैसिलिटेशन सेल अनेक प्रयास करती है। यह सभी फिल्मकारों को प्रदेश के लोकल लाइन प्रोड्यूसर्स और एक्टर्स से जोड़ती है। बड़ी अवधि में फिल्म निर्माण करने के लिए प्रोडक्शन हाउस से एमओयू भी किए जा सकते है जिससे एक से अधिक फिल्मों के लिए फिल्मांकन की सुविधा और सब्सिडी आसानी से दी जा सके। अंतर्राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के लिए तो 1.3 मिलियन अमेरिकन डॉलर तक की सब्सिडी भी दिए जाने का प्रावधान है। साथ ही फिल्म इंफ्रास्ट्रक्चर को स्थापित करने के लिए भी सब्सिडी दी जाती है। मध्यप्रदेश को अब पोस्ट प्रोडक्शन फैसिलिटी के गढ़ के रूप में स्थापित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रमुख सचिव शुक्ला ने सभी फिल्मकारों को फिल्म मेंकिंग के अलावा सहपरिवार पर्यटन के लिए मध्यप्रदेश में आमंत्रित किया। इस अवसर पर अपर प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड विवेक श्रोत्रिय भी उपस्थित रहे।
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प्रसिद्ध प्रोड्युसर एवं एक्टर वाणी त्रिपाठी टीकू, मैजिक अवर फिल्म्स मुंबई के प्रोड्युसर समीर सरकार, जी स्टूडियो मुंबई के हेड ऑफ प्रोडक्शन एडं कमर्शियल्स सुमित खुराना, जियो स्टूडियो मुंबई की कन्टेंट अलाएंस हेड शोभा संत, वन एच मीडिया कंसल्टेंट मुंबई की फाउंडर हेमलता उपाध्याय, सोनी पिक्चर्स इंटरटेन्मेंट मुंबई के प्रोडक्शन हेड धैर्यशील निम्बाल्कर, गुरु फिल्म्स से फिल्म प्रोड्युसर (तेलुगु) सुनिता टाटी, लायंसगेट इंडिया की वाइस प्रेसिडेंट (ओरिजनल्स) मृणालिनी खन्ना, नेटफ्लिक्स के डायरेक्टर (प्रोडक्शन मैनेजमेंट) पार्थ अरोड़ा, जुगाड़ मोशन पिक्चर्स के प्रोड्युसर एवं फाउंडर धीर मोमाया ने प्रदेश में शूटिंग, परमिशन और सब्सिडी सहित अन्य विषयों पर मंथन किया।
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मप्र पर्यटन बोर्ड के उप संचालक (फिल्म) युवराज पडोले ने प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश की फिल्म टूरिज्म पॉलिसी और प्रदेश की उपलब्धियों एवं नवाचार को प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में रॉक आर्ट, टेक्सटाइल, फूड, ग्रामीण पर्यटन अनुभव आदि जैसे कई पर्यटन उत्पाद हैं। इस बात पर प्रकाश डाला कि कुछ फिल्म निर्माताओं ने मप्र की आकर्षक फिल्म पर्यटन नीति का लाभ उठाया है, और यह भी उल्लेख किया कि 4 नई फिल्म परियोजनाएं प्रदेश में निर्माणाधीन है।
फिल्म प्रोजेक्ट्स के लिए सब्सिडी
प्रदेश में फिल्मांकन को बढ़ावा देने के लिए फिल्म मेकर को विभिन्न क्षेत्रों में आकर्षक सब्सिडी दी जाती है। फीचर फिल्म्स के लिए दो करोड़ तक, वेब सीरीज और टीवी शो के लिए एक करोड़ तक, डॉक्यूमेंट्री के लिए 40 लाख तक सब्सिडी दी जाती है। अंतर्राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के लिए तो 10 करोड़ तक की सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान है। इसके अलावा फिल्म आधारित अधोसंरचना विकास के लिए 90 करोड़ तक और सिनेमा हॉल बनवाने के लिए एक करोड़ तक की सब्सिडी दी जाती है। इसके साथ ही स्थानीय आर्टिस्ट को काम देने पर 35 लाख तक, राज्य को प्रमुखता से दिखाने के लिए 50 लाख तक अतिरिक्त सब्सिडी और राज्य स्वामित्व के होटल और रिसॉर्ट का उपयोग करने पर रूम टैरिफ पर 40 प्रतिशत की छूट दी जाती है।
स्थानीय संस्कृति और पुरातात्विक वैभव ने मोहा मन
जनजातीय संग्रहालय में दर्शित स्थानीय संस्कृति की झलक और सांची स्तूप में पुरातात्विक वैभव ने सभी फिल्म विशेषज्ञों का मन मोह लिया। संग्रहालय में मध्यप्रदेश में निवासरत जनजातीय समूहों की कला, संस्कृति, परम्परा और जीवन उपयोगी शिल्प चित्रों, रहन-सहन तथा रीति-रिवाज रिवाजों का चित्रों, मूर्तियों एवं प्रदर्शनों को करीब से जाना। वही सांची स्तूप के पुरातात्विक वैभव और नैसर्गिक सौंदर्य से अभिभूत होके सभी विशेषज्ञों ने अगला फिल्म प्रोजेक्ट सांची के आसपास शूटिंग की इच्छा जाहिर की।
एक्सपर्ट शॉट्स में सिखाएंगे फिल्म मेकिंग के गुर
कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में गुरुवार सुबह 11 बजे एक्सपर्ट शॉट 3.0 में फिल्म एवं थियेटर से जुड़े कलाकार और विद्यार्थी फिल्म इंडस्ट्री के प्रसिद्ध विशेषज्ञों से फिल्ममेकिंग के गुर सीखेंगे। एक्सपर्ट शॉट 3.0 का लाइव एमपी टूरिज्म के यूट्यूब पेज पर किया जायेगा ताकि फिल्म क्षेत्र में रुचि रखने वाले सभी व्यक्ति इसका लाभ ले सकें।
