{"_id":"68cd65f9b6f86b1bd70a84e3","slug":"mp-news-plant-trees-on-the-banks-of-rivers-cm-said-places-of-faith-located-in-forests-should-be-developed-2025-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: नदियों के किनारों पर पौधरोपण करें, सीएम बोले- वनों में स्थित आस्था स्थलों को किया जाए विकसित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: नदियों के किनारों पर पौधरोपण करें, सीएम बोले- वनों में स्थित आस्था स्थलों को किया जाए विकसित
Fri, 19 Sep 2025 07:57 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Fri, 19 Sep 2025 07:57 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में वन विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि प्रदेश के जंगलों और नदियों के संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भूमिका अहम है। उन्होंने पारंपरिक रूप से संरक्षित स्थलों को "देवलोक वन" के रूप में विकसित करने और नदियों के किनारों पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
सीएम डॉ. मोहन यादव ने वन विभाग की समीक्षा की
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में वन विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन क्षेत्र में प्रदेश की प्रमुख नदियों के दोनों ओर 5 किलोमीटर क्षेत्र में पौधारोपण गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के वनांचल में ऐसे बहुत से क्षेत्र हैं, जिन्हें स्थानीय समुदायों द्वारा सांस्कृतिक या धार्मिक मान्यताओं के आधार पर पारंपरिक रूप से संरक्षित किया जाता है। आस्था के ये क्षेत्र न केवल आध्यात्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि जैवविविधता संरक्षण, पारिस्थितिकी संतुलन, सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ऐसे स्थलों को देवलोक वनों के रूप में विकसित करने की जरूरत बताई।
ये भी पढ़ें- MP News: सीधी हादसे के बाद सीएम का दौरा रद्द, अब त्योंथर में देंगे विकास की सौगात
विज्ञापन
अतिक्रमण हटाने में स्थानीय लोगों का सहयोग लें
मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियों के किनारों के अतिक्रमण हटाने में स्थानीय समुदाय का सहयोग लिया जाए। साथ ही स्थानीय समुदाय के आय संवर्धन के लिए पौधारोपण में औषधीय पौधों सहित उपयोगी पौधों के रोपण को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर उज्जैन देवास क्षेत्र को मेट्रोपोलिटन एरिया के रूप में विकसित किया जा रहा है, क्षिप्रा नदी के संरक्षण की योजना तदनुसार बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने नगर वनों के उचित विकास और रखरखाव के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देशित किया।
ये भी पढ़ें- प्रदेश के 23 जिलों में SC-ST के खिलाफ अपराध रोकने पुलिस करेगी निगरानी, 63 थाना क्षेत्र अत्याचार प्रभावित घोषित
मगरमच्छ व अन्य जलीय जीव इकोसिस्टम के लिए जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियों और जल संरचनाओं के स्वस्थ ईकोसिस्टम को बनाए रखने में मगरमच्छ, घड़ियाल और कछुओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन नदियों और जल संरचना में यह जीव अधिक संख्या में हैं, वहां से उन्हें शिफ्ट कर अन्य नदियों और जल संरचना में छोड़ा जाए। इसकी शुरुआत नर्मदा और तवा नदी से की जाए। बैठक में वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने, लघु वन उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि, तेंदूपत्ता बोनस वितरण आदि विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन बल प्रमुख वीएन अंबाडे सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
ये भी पढ़ें- MP News: भाजपा के डेढ़ दर्जन से ज्यादा जिलों में कार्यकारिणी के गठन का इंतजार, गुटबाजी डाल रही अड़ंगा
विज्ञापन
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के वनांचल में ऐसे बहुत से क्षेत्र हैं, जिन्हें स्थानीय समुदायों द्वारा सांस्कृतिक या धार्मिक मान्यताओं के आधार पर पारंपरिक रूप से संरक्षित किया जाता है। आस्था के ये क्षेत्र न केवल आध्यात्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि जैवविविधता संरक्षण, पारिस्थितिकी संतुलन, सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ऐसे स्थलों को देवलोक वनों के रूप में विकसित करने की जरूरत बताई।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- MP News: सीधी हादसे के बाद सीएम का दौरा रद्द, अब त्योंथर में देंगे विकास की सौगात
विज्ञापन
अतिक्रमण हटाने में स्थानीय लोगों का सहयोग लें
मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियों के किनारों के अतिक्रमण हटाने में स्थानीय समुदाय का सहयोग लिया जाए। साथ ही स्थानीय समुदाय के आय संवर्धन के लिए पौधारोपण में औषधीय पौधों सहित उपयोगी पौधों के रोपण को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर उज्जैन देवास क्षेत्र को मेट्रोपोलिटन एरिया के रूप में विकसित किया जा रहा है, क्षिप्रा नदी के संरक्षण की योजना तदनुसार बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने नगर वनों के उचित विकास और रखरखाव के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देशित किया।
ये भी पढ़ें- प्रदेश के 23 जिलों में SC-ST के खिलाफ अपराध रोकने पुलिस करेगी निगरानी, 63 थाना क्षेत्र अत्याचार प्रभावित घोषित
मगरमच्छ व अन्य जलीय जीव इकोसिस्टम के लिए जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियों और जल संरचनाओं के स्वस्थ ईकोसिस्टम को बनाए रखने में मगरमच्छ, घड़ियाल और कछुओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन नदियों और जल संरचना में यह जीव अधिक संख्या में हैं, वहां से उन्हें शिफ्ट कर अन्य नदियों और जल संरचना में छोड़ा जाए। इसकी शुरुआत नर्मदा और तवा नदी से की जाए। बैठक में वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने, लघु वन उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि, तेंदूपत्ता बोनस वितरण आदि विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन बल प्रमुख वीएन अंबाडे सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
ये भी पढ़ें- MP News: भाजपा के डेढ़ दर्जन से ज्यादा जिलों में कार्यकारिणी के गठन का इंतजार, गुटबाजी डाल रही अड़ंगा
