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MP News: दो सौ से ज्यादा लोगों की आंखें खराब,अब जागा प्रशासन, कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार, बढ़ रहे केस

Thu, 23 Oct 2025 08:47 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Thu, 23 Oct 2025 08:47 PM IST
सार

प्रदेश भर में कार्बाइड गन से करीब दो सौ लोगों की आंखें खराब होने के बाद भोपाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खतरनाक गन बेचने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। इधर प्रदेश भर में केस लगातार बढ़ रहे हैं। 

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MP News: Over 200 people have lost their eyesight, administration wakes up; youth arrested with carbide gun, c
गन बेचने वाला युवक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भोपाल समेत प्रदेश भर में कार्बाइड गन से करीब दो सौ लोगों की आंखें खराब होने के बाद भोपाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खतरनाक गन बेचने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। भोपाल पुलिस ने कार्बाइड गन के अवैध इस्तेमाल और बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शहर के विभिन्न इलाकों, एमपी नगर, बाग सेवनिया, गांधी नगर और गोविंदपुरा से 80 से ज़्यादा कार्बाइड गन जब्त की हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस सप्लाई नेटवर्क का पता लगाने और दिवाली के दौरान गन कैसे सर्कुलेट की गईं, यह जानने के लिए कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। वहीं इधर भोपाल के सेवा सदन अस्पताल में 12 और नए केस सामने आए हैं। इसी प्रकार प्रदेश भर में केस लगातार बढ़ रहे हैं। 
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42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिफ्तार
बागसेवनिया थाना पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए 25 वर्षीय भय्यू चौहान नामक युवक को पकड़ा। आरोपी के पास से 42 कार्बाइड गन, 29 लाइटर और डेढ़ किलो कैल्शियम पाउडर बरामद किया गया। पुलिस ने तत्काल केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने सभी थाना प्रभारियों को ऐसे विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उसी क्रम में बागसेवनिया पुलिस टीम एएसआई मनोज शर्मा के नेतृत्व में क्षेत्र में जांच कर रही थी, जब यह आरोपी मंडप गार्डन के पास पटाखे बेचते हुए मिला। पुलिस को देखकर वह भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
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घर-घर में बिक रही थी खतरनाक गन
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कोलार क्षेत्र की झुग्गियों में बने कारखानों से यह गन लेकर सड़क किनारे बेचता था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह गन कैल्शियम कार्बाइड और आग के प्रयोग से चलती है, जो विस्फोट जैसी स्थिति पैदा कर सकती है। इसी कारण पिछले दिनों भोपाल में कई लोग झुलस चुके हैं।

लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
पुलिस कमिश्नर मिश्र ने कहा कि शहर में अवैध और खतरनाक वस्तुओं की बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी थाना क्षेत्रों में टीमों को सर्च अभियान पर लगाया गया है। लोगों की सुरक्षा हमारी पहली जिम्मेदारी है।



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मरीजों की करनी पड़ सकती है दोबारा सर्जरी
सेवा सदन की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभा राय ने बताया कि यह गन कोई पटाखा नहीं बल्कि रासायनिक उपकरण है जो पल भर में आंखों की रोशनी छीन रही है। लोगों को इससे सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि इस तरह के केस लगातार आ रहे हैं। हमारे यहां कई सीरियस केस हैं। कई मरीजों के तो दोबारा ऑपरेशन करने की स्थिति बन सकती है। एक सर्जरी में ठीक होना मुश्किल लग रहा है। लोगों को ठीक होने में दो से तीन साल लग सकते हैं। सेवा सदन में अभी तक 62 केस आए हैं। गुरुवार को 12 मरीज आए हैं। शुक्रवार को चार लोगों की सर्जरी होनी है।

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खराब हो सकती पूरी कॉर्निया
बीएमएचआरसी की नेत्र रोग विभाग की एचओडी डॉ.हेमलता यादव ने बताया कि इस गन से आंखों की काली पुतली डैमेज हो रही है और स्टेम से डिफिशिएंसी होने कारण बाद में पूरी कॉर्निया खराब हो सकती है। कभी-कभी ट्रॉमा के कारण ऑप्टिक न्यूरोपैथी भी हो सकती है। पर्दे में सूजन आ सकती है जिसके कारण रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है। यह बहुत खतरनाक फटका है। इसका उपयोग नहीं करना चाहिए। उन्होने बताया कि बीएमएचआरसी में 8 मरीजों का इलाज कया जा रहा है। डॉ.यादव ने बताया कि यह गन केमिकल रिएक्शन से विस्फोट करती है। जब गन नहीं चलती, तो बच्चे उसकी नाल में झांकते हैं। उसी समय गैस का दबाव बढ़ता है और धमाका होता है। यह ‘गन’ कोई पटाखा नहीं, बल्कि यह रासायनिक उपकरण है। जो पलभर में आंखों की रोशनी छीन सकता है।
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