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MP News: भोपाल में लाखों की नोट बरामद करने वाली टीम में शामिल आरक्षक ने थाने में की आत्महत्या की कोशिश
Mon, 20 May 2024 03:54 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 20 May 2024 03:54 PM IST
सार
भोपाल में अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में छापेमारी के बाद नोटो से भरे बैग गायब करने की भूमिका में टीआई समेत पांच पुलिसकर्मीयों को निलंबित किया जा चुका है।
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राहुल राणा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपाल के अशोका गार्डन थाने में पदस्थ एक आरक्षक बीती देर रात थाने के ऊपरी मंजिल में आत्महत्या की कोशिश की है। आत्महत्या करने की सूचना के बाद थाने का स्टॉफ कमरे में पहुंचा और आरक्षक को फंदा लगाने से पहले बचा लिया गया। वह आत्महत्या का प्रयास कर रहा था। आरक्षक अशोका गार्डन थाना पुलिस की उस टीम में शामिल था, जो कटे-फटे नोट बदलने वाले कैलाश खत्री के घर छापा मारने पहुंची थी। कैलाश खत्री के घर से नोटों से भरे 6 बैग पुलिस के लापरवाही से बैरागढ़ स्थित कैलाश खत्री के बहन के घर जाने के मामले में टीआई वंदना लाकड़ा, दो उप निरीक्षक सहित पांच पुलिसकर्मी बीते दिनों निलंबित किए जा चुके हैं। अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी डीसीपी जोन-1 जांच कर रही हैं। आत्महत्या का प्रयास करने वाला आरक्षक भी कैलाश खत्री के यहां छापा मारने वाली पुलिस टीम में शामिल था। आरक्षक को इस बात की चिंता है कि जांच के बाद उसे भी निलंबित किया जा सकता है।
इस तरह से बची आरक्षक की जान
पुलिस सूत्रों की मानें तो आरक्षक ने थाने के ऊपर की मंजिल पर जाकर एक कमरे में फंदा बनाकर झूलने वाला था। इसी बीच ग्राउंड फ्लोर में थाने के सीसीटीवी के मॉनीटर पर आरक्षक को फंदा बनाते हुए पुलिसकर्मियों ने देख लिया। इसके बाद पुलिसकर्मी दौड़ते हुए ऊपर के कमरे में पहुंचे और आरक्षक को बचा लिया। आरक्षक ने आत्महत्या से पहले थाने के एक एएसआई से खुद को बेकसूर बताते हुए रोया था। देर रात एसीपी हबीबगंज ने भी आरक्षक से बात की तो वह रोते हुए खुद को बेकसूर बताया। एसीपी ने उसके साथ किसी भी प्रकार का गलत नहीं होने का भरोसा दिलाया, इसके बाद वह शांत हो सका। बताते हैं कि उसके खिलाफ जब से जांच चल रही है, वह तभी से तनाव में रहने लगा था।
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इस तरह से बची आरक्षक की जान
पुलिस सूत्रों की मानें तो आरक्षक ने थाने के ऊपर की मंजिल पर जाकर एक कमरे में फंदा बनाकर झूलने वाला था। इसी बीच ग्राउंड फ्लोर में थाने के सीसीटीवी के मॉनीटर पर आरक्षक को फंदा बनाते हुए पुलिसकर्मियों ने देख लिया। इसके बाद पुलिसकर्मी दौड़ते हुए ऊपर के कमरे में पहुंचे और आरक्षक को बचा लिया। आरक्षक ने आत्महत्या से पहले थाने के एक एएसआई से खुद को बेकसूर बताते हुए रोया था। देर रात एसीपी हबीबगंज ने भी आरक्षक से बात की तो वह रोते हुए खुद को बेकसूर बताया। एसीपी ने उसके साथ किसी भी प्रकार का गलत नहीं होने का भरोसा दिलाया, इसके बाद वह शांत हो सका। बताते हैं कि उसके खिलाफ जब से जांच चल रही है, वह तभी से तनाव में रहने लगा था।
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