फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: Governor said- Karmayogi Bhaav is the need of the hour, CM said- MP is moving on the path of resoluti

MP News: राज्यपाल बोले- कर्मयोगी भाव समय की जरूरत, सीएम ने कहा- राष्ट्र नीति के संकल्प पथ पर बढ़ रहा मप्र

Fri, 28 Mar 2025 09:10 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश Published by: आनंद पवार Updated Fri, 28 Mar 2025 09:10 PM IST
सार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश राष्ट्र नीति के संकल्प पथ पर आगे बढ़ रहा है और यहां की विविधता, भाषाएं, बोलियां और संस्कृति राज्य की शान हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रदेश में तमिल और तेलुगू जैसी अन्य भाषाओं को पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

विज्ञापन
MP News: Governor said- Karmayogi Bhaav is the need of the hour, CM said- MP is moving on the path of resoluti
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजभवन के सांदीपनि सभागार में 'कर्मयोगी बनें' कार्यशाला का शुभारंभ पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब ऐसे मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि 21वीं सदी भारत की सदी होगी। उन्होंने कर्मयोगी भाव को, भावनाओं के साथ प्रतिबद्ध प्रयास के रूप में प्रस्तुत करते हुए इसे विकसित भारत के निर्माण के लिए समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि कर्मयोगी पथ दैनिक जीवन में उच्च उद्देश्य के लिए कार्य करने का वह मार्ग है, जो व्यक्तिगत उन्नति के साथ समाज सुधार और सेवा का प्रभावी साधन बन सकता है। पटेल ने आगे कहा कि देश ने ज्ञान, विज्ञान और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है, जिससे भारत की दुनिया में नई पहचान बनी है। उन्होंने कहा कि एकजुट प्रयासों से राष्ट्र निर्माण की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कर्मयोगी बनने के लिए काम की प्रकृति कुछ भी हो, व्यक्ति को लगातार कार्य करते रहना होगा और इसके लिए सकारात्मक दृष्टिकोण, समय प्रबंधन और कर्तव्य पालन की आवश्यकता होती है।
विज्ञापन


यह भी पढ़े MP Board 5th 8th Result 2025: लड़कियों ने मारी बाजी, 5वीं में 92.70 और 8वीं में 90.02 प्रतिशत बच्चे पास
विज्ञापन


तमिल, तेलुगू पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करेंगे : सीएम
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश राष्ट्र नीति के संकल्प पथ पर आगे बढ़ रहा है और यहां की विविधता, भाषाएं, बोलियां और संस्कृति राज्य की शान हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रदेश में तमिल और तेलुगू जैसी अन्य भाषाओं को पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही, मिशन कर्मयोगी के तहत राष्ट्रीय विशेषज्ञों की कमेटी बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यशाला एक अद्भुत पहल है, जिसका उद्देश्य कर्मयोग के सिद्धांतों को समाज में सशक्त रूप से स्थापित करना है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कर्मयोगी परंपरा का आदर्श बताया और कहा कि मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सुशासन को सभी स्तरों पर लागू करना है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति की विशालता में पूरे ब्रह्मांड के कल्याण का चिंतन समाहित है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़े MP News: रामेश्वर शर्मा बोले- वक्फ की जमीन से केवल दो-चार-दस परिवार पलते रहे इससे काम नहीं चलेगा

इन वक्ताओं ने भी किया संबोधित
कार्यशाला में कई प्रमुख वक्ताओं ने अपने विचार रखे। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि कर्मयोग का चिंतन केवल राष्ट्र जीवन के लिए आवश्यक नहीं है, बल्कि यह शिक्षा जगत में भी आमूल-चूल परिवर्तन का कारण बनेगा। प्रोफेसर बाला सुब्रह्मण्यम ने कर्मयोग के सिद्धांतों के माध्यम से कर्मचारियों की क्षमता वृद्धि पर जोर दिया और इस दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की। आईआईटी कानपुर के अध्यक्ष पद्मश्री के. राधाकृष्णन ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे गुरु बनकर युवाओं को कर्मयोगी बनाने में मदद करें। उन्होंने कहा कि भगवत गीता के सिद्धांतों को छात्रों में जागरूक किया जाए।

यह भी पढ़े Bhopal: ईद पर कैदियों से खुली मुलाकात पर रोक हटाने DG से मिले कांग्रेस नेता, बोले- होली दिवाली की तरह मिले छूट

78 विवि के प्रमुखों ने हिस्सा लिया
यूनाइटेड कॉन्शियसनेस के ग्लोबल संयोजक विक्रांत सिंह तोमर ने कार्यशाला की जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यक्रम में 78 विश्वविद्यालयों के शैक्षिक प्रमुखों ने हिस्सा लिया। 11 हजार से अधिक शिक्षकों और विद्यार्थियों ने कर्मयोगी शिक्षा की चुनौतियों और समाधानों पर विचार किया। इस कार्यशाला में प्रदेश के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के कुलगुरु, कुलपति, प्राचार्य और अन्य शैक्षिक संस्थाओं के प्रमुखों ने भाग लिया और कर्मयोग के सिद्धांतों पर व्यापक चर्चा की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed