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MP News: हर जिले तक पहुंचेगी सुपर स्पेशालिटी सुविधा, डिप्टी CM बोले- इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर
Thu, 23 Oct 2025 06:17 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Thu, 23 Oct 2025 06:17 PM IST
सार
प्रदेश के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशालिटी सेवाओं का विस्तार किया जाएगा ताकि कैंसर, हृदय रोग और अंग प्रत्यारोपण जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज अब राज्य में ही संभव हो सके। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़, समयबद्ध और आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने व्यापक योजना तैयार की है।
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उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश के नागरिकों को जल्द ही अपने ही राज्य में अत्याधुनिक इलाज की सुविधा मिलने जा रही है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़, समयबद्ध और आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने व्यापक योजना तैयार की है।भोपाल में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि सीएम केयर योजना अब केवल एक स्कीम नहीं, बल्कि जन-स्वास्थ्य क्रांति साबित होगी। इस योजना के तहत प्रदेश के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशालिटी सेवाओं का विस्तार किया जाएगा ताकि कैंसर, हृदय रोग और अंग प्रत्यारोपण जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज अब राज्य में ही संभव हो सके।
हमारा लक्ष्य है कि मरीज इलाज के लिए भोपाल से बाहर न जाएं
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आने वाले महीनों में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, रीवा और सागर मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशालिटी विभाग स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने बताया हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी मरीज इलाज के लिए न दिल्ली जाए, न मुंबई। अत्याधुनिक इलाज अब यहीं मिलेगा हमारे अपने शहरों में। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधोसंरचना विकास, भर्ती प्रक्रिया और विशेषज्ञ डॉक्टरों की पोस्टिंग का काम निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए।
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नर्सिंग और मेडिकल शिक्षा में भी बड़े बदलाव की तैयारी
राज्य सरकार ने नर्स और नर्सिंग शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया तेज करने का निर्णय लिया है।साथ ही एएनएम काउंसलिंग को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रशिक्षित नर्सों की कमी न रहे।इसी कड़ी में रीवा मेडिकल कॉलेज में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग शुरू करने और सागर मेडिकल कॉलेज के यूजी हॉस्टल के उन्नयन की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। इन कार्यों को सीएसआर फंड से प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह भीा पढ़ें-57 वर्षीय व्यक्ति के फूड पाइप में एक माह तक फंसा रहा दवा का रैपर, BMHRC के चिकित्सकों ने बचाई जान
स्वास्थ्य का नया मॉडल
राज्य सरकार का उद्देश्य है कि अगले तीन वर्षों में प्रदेश को मेडिकल सर्विस हब के रूप में विकसित किया जाए।सीएम केयर योजना के तहत कैंसर उपचार के लिए मेडिकल, सर्जिकल और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी सेवाएं बढ़ाई जाएंगी।हृदय रोगों के लिए कार्डियोथोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी, एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।और अंग प्रत्यारोपण की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इससे प्रदेश के मेडिकल कॉलेज न केवल मरीजों के इलाज बल्कि सुपर स्पेशालिटी कोर्स चलाने वाले संस्थान के रूप में भी विकसित होंगे।
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हमारा लक्ष्य है कि मरीज इलाज के लिए भोपाल से बाहर न जाएं
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आने वाले महीनों में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, रीवा और सागर मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशालिटी विभाग स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने बताया हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी मरीज इलाज के लिए न दिल्ली जाए, न मुंबई। अत्याधुनिक इलाज अब यहीं मिलेगा हमारे अपने शहरों में। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधोसंरचना विकास, भर्ती प्रक्रिया और विशेषज्ञ डॉक्टरों की पोस्टिंग का काम निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए।
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नर्सिंग और मेडिकल शिक्षा में भी बड़े बदलाव की तैयारी
राज्य सरकार ने नर्स और नर्सिंग शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया तेज करने का निर्णय लिया है।साथ ही एएनएम काउंसलिंग को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रशिक्षित नर्सों की कमी न रहे।इसी कड़ी में रीवा मेडिकल कॉलेज में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग शुरू करने और सागर मेडिकल कॉलेज के यूजी हॉस्टल के उन्नयन की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। इन कार्यों को सीएसआर फंड से प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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स्वास्थ्य का नया मॉडल
राज्य सरकार का उद्देश्य है कि अगले तीन वर्षों में प्रदेश को मेडिकल सर्विस हब के रूप में विकसित किया जाए।सीएम केयर योजना के तहत कैंसर उपचार के लिए मेडिकल, सर्जिकल और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी सेवाएं बढ़ाई जाएंगी।हृदय रोगों के लिए कार्डियोथोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी, एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।और अंग प्रत्यारोपण की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इससे प्रदेश के मेडिकल कॉलेज न केवल मरीजों के इलाज बल्कि सुपर स्पेशालिटी कोर्स चलाने वाले संस्थान के रूप में भी विकसित होंगे।
