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MP News: इंटरपोल ने एमपी सरकार से मांगी अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्कर ताशी शेरपा का नेटवर्क खंगालने में मदद
Fri, 04 Jul 2025 09:09 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 04 Jul 2025 09:09 PM IST
सार
इंटरपोल ने अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्कर ताशी शेरपा के नेटवर्क का खुलासा करने में मदद के लिए मध्यप्रदेश सरकार से जानकारी मांगी है। एमपीएसटीएसएफ द्वारा पकड़े गए शेरपा को पांच साल की सजा मिली है। इंटरपोल ने उसके टेलीफोन, वित्तीय और नेटवर्क संबंधी डेटा साझा करने का आग्रह किया है।
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अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्कर ताशी शेरपा
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
इंटरपोल ने अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्कर ताशी शेरपा को पिछले साल 24 जनवरी को नेपाल सीमा के पास दार्जिलिंग से गिरफ्तार करने वाली मध्य प्रदेश सरकार से बाघों के तस्करी के नेटवर्क का खुलासा करने के लिए मदद मांगी है। फ्रांस के ल्योन स्थित अंतरराष्ट्रीय अपराध पुलिस नियंत्रण संगठन (इंटरपोल) मुख्यालय ने मध्यप्रदेश सरकार को पत्र लिखकर अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्कर को पांच साल की सजा दिलाने के लिए बधाई दी है। साथ ही इंटरपोल ने मध्य प्रदेश राज्य बाघ स्ट्राइक फोर्स (एमपीएसटीएसएफ) से ताशी शेरपा के नेटवर्क खंगालने में मदद करने के लिए भी पत्र भेजा है।
एमपी एसटीएसएफ प्रदेश में बाघों के तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करता है और इसी संगठन ने वर्ष 2024 में ताशी शेरपा को भारत-नेपाल सीमा के पास दार्जिलिंग से गिरफ्तार किया था। 46 वर्षीय ताशी शेरपा मूलत: तिब्बत का रहने वाला है और भारत, नेपाल सहित कई देशों में बाघों के तस्करी के लिए अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क चलाता है। शिकार और वन्यजीव तस्करी के कई मामलों में वांछित शेरपा आठ साल तक फरार रहा। एमपीएसटीएसएफ द्वारा गिरफ्तारी कर उसके खिलाफ जुटाए गए साक्ष्यों के साथ कोर्ट में चालान पेश किया था। मई 2025 में नर्मदापुरम की एक सीजेएम अदालत ने ताशी शेरपा को दोषी ठहराते हुए पांच साल की सजा सुनाई है। ताशी शेरपा की ब्रेन-मेपिंग और पॉलीग्राफी परीक्षण करवाया, जिससे उसके विरुद्ध महत्वपूर्ण सबूत मिले। साइबर डेटा भी एकत्र कर न्यायालय में प्रस्तुत किए गए थे जो उसे सजा दिलाने में कारगर साबित हुए। वर्तमान में शेरप मध्यप्रदेश की जेल में बंद है। सुरक्षा कारणों से सरकार यह खुलासा नहीं करती कि वह किस जेल में बंद है।
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इंटरपोल निदेशक ने पत्र लिखकर मांगी मदद
मध्य प्रदेश सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एमपी एसटीएसएफ को इंटरपोल के निदेशक डेविड काउंटर ने पत्र लिखकर ताशी शेरपा के नेटवर्क के संबंध में मदद मांगी है। पत्र में लिखा है कि शेरपा का नेटवर्क भारत, भूटान, नेपाल और चीन में संचालित होने का संदेह है। इस नेटवर्क के प्रमुख सदस्यों पर कई रेड नोटिस और डिफ्यूजन (सदस्य देश द्वारा सहयोग और सूचना का अनुरोध करने के लिए प्रसारित औपचारिक अलर्ट) अभी भी लंबित हैं। इंटरपोल इस अवसर पर शेरपा से जुड़े व्यापक आपराधिक नेटवर्क की जांच में सहायता चाहता है। इंटरपोल ने एमपीएसटीएसएफ से शेरपा की जांच से संबंधित अतिरिक्त जानकारी साझा करने का भी आग्रह किया, जिसमें उसके टेलीफोन डेटा, वित्तीय रिकॉर्ड, व्यावसायिक विवरण, पूछताछ रिकॉर्ड, ज्ञात और संदिग्ध सहयोगी आदि शामिल हैं।
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इंटरपोल मध्यप्रदेश के एमपी एसटीएसएफ द्वारा शेरपा के खिलाफ एकत्रित की गई जानकारी और साक्ष्यों को साझाने का आग्रह किया है, ताकि इंटरपोर्ट उसके नेटवर्क के अन्य सदस्यों को सलाखों तक पहुंचाने में भारत सहित अन्य देशों की मदद कर सके। इंटरपोल ने कहा कि भारत सरकार अनुमति देती है तो यहां से प्रप्त डाटा का विश्लेषण कर अन्य सदस्य देशों के साथ संयुक्त जांच शुरू करने के लिए इसका इस्तेमाल करेगा।
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एमपी एसटीएसएफ प्रदेश में बाघों के तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करता है और इसी संगठन ने वर्ष 2024 में ताशी शेरपा को भारत-नेपाल सीमा के पास दार्जिलिंग से गिरफ्तार किया था। 46 वर्षीय ताशी शेरपा मूलत: तिब्बत का रहने वाला है और भारत, नेपाल सहित कई देशों में बाघों के तस्करी के लिए अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क चलाता है। शिकार और वन्यजीव तस्करी के कई मामलों में वांछित शेरपा आठ साल तक फरार रहा। एमपीएसटीएसएफ द्वारा गिरफ्तारी कर उसके खिलाफ जुटाए गए साक्ष्यों के साथ कोर्ट में चालान पेश किया था। मई 2025 में नर्मदापुरम की एक सीजेएम अदालत ने ताशी शेरपा को दोषी ठहराते हुए पांच साल की सजा सुनाई है। ताशी शेरपा की ब्रेन-मेपिंग और पॉलीग्राफी परीक्षण करवाया, जिससे उसके विरुद्ध महत्वपूर्ण सबूत मिले। साइबर डेटा भी एकत्र कर न्यायालय में प्रस्तुत किए गए थे जो उसे सजा दिलाने में कारगर साबित हुए। वर्तमान में शेरप मध्यप्रदेश की जेल में बंद है। सुरक्षा कारणों से सरकार यह खुलासा नहीं करती कि वह किस जेल में बंद है।
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इंटरपोल निदेशक ने पत्र लिखकर मांगी मदद
मध्य प्रदेश सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एमपी एसटीएसएफ को इंटरपोल के निदेशक डेविड काउंटर ने पत्र लिखकर ताशी शेरपा के नेटवर्क के संबंध में मदद मांगी है। पत्र में लिखा है कि शेरपा का नेटवर्क भारत, भूटान, नेपाल और चीन में संचालित होने का संदेह है। इस नेटवर्क के प्रमुख सदस्यों पर कई रेड नोटिस और डिफ्यूजन (सदस्य देश द्वारा सहयोग और सूचना का अनुरोध करने के लिए प्रसारित औपचारिक अलर्ट) अभी भी लंबित हैं। इंटरपोल इस अवसर पर शेरपा से जुड़े व्यापक आपराधिक नेटवर्क की जांच में सहायता चाहता है। इंटरपोल ने एमपीएसटीएसएफ से शेरपा की जांच से संबंधित अतिरिक्त जानकारी साझा करने का भी आग्रह किया, जिसमें उसके टेलीफोन डेटा, वित्तीय रिकॉर्ड, व्यावसायिक विवरण, पूछताछ रिकॉर्ड, ज्ञात और संदिग्ध सहयोगी आदि शामिल हैं।
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इंटरपोल मध्यप्रदेश के एमपी एसटीएसएफ द्वारा शेरपा के खिलाफ एकत्रित की गई जानकारी और साक्ष्यों को साझाने का आग्रह किया है, ताकि इंटरपोर्ट उसके नेटवर्क के अन्य सदस्यों को सलाखों तक पहुंचाने में भारत सहित अन्य देशों की मदद कर सके। इंटरपोल ने कहा कि भारत सरकार अनुमति देती है तो यहां से प्रप्त डाटा का विश्लेषण कर अन्य सदस्य देशों के साथ संयुक्त जांच शुरू करने के लिए इसका इस्तेमाल करेगा।
