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MP News: बेमौसम बारिश पर किसानों के फसल बर्बाद, मंत्री बोले- सीएम ने कलेक्टर को सर्वे के निर्दश दिए

Fri, 20 Feb 2026 08:10 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Fri, 20 Feb 2026 08:10 PM IST
सार

मध्य प्रदेश में बेमौसम बारिश से किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है। विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद सरकार ने जिलों में सर्वे कर नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं।

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MP News: Farmers' crops ruined due to unseasonal rains, minister says CM instructed collector to conduct surve
मप्र विधानसभा का बजट सत्र आज से - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विधानसभा के शून्यकाल के दौरान प्रदेश में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया। बदनावर से विधायक भंवरसिंह शेखावत  ने सदन में कहा कि पिछले दो दिनों में तेज बारिश और आंधी के कारण विशेष रूप से गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।उन्होंने सरकार से मांग की कि तत्काल पटवारी और तहसीलदार स्तर पर सर्वे कराया जाए और किसानों को हुए नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए। विधायक ने यह भी कहा कि यदि गेहूं की फसल गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी तो किसानों को सरकारी खरीदी में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस पर जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वर्षा से हुए नुकसान की पूरी जानकारी जुटाई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील है और किसी भी किसान को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि यदि फसलों को नुकसान हुआ है तो उसका आकलन कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदेश में एक साल में टूटे बिजली तारों से 54 लोगों की जान गई
मध्यप्रदेश में बीते एक वर्ष के दौरान बिजली लाइनों के टूटने और करंट की चपेट में आने से 54 लोगों की मृत्यु हुई है। जनवरी 2025 से अब तक सामने आए मामलों में यह जानकारी सामने आई है। सरकार ने बताया कि ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा कई स्तरों पर कदम उठाए जा रहे हैं। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विधानसभा में विधायक चिंतामणि मालवीय के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि विद्युत वितरण और पावर ट्रांसमिशन कंपनियां नियमित रूप से लाइनों का रखरखाव कर रही हैं। जोखिम वाले स्थानों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि सड़कों और आबादी वाले इलाकों में लाइनों के नीचे सुरक्षा गार्डिंग की व्यवस्था की जाती है। घनी बस्तियों में खुले तारों के स्थान पर एबी केबल अथवा कवर तार लगाए जा रहे हैं, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके। ग्रामीण क्षेत्रों में भी किसानों और आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनमें बिजली लाइनों के नीचे निर्माण या कृषि कार्य न करने की सलाह दी जाती है। लाइन कर्मचारियों को भी सुरक्षा उपकरणों के उपयोग और प्रशिक्षण पर जोर दिया जा रहा है।
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9 लाख से अधिक लोगों को मिल रही मुफ्त बिजली
राज्य सरकार द्वारा बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को मुफ्त या रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में करीब 9 लाख 30 हजार उपभोक्ताओं को निशुल्क बिजली का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा अटल गृह ज्योति योजना के तहत लगभग एक करोड़ हितग्राहियों को लाभ दिया जा रहा है, जबकि अटल कृषि ज्योति योजना के अंतर्गत करीब 26 लाख किसानों को रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। यह जानकारी ऊर्जा मंत्री ने विधायक राजेंद्र भारती के प्रश्न के उत्तर में दी।
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