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72 घंटे में 54 एफआईआर: तीन करोड़ से अधिक की ठगी, डिजिटल अरेस्ट से लेकर 10-12 रुपए की लिंक तक से खाली हुए खाते

Fri, 20 Feb 2026 05:51 PM IST
भोपाल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: भोपाल ब्यूरो Updated Fri, 20 Feb 2026 05:51 PM IST
सार

भोपाल में 72 घंटों में 54 साइबर ठगी के मामले दर्ज हुए, जिनमें जालसाज 3.10 करोड़ रुपये से अधिक उड़ा चुके हैं। डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक, एपीके फाइल और छोटे भुगतान लिंक से खाते खाली किए जा रहे हैं। पुलिस ने सतर्क रहने और 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत की अपील की है।

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Cyber Crime in bhoal: 54 FIRs in 72 hours, Over 3 crore rupees worth of fraud
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विस्तार

राजधानी में साइबर अपराधियों ने ऐसा जाल बिछाया कि महज 72 घंटों में एक दर्जन थानों में 54 साइबर फ्रॉड के मामले दर्ज हो गए। अब तक दर्ज प्रकरणों में जालसाज तीन करोड़ 10 लाख रुपए से अधिक की रकम उड़ा चुके हैं। कई मामलों में अभी भी अधिकारियों की अनुमति के बाद एफआईआर दर्ज होना बाकी है। केंद्र सरकार की सख्ती के बाद हरकत में आई मध्यप्रदेश साइबर क्राइम टीम ने लंबित मामलों को दर्ज कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है। सबसे सनसनीखेज मामला 'डिजिटल अरेस्ट' का सामने आया है, जिसमें अहमद नगर कॉलोनी निवासी उर्मिला शुक्ला और उनके परिवार को मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी देकर ऑनलाइन बंधक जैसा बना लिया गया। बदमाशों ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर ढाई महीने तक भय का माहौल बनाया और मोटी रकम ऐंठ ली। यह वारदात 1 दिसंबर 2025 की है, जिसका मामला अब दर्ज किया गया है।

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बहाना बनाकर कर ली ठगी
ऐशबाग थाना क्षेत्र में भी दो अलग-अलग मामलों में विनोद कुमार गुप्ता और हिमांशु निगम से पांच लाख 20 हजार रुपए की ठगी की गई। आरोपियों ने अलग-अलग बहानों से दोनों को झांसे में लेकर रकम ट्रांसफर करवा ली।
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10-12 रुपए की लिंक भेजकर खाली कर रहे खाता
साइबर ठगों की चालाकी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वे महज 10 या 12 रुपए की भुगतान लिंक भेजकर लोगों के बैंक खाते खाली कर रहे हैं। बागसेवनिया के रजत विहार निवासी सुभाष चंद्र साहू को बिजली बिल का आईवीआरएस नंबर अपडेट करने के नाम पर 12 रुपए जमा करने को कहा गया। लिंक पर क्लिक करते ही उनके खाते से करीब 4 लाख 96 हजार रुपए निकल गए। इसी तरह शाहजहांनाबाद के नीलकंठ कॉलोनी निवासी विजय जुमनानी ने डॉक्टर की अपॉइंटमेंट के लिए 10 रुपए की लिंक पर क्लिक किया और 4 फरवरी को उनके खाते से करीब 3 लाख 85 हजार रुपए पार हो गए।


जांच एजेंसियों को चकमा दे रहे जालसाल
नई तकनीक अपनाकर जालसाज जांच एजेंसियों को भी चकमा दे रहे हैं। बागसेवनिया के अजय कृष्ण पांडे के मोबाइल पर एपीके फाइल भेजकर फोन हैक किया गया और 5 लाख 56 हजार रुपए से ज्यादा की रकम ट्रांसफर कर ली गई। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने रकम को चार-चार हजार रुपए की किश्तों में अलग-अलग खातों में बांट दिया, ताकि मनी ट्रेल पकड़ने के बावजूद पूरी राशि तुरंत फ्रीज न की जा सके। विजय जुमनानी के मामले में भी 3 लाख 85 हजार रुपए को 23 ट्रांजेक्शन में निकालकर छोटी-छोटी रकम में विभाजित किया गया।

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खड़े हो रहे गंभीर सवाल 
लगातार बढ़ते मामलों ने राजधानी में साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, एपीके लिंक, बिजली बिल अपडेट, लॉटरी, नौकरी और ऑफर के नाम पर हो रही ठगी से सतर्क रहने की जरूरत है। संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, किसी अज्ञात कॉलर को ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी न दें और किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।

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