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MP News: कांग्रेस बोली- BJP मुख्यालय से दुकानें खाली करवाने उसने ही लगाई बेसमेंट में आग, CCTV फुटेज जारी किया
Sat, 07 Jan 2023 05:37 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 07 Jan 2023 05:37 PM IST
सार
केके मिश्रा ने कहा कि पार्टी मुख्यालय दीनदयाल उपाध्याय भवन को बुलडोजर से ध्वस्त कर वहां 10 मंजिला इमारत बनाना न केवल राष्ट्रीय हानि है, बल्कि वहां काबिज दुकानदारों को बेसमेंट में आग लगाकर डरा कर बेदखल करने का वातावरण बनाया जा रहा है। भाजपा का तालिबानी चेहरा है।
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कांग्रेस नेता केके मिश्रा (फाइल)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्य प्रदेश बीजेपी पर शुक्रवार को कांग्रेस ने बड़ा आरोप लगाया है। कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी मुख्यालय में बनी दुकानों को आग लगा कर खाली कराने का प्रयास किया गया। कांग्रेस ने आग लगाते एक युवक का सीसीटीवी फुटेज जारी किया गया है। साथ ही सवाल किया गया है कि अब तक आरोपी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। दरअसल बीजेपी भोपाल मुख्यालय तोड़कर नए सिरे से बनवा रही है।
प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने भाजपा पर आपराधिक मानसिकता से ग्रसित होने का गंभीर आरोप लगाया। मिश्रा ने कहा कि राजधानी भोपाल के बेशकीमती इलाके ई-2 अरेरा कॉलोनी स्थित मजबूत पार्टी मुख्यालय दीनदयाल उपाध्याय भवन को बुलडोजर से ध्वस्त कर वहां 10 मंजिला इमारत बनाना न केवल राष्ट्रीय हानि है, बल्कि वहां काबिज दुकानदारों को बेसमेंट में आग लगाकर डरा कर बेदखल करने का वातावरण बनाया जा रहा है। भाजपा का तालिबानी चेहरा है।
मिश्रा ने कहा कि 27 साल पहले निर्मित इस मजबूत भवन को भोपाल नगर पालिक निगम ने कभी भी जर्जर व जानलेवा घोषित नहीं किया है। बताया जा रहा है कि करीब 2.5 करोड़ को लागत से बने इस भवन को उस वक्त आर्थिक परेशानी से पार्टी चलाने वाले नेताओं ने कार्यकर्ताओं के सहयोग से चंदा एकत्र कर निर्माण करवाया था। पार्टी विचारधारा को ही समर्पित लोगों से बतौर पगड़ी कुछेक लाख रुपये लिए गए, इसके एवज में उन्हें वहां निर्मित दुकानें/ आफिस किरायेदारी के रूप में आवंटित किए गए, ताकि दुकानों से मिलने वाले किराए की राशि से पार्टी की आर्थिक गतिविधियां भी संचालित की जा सके। आज अपनी ही विचारधारा से संबद्ध लोग इन दुकानों/ आफिस से अपनी रोजी- रोटी कमा कर अपने परिवार का जीवनयापन कर रहे हैं।
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भाजपा ने इस इमारत पर बुलडोजर चलवाकर अब इसे ध्वस्त करवाने का काम शुरू कर दिया है। असहाय दुकानदारों को विश्वास में नहीं लिया गया, न तो उन्हें 27 साल पहले पगड़ी के रूप में लिया गया पैसा ब्याज सहित लौटाया गया, न ही उन्हें नए भवन में दुकानें दिए जाने का आश्वासन दिया गया, बल्कि उन्हें बिना समय दिए जबरिया दुकानें/ आफिस खाली किये जाने को मजबूर किया जा रहा है, यही नहीं भवन में अपने ही एक कार्यकर्ता के माध्यम से प्रायोजित तरीके से आग लगवाकर दुकानदारों और ऑफिसों में रखे व्यावसायिक/ कार्यालयीन साम्रगी को भी जलावा कर बर्बाद करने की कोशिश की गई। इसके सीसीटीवी फुटेज भी कांग्रेस जारी कर रही है।
आग की घटना के बाद फायर ब्रिगेड ने जहां आग बुझाई, हबीबगंज थाने में आग की घटना की एफआईआर भी हुई है। कांग्रेस जानना चाहती है आखिरकार सीसीटीवी फुटेज में उपलब्ध चिन्हित आरोपी की शिनाख्त हो जाने के बाद भी उसकी गिरफ्तारी तो दूर, उससे पूछताछ भी किसके दबाव में अब तक क्यों और किसलिए नहीं की गई?
यहां अब यह सवाल भी उठना वाजिब है कि जिस भाजपा के पूर्व नेताओं ने इस भवन को कार्यकर्ताओं से चंदा-पगड़ी लेकर बनवाया उस मजबूत भवन को अब ध्वस्त कर नया भवन बनाने के लिए 150 करोड़ रु. कहां से और कैसे प्राप्त हुए? क्या यह वही भाजपा है जो पार्टी विद-ए-डिफरेंस, चाल, चरित्र व चेहरे की दुहाई देती आ रही है!
जिस तरह भाजपा ने न्यूनतम किराए पर आरटीओ दफ्तर व उसका बड़ा परिसर लिया है वह भी न्यायसंगत नहीं है। क्या कोई राजनैतिक दल किसी सरकारी विभाग के दफ्तर का भवन और उसका परिसर एक लंबे समय के लिए किराए पर ले सकता है? भाजपा और परिवहन विभाग के बीच हुए समझौते/ करार के दस्तावेज भी सार्वजनिक किए जाएं?
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प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने भाजपा पर आपराधिक मानसिकता से ग्रसित होने का गंभीर आरोप लगाया। मिश्रा ने कहा कि राजधानी भोपाल के बेशकीमती इलाके ई-2 अरेरा कॉलोनी स्थित मजबूत पार्टी मुख्यालय दीनदयाल उपाध्याय भवन को बुलडोजर से ध्वस्त कर वहां 10 मंजिला इमारत बनाना न केवल राष्ट्रीय हानि है, बल्कि वहां काबिज दुकानदारों को बेसमेंट में आग लगाकर डरा कर बेदखल करने का वातावरण बनाया जा रहा है। भाजपा का तालिबानी चेहरा है।
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मिश्रा ने कहा कि 27 साल पहले निर्मित इस मजबूत भवन को भोपाल नगर पालिक निगम ने कभी भी जर्जर व जानलेवा घोषित नहीं किया है। बताया जा रहा है कि करीब 2.5 करोड़ को लागत से बने इस भवन को उस वक्त आर्थिक परेशानी से पार्टी चलाने वाले नेताओं ने कार्यकर्ताओं के सहयोग से चंदा एकत्र कर निर्माण करवाया था। पार्टी विचारधारा को ही समर्पित लोगों से बतौर पगड़ी कुछेक लाख रुपये लिए गए, इसके एवज में उन्हें वहां निर्मित दुकानें/ आफिस किरायेदारी के रूप में आवंटित किए गए, ताकि दुकानों से मिलने वाले किराए की राशि से पार्टी की आर्थिक गतिविधियां भी संचालित की जा सके। आज अपनी ही विचारधारा से संबद्ध लोग इन दुकानों/ आफिस से अपनी रोजी- रोटी कमा कर अपने परिवार का जीवनयापन कर रहे हैं।
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भाजपा ने इस इमारत पर बुलडोजर चलवाकर अब इसे ध्वस्त करवाने का काम शुरू कर दिया है। असहाय दुकानदारों को विश्वास में नहीं लिया गया, न तो उन्हें 27 साल पहले पगड़ी के रूप में लिया गया पैसा ब्याज सहित लौटाया गया, न ही उन्हें नए भवन में दुकानें दिए जाने का आश्वासन दिया गया, बल्कि उन्हें बिना समय दिए जबरिया दुकानें/ आफिस खाली किये जाने को मजबूर किया जा रहा है, यही नहीं भवन में अपने ही एक कार्यकर्ता के माध्यम से प्रायोजित तरीके से आग लगवाकर दुकानदारों और ऑफिसों में रखे व्यावसायिक/ कार्यालयीन साम्रगी को भी जलावा कर बर्बाद करने की कोशिश की गई। इसके सीसीटीवी फुटेज भी कांग्रेस जारी कर रही है।
आग की घटना के बाद फायर ब्रिगेड ने जहां आग बुझाई, हबीबगंज थाने में आग की घटना की एफआईआर भी हुई है। कांग्रेस जानना चाहती है आखिरकार सीसीटीवी फुटेज में उपलब्ध चिन्हित आरोपी की शिनाख्त हो जाने के बाद भी उसकी गिरफ्तारी तो दूर, उससे पूछताछ भी किसके दबाव में अब तक क्यों और किसलिए नहीं की गई?
यहां अब यह सवाल भी उठना वाजिब है कि जिस भाजपा के पूर्व नेताओं ने इस भवन को कार्यकर्ताओं से चंदा-पगड़ी लेकर बनवाया उस मजबूत भवन को अब ध्वस्त कर नया भवन बनाने के लिए 150 करोड़ रु. कहां से और कैसे प्राप्त हुए? क्या यह वही भाजपा है जो पार्टी विद-ए-डिफरेंस, चाल, चरित्र व चेहरे की दुहाई देती आ रही है!
जिस तरह भाजपा ने न्यूनतम किराए पर आरटीओ दफ्तर व उसका बड़ा परिसर लिया है वह भी न्यायसंगत नहीं है। क्या कोई राजनैतिक दल किसी सरकारी विभाग के दफ्तर का भवन और उसका परिसर एक लंबे समय के लिए किराए पर ले सकता है? भाजपा और परिवहन विभाग के बीच हुए समझौते/ करार के दस्तावेज भी सार्वजनिक किए जाएं?
