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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: If there are 384 candidates, then elections will be held through ballot paper, know why Digvijay Sing

MP News: 384 प्रत्याशी हुए तो बैलेट पेपर से होगा चुनाव, इस नियम से क्यों उत्साहित हैं दिग्विजय सिंह जानिए

Mon, 01 Apr 2024 09:20 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Mon, 01 Apr 2024 09:20 PM IST
सार


लोकसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बाद अब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह भी कार्यकर्ताओं को बैलेट पेपर से वोटिंग करने का फॉर्मूला बता रहे हैं। वे बोल रहे हैं कि हर सीट पर 400 नामांकन के बाद बैलेट पेपर से चुनाव होंगे। 

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MP News: If there are 384 candidates, then elections will be held through ballot paper, know why Digvijay Sing
दिग्विजय सिंह - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के नेता ईवीएम पर सवाल उठाने के बाद अब बैलेट पेपर यानी मतपत्र से चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। इसमें सबसे आगे मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह हैं। उनको कांग्रेस ने राजगढ़ से लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया है। अब वे अपने क्षेत्र में कार्यकर्ताओं से कह रहे हैं कि 400 से ज्यादा प्रत्याशी हों तो चुनाव आयोग को ईवीएम की जगह मतपत्र का इस्तेमाल करना पड़ेगा। वे यह दावा भी कर रहे हैं कि बैलेट पेपर से चुनाव होंगे तो भाजपा की हार पक्की है। इसके लिए वे कार्यकर्ताओं को प्रयास करने की बात भी कर रहे हैं। 
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इससे पूर्व छत्तीसगढ़ में भी पूर्व सीएम भूपेश बघेल एक सीट पर 375 से अधिक नामांकन होने पर बैलेट पेपर से चुनाव होने की बात कर चुके हैं। वे कार्यकर्ताओं से अधिकाधिक नामांकन पत्र भरने की अपील कर रहे हैं। 
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ऐसा कोई नियम नहीं : ओपी रावत
दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों के दावे को लेकर अमर उजाला ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत से बात कि तो उन्होंने बताया कि ऐसा कोई नियम नहीं है, लेकिन तकनीकी रूप से ईवीएम से नोटा समेत 384 उम्मीदवारों तक के नाम दर्ज किए जा सकते हैं। इसमें नोटा का बटन शामिल है। इससे एक भी उम्मीदवार का नाम ज्यादा होने पर बैलेट पेपर से चुनाव कराना होगा।  
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यह है सबसे बड़ी बाधा 
लोकसभा चुनाव के लिए सामान्य वर्ग के प्रत्याशी को 25 हजार रुपये जमानत राशि जमा करना होती है। वहीं, आरक्षित वर्ग के लिए यह राशि 12,500 रुपये है। यदि सामान्य वर्ग की सीट पर 385 नामांकन भरवाते हैं तो यह राशि करीब 96 लाख 25 हजार रुपये होगी। ऐसे में एक सीट पर करीब एक करोड़ रुपये नामांकन भरने के लिए ही खर्च करना होगा। वहीं, नियम है ऐसे प्रत्याशी जो निर्वाचन क्षेत्र में डाले गए वैध मतों के 1/6 यानी छठे भाग से अधिक वोट पाने में असफल होते हैं, उनकी जमानत राशि जब्त हो जाती है। यानी उनको राशि वापस नहीं मिलती है।  

अधिकतम 24 यूनिट जोड़ सकते हैं 
एक बैलेटिंग यूनिट में 16 प्रत्याशियों के नाम फीड करने की सीमा है। 2006 से 2016 तक एम-2 ईवीएम में 16 से अधिक प्रत्याशियों की संख्या होने पर एक बैलेटिंग यूनिट जोड़ दिया जाता था। यानी दो ईवीएम में चार बैलेटिंग यूनिट जोड़कर 64 प्रत्याशियों के नाम दर्ज किए जा सकते थे। हालांकि, अब 2013 के बाद से एम-3 ईवीएम का उपयोग किया जा रहा है। इसमें चार की जगह 24 बैलेटिंग यूनिट जोड़ सकते हैं। यानी अब 384 प्रत्याशियों के नाम दर्ज किया जा सकते हैं। 


दिग्गी पहले दिन से बहाना ढूंढ रहे : वीडी
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने दिग्विजय सिंह और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। शर्मा ने कहा कि देश के अंदर सबसे बड़े जयचंद का नाम दिग्विजय सिंह है। दिग्विजय सिंह शहीद और सेना पर सवाल उठाते आए हैं। प्रचंड हार की डर से दिग्विजय सिंह बैलेट पेपर की बात कह रहे हैं, उनकी जमानत जब्त होगी, इसलिए वे पहले दिन से ही बहाना ढूंढ रहे हैं।
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