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MP News: सरकार ने दी वित्तीय अधिकार पुस्तिका 2025 को मंजूरी, 1 जुलाई से होंगे नए प्रावधान लागू
Tue, 27 May 2025 07:55 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 27 May 2025 07:55 PM IST
सार
मध्यप्रदेश सरकार ने शासकीय कामकाज को और अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक अहम निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में वित्तीय अधिकार पुस्तिका 2025 (भाग-1) को मंजूरी प्रदान की गई। यह पुस्तिका आगामी 1 जुलाई 2025 से प्रभावी होगी।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत मंत्रीगण कैबिनेट बैठक में
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में एक अहम फैसला लिया गया। बैठक में वित्तीय अधिकार पुस्तिका 2025 (भाग-1) को अनुमोदन मिल गया है। यह पुस्तिका 1 जुलाई 2025 से लागू होगी। इसके तहत सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, गति और विभागीय अधिकारों में बढ़ोतरी को प्राथमिकता दी गई है। यह संशोधित वित्तीय अधिकार पुस्तिका सरकारी कार्यों में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इससे प्रशासनिक निर्णय लेने में समय की बचत होगी और विकेन्द्रीकरण को बढ़ावा मिलेगा। वित्तीय अधिकार पुस्तिका में 13 वर्षों बाद बड़े स्तर पर संशोधन किया गया है। 2012 के बाद से मूल्य और लागतों में वृद्धि, नई तकनीक, और कार्यालय संचालन में बदलावों को देखते हुए पुराने और अप्रासंगिक प्रावधानों को हटाकर नई आवश्यकताओं के अनुरूप नियम जोड़े गए हैं।
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अब विभागों को मिलेंगे ये अधिकार
बजट नियंत्रण अधिकारी नियुक्त करने का अधिकार संबंधित विभाग को मिलेगा। किसी भी कार्य के लिए कंसल्टेंसी फर्म या एजेंसी नियुक्त करने का अधिकार विभागों को दिया गया है। इंटर्न रखने की अनुमति, अब प्रशासनिक स्तर पर दी जा सकेगी। मानदेय की स्वीकृति (Fundamental Rule 46 के तहत) भी अब विभाग दे सकेंगे। पेंशन या उपदान के अधिक भुगतान को Write-Off करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। मेडिकल एडवांस का 80% तक भुगतान अब विभाग कर सकेंगे, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की अनुमति नहीं चाहिए होगी। विभागीय भवनों को तोड़ने की अनुमति अब संबंधित विभाग स्वयं दे सकेंगे।
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वित्त विभाग को मिली सुधार की छूट
कैबिनेट ने वित्त विभाग को पुस्तिका में लिपिकीय त्रुटियों को सुधारने और भविष्य में आवश्यकता अनुसार संशोधन करने की छूट दी है। साथ ही, इसका हिन्दी अनुवाद भी जारी किया जाएगा ताकि सभी विभागों में इसका उपयोग आसानी से हो सके।
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अब विभागों को मिलेंगे ये अधिकार
बजट नियंत्रण अधिकारी नियुक्त करने का अधिकार संबंधित विभाग को मिलेगा। किसी भी कार्य के लिए कंसल्टेंसी फर्म या एजेंसी नियुक्त करने का अधिकार विभागों को दिया गया है। इंटर्न रखने की अनुमति, अब प्रशासनिक स्तर पर दी जा सकेगी। मानदेय की स्वीकृति (Fundamental Rule 46 के तहत) भी अब विभाग दे सकेंगे। पेंशन या उपदान के अधिक भुगतान को Write-Off करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। मेडिकल एडवांस का 80% तक भुगतान अब विभाग कर सकेंगे, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की अनुमति नहीं चाहिए होगी। विभागीय भवनों को तोड़ने की अनुमति अब संबंधित विभाग स्वयं दे सकेंगे।
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वित्त विभाग को मिली सुधार की छूट
कैबिनेट ने वित्त विभाग को पुस्तिका में लिपिकीय त्रुटियों को सुधारने और भविष्य में आवश्यकता अनुसार संशोधन करने की छूट दी है। साथ ही, इसका हिन्दी अनुवाद भी जारी किया जाएगा ताकि सभी विभागों में इसका उपयोग आसानी से हो सके।
