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MP News: श्री श्री गौर राधा वल्लभ प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारी पूरी, शुक्रवार को प्रथम दर्शन देंगे भगवान
Thu, 14 Nov 2024 09:55 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 14 Nov 2024 09:55 PM IST
सार
भगवान कृष्ण काले संगमरमर से निर्मित हैं और श्रीमती राधारानी सफेद संगमरमर से निर्मित हैं! मुख्य विग्रह 4 फीट ऊंचे हैं और उत्सव विग्रह 1 फीट ऊंचे हैं। श्री विग्रह, एक अत्यंत सुंदर काष्ठ की वेदी जिसमें सोने की परत चढ़ी हुई है।
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भोपाल के सबसे बड़े राधा कृष्ण के विग्रह दर्शन देंगे इस्कॉन मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इस्कॉन भोपाल में श्री भगवान के प्राण प्रतिष्ठा उत्सव के लिए सात दिवसीय उत्सव का आयोजन किया गया है। इसकी अध्यक्षता परम पूज्य भक्ति विकास स्वामी महाराज तथा अन्य वरिष्ठ संन्यासी के मार्गदशन में हो रहा है। इस महोत्सव में भारत समेत, अमेरिका, रूस तथा अन्य कई यूरोपीय देशों से भक्त सम्मिलित हुए। जयपुर स्थित विशेष मूर्तिकारों द्वारा श्री विग्रह का निर्माण हुआ है। भगवान कृष्ण काले संगमरमर से निर्मित हैं और श्रीमती राधारानी सफेद संगमरमर से निर्मित हैं! मुख्य विग्रह 4 फीट ऊंचे हैं और उत्सव विग्रह 1 फीट ऊंचे हैं। श्री विग्रह, एक अत्यंत सुंदर काष्ठ की वेदी जिसमें सोने की परत चढ़ी हुई है, उसमे विराजमान होंगे। श्री विग्रह के वस्त्र तथा अलंकार वृंदावन, मुंबई, जयपुर, दिल्ली स्थित कारीगरों द्वारा निर्माण किया गया है। संपूर्ण मंदिर को विविध सुंदर पुष्पों से श्रृंगार किया गया है। मंदिर के शिखर में अष्टधातु से निर्मित एक विशेष सुदर्शन चक्र स्थापित किया गया है।
अधिवास समारोह द्वारा समस्त देवी देवताओं का आवाहन किया गया। श्री विग्रह स्थापन उत्सव, वैष्णव आचार्यों के उपस्थिति में, वैदिक नीति नियमों का पालन करते हुए किया जाएगा। संकल्प नेत्र उनमिलन नामक एक विशेष यज्ञ होगा, जिसमें भक्त, श्री भगवान के विग्रह का आजीवन सेवा तथा सुरक्षा का संकल्प लेंगे। 14 नवंबर रात्रि को एक विशेष शयन आधिवास समारोह होगा, जिसमें मुख्य विग्रह को रात्रि में शयन कराया जाएगा 15 नवंबर को श्री भगवान का पंचगव्य से अभिषेक होगा, जिसमें दूध, दही, मधु, विविध फलरसों आदि होंगे। श्री भगवान पूर्ण श्रृंगार सहित दोपहर तीन बजे से जन साधारण को दर्शन देंगे।
कार्तिक पूर्णिमा (15 नवंबर) पर भगवान के प्रथम दर्शन होंगे। 16 नवंबर को एक मेगा यूथ फेस्टिवल का आयोजन है। जिसमें परम पूज्य भक्ति विकास स्वामी महाराज युवाओं को संबोधन देंगे। युवा अवस्था में आध्यात्मिकता और भगवद गीता का शिक्षा के ऊपर कथा होगी। 17 नवंबर रविवार को सार्वजनिक सत्संग कार्यक्रम रहेगा। इस महोत्सव में मंदिर में 30,000 श्रद्धालुओं के हेतु प्रसाद की व्यवस्था की गई है।
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अधिवास समारोह द्वारा समस्त देवी देवताओं का आवाहन किया गया। श्री विग्रह स्थापन उत्सव, वैष्णव आचार्यों के उपस्थिति में, वैदिक नीति नियमों का पालन करते हुए किया जाएगा। संकल्प नेत्र उनमिलन नामक एक विशेष यज्ञ होगा, जिसमें भक्त, श्री भगवान के विग्रह का आजीवन सेवा तथा सुरक्षा का संकल्प लेंगे। 14 नवंबर रात्रि को एक विशेष शयन आधिवास समारोह होगा, जिसमें मुख्य विग्रह को रात्रि में शयन कराया जाएगा 15 नवंबर को श्री भगवान का पंचगव्य से अभिषेक होगा, जिसमें दूध, दही, मधु, विविध फलरसों आदि होंगे। श्री भगवान पूर्ण श्रृंगार सहित दोपहर तीन बजे से जन साधारण को दर्शन देंगे।
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कार्तिक पूर्णिमा (15 नवंबर) पर भगवान के प्रथम दर्शन होंगे। 16 नवंबर को एक मेगा यूथ फेस्टिवल का आयोजन है। जिसमें परम पूज्य भक्ति विकास स्वामी महाराज युवाओं को संबोधन देंगे। युवा अवस्था में आध्यात्मिकता और भगवद गीता का शिक्षा के ऊपर कथा होगी। 17 नवंबर रविवार को सार्वजनिक सत्संग कार्यक्रम रहेगा। इस महोत्सव में मंदिर में 30,000 श्रद्धालुओं के हेतु प्रसाद की व्यवस्था की गई है।
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