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MP News: CM बोले-सभी विश्वविद्यालय अगले पांच साल का रोडमैप तैयार करे, रोजगार परख विषय पाठ्यक्रम में शामिल करें
Mon, 13 Oct 2025 09:56 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 13 Oct 2025 09:56 PM IST
सार
Higher Education, Employability Courses, MP University, Faculty of Agriculture, Dairy Technology, Ayurveda University, Startup, Research Centre, Digital Assessment, Pradhan Mantri Usha Project
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में सीएम ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों को विश्वस्तरीय बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ये संस्थान आईआईटी, आईआईएम और अन्य राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों की तर्ज पर विकसित किए जाएँ। सिर्फ सैद्धांतिक शिक्षा पर नहीं, बल्कि रोजगारपरक एवं बहुउद्देश्यीय पाठ्यक्रम भी सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में प्रारंभ किए जाएं।
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मुख्यमंत्री ने अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में अगले सत्र से कृषि संकाय और सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन में बीटेक में डेयरी टेक्नॉलॉजी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विमानन क्षेत्र में रोजगार के अवसर हैं, इसलिए संबंधित पाठ्यक्रम विश्वविद्यालयों में शुरू किए जाएँ। महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का समग्र अध्ययन कराया जाए और इसे आयुर्वेद विश्वविद्यालय बनाने पर गंभीर विचार किया जाए। मुख्यमंत्री ने सभी विश्वविद्यालयों को अगले पांच साल का रोड-मैप तैयार करने और रोजगारपरक विषय जैसे कृषि, उद्यानिकी, फ्लोरीकल्चर, टूरिज्म, माइनिंग, विमानन, दुग्ध उत्पादन और पशुपालन पर पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय न केवल विद्यार्थियों को ज्ञान दें, बल्कि उनकी उद्यमशीलता को भी बढ़ावा दें।
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साथ ही उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध करने, रिक्त पदों पर नियुक्तियां पूरी करने और नर्सिंग एवं पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। झाबुआ में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 70 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने बताया कि प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में 384 शोध केंद्र संचालित हैं और 100 नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। सभी विश्वविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ स्थापित किए जा चुके हैं। राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (SAC) का गठन हो चुका है और डिजिटल उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू हो चुका है।
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प्रधानमंत्री उषा परियोजना के तहत तीन विश्वविद्यालयों में 326 करोड़ रुपए की लागत से 38 अधोसंरचना कार्य मंजूर हुए हैं। इनमें कन्या छात्रावास, कृषि भवनों का विस्तार, ऑडिटोरियम निर्माण और प्रयोगशालाओं का उन्नयन शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों में रोजगारपरक पाठ्यक्रम, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास और शोध कार्यों के माध्यम से विद्यार्थियों को स्थानीय रोजगार और उद्यमशीलता के अवसर प्रदान किए जाएंगे। उनका मानना है कि इन प्रयासों से मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में देश में अग्रणी बन सकता है।
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प्रधानमंत्री उषा परियोजना के तहत तीन विश्वविद्यालयों में 326 करोड़ रुपए की लागत से 38 अधोसंरचना कार्य मंजूर हुए हैं। इनमें कन्या छात्रावास, कृषि भवनों का विस्तार, ऑडिटोरियम निर्माण और प्रयोगशालाओं का उन्नयन शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों में रोजगारपरक पाठ्यक्रम, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास और शोध कार्यों के माध्यम से विद्यार्थियों को स्थानीय रोजगार और उद्यमशीलता के अवसर प्रदान किए जाएंगे। उनका मानना है कि इन प्रयासों से मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में देश में अग्रणी बन सकता है।
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